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सामुदायिक सुरक्षा शिविरों में पुलिस अब सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं कौशल विकास की भी बना रही है मजबूत आधारशिला

भोपाल.  सृजन बालिका सुरक्षा महासम्मेलन" के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को व्यापक सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए कार्य कर रही है। इस पहल का उद्देश्य केवल अपराधों से संरक्षण सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि बच्चों एवं युवाओं के स्वस्थ, शिक्षित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग एवं…

सामुदायिक सुरक्षा शिविरों में पुलिस अब सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं कौशल विकास की भी बना रही है मजबूत आधारशिला

भोपाल. 
सृजन बालिका सुरक्षा महासम्मेलन" के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को व्यापक सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए कार्य कर रही है। इस पहल का उद्देश्य केवल अपराधों से संरक्षण सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि बच्चों एवं युवाओं के स्वस्थ, शिक्षित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग एवं अवसर उपलब्ध कराना भी है। इसी दृष्टिकोण के साथ महासम्मेलन में सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई।

महासम्मेलन के दौरान आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। संस्थान के लगभग 30 विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल द्वारा 300 से अधिक किशोर-किशोरियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य शिविर में सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ किशोर स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, एनीमिया, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विशेषज्ञ परामर्श प्रदान किया गया। चिकित्सकों ने किशोरों से संवाद करते हुए उन्हें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल, नशे से दूरी, सोशल मीडिया एवं स्क्रीन टाइम के संतुलित उपयोग तथा तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर जागरूक किया। बालिकाओं एवं बालकों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों एवं चिकित्सकों से खुलकर चर्चा करें।

महासम्मेलन में युवाओं के भविष्य निर्माण को ध्यान में रखते हुए आईटीआई, कौशल विकास संस्थानों एवं रोजगार मार्गदर्शन विशेषज्ञों द्वारा विशेष करियर काउंसलिंग एवं कौशल विकास सत्र आयोजित किए गए। इसमें विद्यार्थियों को विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, स्वरोजगार के अवसरों, स्टार्टअप संभावनाओं तथा शासन की कौशल विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उनकी रुचि, योग्यता एवं क्षमताओं के अनुरूप करियर चयन के संबंध में व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के बच्चों और युवाओं को ऐसा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, जिसमें वे स्वस्थ, शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में विकसित हो सकें। इसी सोच के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण आयामों को एक मंच पर जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। महासम्मेलन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, कौशल विकास विशेषज्ञों तथा पुलिस विभाग की संयुक्त सहभागिता ने यह संदेश दिया कि बच्चों का सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त भविष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी और सहभागिता से सुनिश्चित किया जा सकता है। "सृजन" केवल सुरक्षा का अभियान नहीं, बल्कि सुरक्षित, स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर युवा पीढ़ी के निर्माण का एक सामाजिक संकल्प बनकर उभर रहा है।

 

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