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राजस्थान में रॉक फास्फेट उत्पादन बढ़ाने और नई खनन संभावनाएं तलाशने पर जोर

जयपुर अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने राजस्थान स्टेट माइंस एवं मिनरल्स (आरएसएमएम) को फ्यूचरिस्टिक एप्रोच अपनाते हुए खनिजों के उत्पादन, विपणन और वार्षिक कारोबार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। खेती-किसानी के जरुरी राॅक फास्फेट के उत्पादन में आरएसएमएम का लगभग एकाधिकार है। उन्होंने कहा कि वित वर्ष के शेष माहों…

राजस्थान में रॉक फास्फेट उत्पादन बढ़ाने और नई खनन संभावनाएं तलाशने पर जोर

जयपुर
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने राजस्थान स्टेट माइंस एवं मिनरल्स (आरएसएमएम) को फ्यूचरिस्टिक एप्रोच अपनाते हुए खनिजों के उत्पादन, विपणन और वार्षिक कारोबार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। खेती-किसानी के जरुरी राॅक फास्फेट के उत्पादन में आरएसएमएम का लगभग एकाधिकार है। उन्होंने कहा कि वित वर्ष के शेष माहों का रोडमैप बनाकर क्रियान्वयन किया जाता है तो उसके अच्छे व सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

एसीएस माइंस श्रीमती अपर्णा अरोरा शुक्रवार को सचिवालय के मंथन कक्ष में आरएसएमएम के कार्यों की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने कहा कि राजस्थान खनिज संपदा युक्त प्रदेश है। आरएसएमएम द्वारा राॅक फास्फेट, लाइमस्टोन, लिग्नाइट और जिप्सम का खनन और बिक्री की जा रही है। हाल ही समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आरएसएमएम का वार्षिक कारोबार करीब 1922 करोड़ रुपए का रहा है। हमें वार्षिक कारोबार और लाभदायकता बढ़ाने के समग्र एवं योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे।

श्रीमती अपर्णा अरोरा ने कहा कि आरएसएमएम को पोटाश के एक्सप्लोरेशन और खनन की संभावनाओं को तलाशने के ठोस प्रयास करने होंगे। इसके साथ ही नए क्षेत्रों में प्रवेश की संभावनाओं का आकलन करना होगा। उन्होंने लंबित विधानसभा प्रश्नों के उत्तर भिजवाने, बकाया ऑडिट पेराज के निस्तारण, रिक्त पदों पर भर्ती, जांच प्रकरणों का समयबद्ध निष्पादन और पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित कर कार्मिकों की बकाया डीपीसी कराने के निर्देश दिए।

आरएसएमएम के प्रबंध निदेशक श्री पी. रमेेश ने बताया कि आरएसएमएम में आर एण्ड डी प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है ताकि खनन क्षेत्र में शोध को बढ़ावा दिया जा सके और देश दुनिया में आ रही नवीनतम तकनीक को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयोग की संभावनाएं तलाशी जा सके। इसके साथ ही यह प्रकोष्ठ बाजार मांग व आपूर्ति का भी अध्ययन कर समय समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

एमडी श्री पी. रमेश ने बताया कि आरएसएमएम का वार्षिक टर्न ओवर 1922 करोड़ रु. से अधिक का रहा है और चालू वित्तीय वर्ष में वार्षिक कारोबार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। आरएसएमएम द्वारा हाल ही समाप्त वित्तीय वर्ष में 70 करोड़ 64 लाख टन खनिजों की बिक्री की गई है। इसमें 41 लाख 95 हजार टन लाइमस्टोन, 17 लाख 65 हजार टन राॅक फाॅस्फेट, 9 लाख 24 हजार टन लिग्नाइट और एक लाख 80 हजार टन जिप्सम की बिक्री की गई । उन्होंने कहा कि इस साल कारोबार में और अधिक वृद्धि के समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं।

समीक्षा बैठक में विशिष्ट सचिव माइंस श्रीमती नम्रता वृष्णि, उप सचिव माइंस श्री राकेश कुमार, ओएसडी श्री श्रीकृष्ण शर्मा, ओएसडी तकनीकी श्री सुनील कुमार वर्मा, आरएसएमएम की कार्यकारी निदेशक प्रशासन श्रीमती कीर्ति राठौड़, वित्तीय सलाहकार श्रीमती भारती राज, समूह महाप्रबंधक लिग्नाइट श्री अरुण सिंह, प्रभारी लाइमस्टोन श्री शैलेश जोशी, समूह महाप्रबंधक परियोजना श्री नरेश एलयानी, प्रभारी मार्केटिंग श्री हनुमत सिंह, प्रभारी बजरी श्री शंकर लाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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