कक्षा 12 सेवाओं वाले CBSE पोर्टल को बनाया गया निशाना, जांच में जुटी IFSO इकाई

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई के परिणाम घोषित होने के बाद की सेवाओं से संबंधित (पोस्ट रिजल्ट सर्विसेज) पोर्टल को निशाना बनाकर किए गए साइबर हमलों को लेकर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पोर्टल को कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन जैसी सेवाओं के लिए दो जून…

कक्षा 12 सेवाओं वाले CBSE पोर्टल को बनाया गया निशाना, जांच में जुटी IFSO इकाई

नई दिल्ली

 दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई के परिणाम घोषित होने के बाद की सेवाओं से संबंधित (पोस्ट रिजल्ट सर्विसेज) पोर्टल को निशाना बनाकर किए गए साइबर हमलों को लेकर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पोर्टल को कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन जैसी सेवाओं के लिए दो जून को शुरू किया गया था।

पुलिस के अनुसार, सीबीएसई की ओर से ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस’ (आईएफएसओ) इकाई में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 43(एफ) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले बोर्ड ने एक बयान में कहा कि उसके ‘पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल’ को निशाना बनाकर किए गए ‘समन्वित और परिष्कृत साइबर हमलों की शृंखला’ के संबंध में दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ इकाई के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है।

बोर्ड ने कहा कि पिछले तीन दिनों से परिणाम घोषित होने के बाद की सेवाओं से संबंधित उसके पोर्टल पर लगातार साइबर हमले किए जा रहे थे। इन हमलों में बड़ी मात्रा में संदिग्ध और नुकसान पहुंचाने वाले ‘इंटरनेट ट्रैफिक’ इस्तेमाल किया गया, जो देश के भीतर और विदेश में मौजूद कई अलग-अलग आईपी एड्रेस से आ रहा था।

सीबीएसई ने कहा, ‘चूंकि यह पोर्टल देश भर के लाखों छात्रों को परिणाम के बाद की सेवाएं प्रदान करता है, इसलिए इसके कामकाज में किसी भी प्रकार की बाधा से बड़ी संख्या में हितधारकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने, जनता को काफी असुविधा होने, सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने और बोर्ड के खिलाफ छात्रों में असंतोष पैदा होने की आशंका है।’
बोर्ड ने आरोप लगाया कि हमलों का स्पष्ट उद्देश्य मंच को बाधित करना, वैध उपयोगकर्ताओं की पहुंच को रोकना और राष्ट्रीय विरोधी तत्वों द्वारा अनधिकृत रूप से जानकारी निकालने का प्रयास करना था।
सीबीएसई ने दावा किया कि सभी हमलों को सफलतापूर्वक ‍विफल कर दिया गया और उसके प्रणाली से किसी भी प्रकार की डेटा चोरी या उस तक अनधिकृत पहुंच का पता नहीं चला।
सीबीएसई ने कहा कि आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी), सीईआरटी-इन और अन्य केंद्रीय सरकारी एजेंसियों की साइबर सुरक्षा टीम के सहयोग से निरंतर 24 घंटे निगरानी और प्रतिक्रिया तंत्र के माध्यम से हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम किया गया।

कैसे सामने आया यह विवाद?
यह घटनाक्रम कक्षा 12 के कुछ छात्रों की शिकायतों को लेकर उठे विवाद के बीच सामने आया है। छात्रों का आरोप है कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं। कैबिनेट सचिवालय ने मंगलवार को सीबीएसई द्वारा ओएसएम प्रणाली के लिए सेवाओं की खरीद की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

 

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