,

यूपी पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: 6 एनकाउंटर, एक बदमाश ढेर; कौन था भानु प्रताप सिंह?

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ का एक्शन लगातार जारी है. अयोध्या से लेकर झांसी, लखनऊ, हापुड़ और चंदौली तक पुलिस ने मुठभेड़ों और छापेमारी के जरिए कई बड़े अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया है या तो ढेर किया है. इस कार्रवाई से अपराधियों में दहशत का माहौल है. आइए…

यूपी पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: 6 एनकाउंटर, एक बदमाश ढेर; कौन था भानु प्रताप सिंह?

 लखनऊ
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ का एक्शन लगातार जारी है. अयोध्या से लेकर झांसी, लखनऊ, हापुड़ और चंदौली तक पुलिस ने मुठभेड़ों और छापेमारी के जरिए कई बड़े अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया है या तो ढेर किया है. इस कार्रवाई से अपराधियों में दहशत का माहौल है. आइए जानते हैं कि 24 घंटे में कहां-कहां मुठभेड़ हुई…

अयोध्या
सबसे बड़ी कार्रवाई अयोध्या में हुई, जहां प्रयागराज एसटीएफ यूनिट और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में घायल भानु प्रताप सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. भानु पर आजमगढ़ से एक लाख, अंबेडकर नगर से पचास हजार और गोरखपुर से पंद्रह हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के मुताबिक वह कॉन्ट्रैक्ट किलर और डकैत था व उसके खिलाफ हत्या और डकैती समेत 40 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे। 

झांसी
उधर झां
सी में हत्या के मामले में वांछित दो आरोपियों को पुलिस ने आधी रात के बाद मुठभेड़ में घेर लिया. पुलिस की गोली लगने से एक आरोपी घायल हो गया, जबकि दूसरे ने सरेंडर कर दिया. दोनों पर 24 घंटे पहले हुई हत्या में शामिल होने का आरोप है. पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। 

लखनऊ
लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में महिला से छेड़छाड़, मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सुमित कश्यप को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसके साथी सनी उर्फ शनि कश्यप का नाम सामने आया. पुलिस मुठभेड़ के बाद दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। 

हापुड़
हापुड़ में व्यापारी नरेंद्र कबाड़ी के घर हुई लूटकांड की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि वारदात में शामिल कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मामले का विस्तृत खुलासा एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह करेंगे। 

चंदौली
वहीं चंदौली में 24 घंटे पहले हुए हत्याकांड के मुख्य शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हुआ। 

अयोध्या एनकाउंटर में मारे गए इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह की क्राइम कुंडली 

गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के बिखनापुर गांव का निवासी भानु प्रताप सिंह पूर्वांचल के कई जिलों में आतंक का पर्याय बना हुआ था. प्रयागराज एसटीएफ के इंस्पेक्टर जेपी राय के नेतृत्व में टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी की, जिसके बाद हुई फायरिंग में भानु गोली लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. भानु पर आजमगढ़, अंबेडकरनगर और गोरखपुर समेत विभिन्न जनपदों से कुल मिलाकर 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम घोषित थे. वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। 

15 सालों का खौफनाक आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक था. साल 2010 से लेकर 2025 तक उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे. उस पर गोरखपुर, आजमगढ़, संतकबीरनगर, मऊ, बस्ती, देवरिया और अंबेडकरनगर सहित कई जिलों में 40 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे. वह पूर्वांचल के संगठित अपराध गिरोहों से जुड़ा हुआ था और सुपारी लेकर हत्या करने वाले शातिर कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में सक्रिय था। 

हत्या, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत दर्जनों धाराएं
भानु के खिलाफ दर्ज मुकदमों में कानून की सबसे गंभीर धाराएं शामिल थीं. उसके अपराध इतिहास में- 

हत्या और साजिश: हत्या (302 IPC), हत्या का प्रयास (307 IPC) और हत्या की साजिश (120B IPC)

लूट और अपहरण: डकैती (395, 397 IPC), लूट (392, 394 IPC) और अपहरण (363, 366 IPC)

संगठित अपराध व अन्य: गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, धोखाधड़ी (420 IPC) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम। 

ध्वस्त हुआ पूर्वांचल का नेटवर्क
भानु के खिलाफ सबसे ज्यादा मुकदमे गोरखपुर, आजमगढ़ और संतकबीरनगर में दर्ज थे. आजमगढ़ के महाराजगंज, अहरौला और अतरौलिया थानों के मामलों में वह वांछित था. दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने भानु की मौत की मौत की पुष्टि की है. एसटीएफ का मानना है कि इस एनकाउंटर से पूर्वांचल का एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। 

आपको बता दें कि यूपी में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है. अलग-अलग जिलों में हुई इन कार्रवाइयों को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बड़ी सफलता माना जा रहा है. फिलहाल सभी मामलों में आगे की जांच जारी है। 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports