,

कूनो नेशनल पार्क-चीतों का नया घर ही नहीं, अब सफल ग्लोबल ब्रीडिंग सेंटर

भोपाल मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क अब चीतों का केवल आश्रय स्थल नहीं रहा, बल्कि एक सफल चीता प्रजनन केन्द्र के रूप में दुनिया भर..

Varad Avatar

by

5 minutes

Read Time

कूनो नेशनल पार्क-चीतों का नया घर ही नहीं, अब सफल ग्लोबल ब्रीडिंग सेंटर

भोपाल
मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क अब चीतों का केवल आश्रय स्थल नहीं रहा, बल्कि एक सफल चीता प्रजनन केन्द्र के रूप में दुनिया भर में अलग पहचान बना चुका है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते यहां की जलवायु और पारिस्थितिकी तंत्र में पूरी तरह से रच बस गये हैं। कूनो की धरती अब आये दिन नन्हे शावकों की किलकारियों से गूंज रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का लुप्त हो चुके चीतों के देश में फिर से बसाने का सपना ‘प्रोजेक्ट चीता’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केन्द्र-राज्य के विभागों के समन्वय और प्रबंधन से वन्य-जीव संरक्षण के क्षेत्र में नये इतिहास लिखे जाने के साथ साकार हो रहा है।
चुनौतियों पर विजय के बाद मिली ऐतिहासिक सफलता
प्रोजेक्ट चीता का प्रारंभिक चरण शुरुआती चुनौतियों से भरा हुआ था, लेकिन कूनो की आबोहवा और विभाग के विशेषज्ञों के कुशल प्रबंधन ने सभी चुनौतियों से पार पाते हुए वन्य-जीव संरक्षण की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लुप्त प्रजाति की पुनर्स्थापना का सफलतम पर्याय बना दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और पर्याप्त शिकार चीतों के प्रजनन के लिए बेहद अनुकूल सिद्ध हुए हैं। मादा चीतों द्वारा लगातार शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि वे तनावमुक्त हैं और कूनो को अपना प्राकृतिक आवास मान चुकी हैं।
बढ़ता कुनबा : प्रोजेक्ट चीता की नई उड़ान

             नए शावकों का जन्म: अप्रैल 2026 में मादा चीता गामिनी ने 3 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इससे पहले फरवरी-मार्च 2026 में ज्वाला, निर्वा और आशा भी शावकों को जन्म दे चुकी हैं।
             कुल संख्या: कूनो में चीतों की संख्या अब 57 हो चुकी है।
             भारत में जन्मे शावक: 27 से अधिक शावकों का जन्म भारत में ही हुआ है, जो इस परियोजना की सबसे बड़ी सफलता है।
             विदेशी सहयोग: फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 8-9 नए चीते लाए गए, जिससे परियोजना को और मजबूती मिली।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
कूनो का ब्रीडिंग सेंटर बनना केवल पर्यावरणीय उपलब्धि नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। चीतों की बढ़ती संख्या के साथ यहां वाइल्डलाइफ टूरिज्म की संभावनाएं कई गुना बढ़ गई हैं। इससे श्योपुर और आसपास के जिलों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय युवाओं के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं।
प्रोजेक्ट चीता-एक ऐतिहासिक यात्रा
             17 सितंबर 2022: प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नामीबिया से आए 8 चीतों को कूनो में छोड़ा— यह दुनिया का पहला अंतरमहाद्वीपीय बिग प्रेडेटर स्थानांतरण पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट था।

             फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते आए।
             मार्च 2023: ज्वाला ने 70 वर्षों बाद भारत में पहले शावकों को जन्म दिया।
             2024: आशा और गामिनी जैसी मादा चीतों ने नई पीढ़ी को जन्म दिया, जिसमें गामिनी ने एक साथ 5 शावकों का रिकॉर्ड बनाया।
             2025-26: नई खेप के साथ प्रोजेक्ट का विस्तार और शावकों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती गई।

नई पीढ़ी और भविष्य की दिशा
कूनो में अब दूसरी पीढ़ी के चीते भी विकसित हो रहे हैं। मुखी जैसी भारत में जन्मी मादा चीता का शावकों को जन्म देना पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट में जैनेटिक ब्रीडिंग के रूप में मील का पत्थर माना जा रहा है। वन विभाग अब शावकों की पहचान नामों के बजाय कोड (जैसे KP-1, KP-2) से कर रहा है, ताकि उनकी वंशावली को वैज्ञानिक तरीके से ट्रैक किया जा सके।
आगे की योजना-दूसरा घर तैयार
कूनो पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य को चीतों के दूसरे घर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे प्रोजेक्ट चीता को और विस्तार मिलेगा और भारत में चीतों की स्थायी वापसी सुनिश्चित होगी।
कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या और सफल प्रजनन ने यह साबित कर दिया है कि भारत में चीतों की वापसी का सपना अब साकार हो रहा है। यह परियोजना न केवल वन्यजीव संरक्षण का उदाहरण बन रही है, बल्कि पर्यावरण, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था — तीनों क्षेत्रों में एक नई ऊर्जा का संचार कर रही है।
कूनो नेशनल पार्क : ‘प्रोजेक्ट चीता’ की विस्तृत टाइमलाइन
शुरुआत और ऐतिहासिक आगमन (2022)

             17 सितंबर 2022: प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों (5 मादा, 3 नर)को कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़ों में छोड़ा।
             यह दुनिया का पहला अंतर्महाद्वीपीय मांसाहारी प्रजाति (प्रेडेटर) का बड़ा स्थानांतरण था, जिसने भारत में चीतों की वापसी की ऐतिहासिक शुरुआत की।

विस्तार और पहली बड़ी सफलता (2023)

             18 फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से12 और चीते कूनो लाए गए, जिससे कुल संख्या 20 हो गई।
             27 मार्च 2023: नामीबियाई मादा चीता सियाया (ज्वाला)ने 4 शावकों को जन्म दिया — यह 70 वर्षों बाद भारत में जन्मे पहले चीते थे।

             मई–अगस्त 2023: संक्रमण व अन्य कारणों से कुछ चीतों और शावकों की मृत्यु हुई। इसके बाद सभी चीतों को स्वास्थ्य परीक्षण हेतु बोमामें रखा गया।
पुनर्वास और नई पीढ़ी का उदय (2024)
             जनवरी 2024: मादा चीता आशा ने 3 शावकों को जन्म दिया।
             इसके बाद ज्वालाने दोबारा 4 शावकों को जन्म देकर प्रजनन क्षमता साबित की।
             मार्च 2024: मादा चीता गामिनीने एक साथ 5 शावकों को जन्म देकर रिकॉर्ड बनाया।

             अगस्त–दिसंबर 2024: चीतों को धीरे-धीरे फिर से खुले जंगलमें छोड़ा गया, जिससे उनका प्राकृतिक व्यवहार पुनर्स्थापित हुआ।

नई उपलब्धियां और विस्तार (2025–2026)
             नवंबर 2025: भारत में जन्मी मादा चीता मुखी ने वयस्क होकर 5 शावकों को जन्म दिया — इसे ‘जेनेटिक मील का पत्थर’ माना गया।

             फरवरी 2026: प्रोजेक्ट को विस्तार देते हुए बोत्सवाना से 9 नए चीते (6 मादा, 3 नर) कूनो लाए गए।
             मार्च–अप्रैल 2026: गामिनी, निर्वा और ज्वालाने नए शावकों को जन्म दिया, जिससे भारत में जन्मे चीतों की संख्या तेजी से बढ़ी।
             अप्रैल 2026: कूनो में चीतों की कुल संख्या (शावकों सहित) 57 तक पहुंच गई है।

पहचान और नामकरण की विशेष व्यवस्था

             कूनो में चीतों की पहचान नाम, लिंग और मूल देश के आधार पर की जाती है।
             2022–23 में आए चीतों के विदेशी नामों को बदलकर भारतीय नाम दिए गए।

नामीबिया से आए प्रमुख चीते (2022)

             आशा– सफल मातृत्व का उदाहरण
             ज्वाला– भारत में 70 साल बाद शावकों को जन्म देने वाली
             पवन– घुमक्कड़ स्वभाव
             नाभा, धात्री– शांत व सतर्क
             गौरव और शौर्य– कोएलिशन बनाकर क्षेत्र विस्तार करने वाले

दक्षिण अफ्रीका से आए चीते (2023)

             मादा: गामिनी, निर्वा, वीरा, धीरा, दक्षा
             नर: अग्नि, वायु, तेजस, सूरज, उदय, प्रभास, पावक
             अग्नि और वायु की जोड़ी बड़े क्षेत्र में सक्रिय रही

भारत में जन्मी नई पीढ़ी
         मुखी: भारत में जन्मी पहली मादा चीता जिसने आगे शावकों को जन्म दिया
 

About the Author

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports