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कोर्ट केस और नोटिस के बाद आगरा प्रशासन ने मजार शिफ्टिंग का लिया फैसला

आगरा आगरा पुलिस प्रशासन ने एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने बीच सड़क स्थित विवादित मजार को हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. यातायात बाधित होने और हादसों की आशंका के कारण इस मजार को हटाने की मांग लंबे समय से हो रही थी. प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच कई दौर…

कोर्ट केस और नोटिस के बाद आगरा प्रशासन ने मजार शिफ्टिंग का लिया फैसला

आगरा
आगरा पुलिस प्रशासन ने एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने बीच सड़क स्थित विवादित मजार को हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. यातायात बाधित होने और हादसों की आशंका के कारण इस मजार को हटाने की मांग लंबे समय से हो रही थी.

प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच कई दौर की चर्चा के बाद सहमति बनी, जिसके तहत अब कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच पुलिस बल की निगरानी में मजार को शिफ्ट किया जा रहा है. इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर एमजी रोड के इस रास्ते को रोक दिया गया है.

हिंदूवादी नेता ने दायर किया था कोर्ट में वाद
इस मजार को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद भी चल रहा था. हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दोनों मजारों के ध्वस्तीकरण की मांग को लेकर अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दायर किया था. वादी का आरोप था कि यह मजार और दरगाह सरकारी भूमि पर बनी हैं.

अधिकारियों को जारी हुआ था समन
इससे पहले कुंवर अजय तोमर ने 19 जनवरी 2026 को धारा 80 सीपीसी के तहत नोटिस भेजकर कार्रवाई की मांग की थी. अधिकारियों द्वारा समय सीमा में जवाब न देने पर उन्होंने कोर्ट का रुख किया. इसके बाद न्यायाधीश श्वेत्शा चंद्रा की अदालत ने वाद स्वीकार करते हुए आगरा के जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को समन जारी किए थे. आखिरकार अब सहमति से शिफ्टिंग की कार्रवाई की जा रही है.

पक्षकार का बयान
योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष और ताजमहल-तेजोमहालय केस के पक्षकार हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर लगातार इसके लिए लड़ रहे थे. कुंवर अजय तोमर ने मजार के ध्वस्तीकरण के लिए 19 जनवरी 2026 को आगरा नगर निगम के नगर आयुक्त, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता और डीएम को धारा 80 सीपीसी का नोटिस भेजा था जिस पर अधिकारियों ने ना कोई संज्ञान लिया और ना कोई कार्रवाई की थी, जिसके बाद उन्होंने 10 अप्रैल 2026 को अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में वाद दाखिल किया था. जिसमें अभी अगले महीने 21 जुलाई को सुनवाई भी होनी है लेकिन उससे पहले ही अब प्रशासन ने मजार पर कार्रवाई कर दी है.

यह मामला डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तक भी पहुंचा था और उन्होंने भी अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए थे. वहीं, कुंवर अजय तोमर ने पूरी कार्रवाई पर प्रशासन का आभार जताया है और इस कार्रवाई को अपनी बड़ी जीत बताया है उन्होंने कहा कि यह आगरा वासियों के लिए  राहत भरी खबर है इससे कहीं ना कहीं अब जाम की समस्या से राहत मिलेगी, यातायात बाधित नहीं होगा.

तोमर ने कहा कि हमारी लड़ाई यही नहीं रुकेगी सामने नागरी प्रचारिणी के बराबर में बनीं दरगाह का भी आधा हिस्सा अवैध है उस पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी चाहिए. अजय तोमर का कहना है कि कोर्ट में हमने जो वाद दाखिल किया है उसमें एमजी रोड वाली मजार और सामने बनी दरगाह दोनों शामिल है.

बता दें कि कुंवर अजय तोमर ने इसके अलावा 27 मस्जिदों मजारों और दरगाहों पर कार्रवाई के लिए एक और धारा 80 सीपीसी का नोटिस नगर निगम के नगर आयुक्त, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता, आगरा के डीएम और छावनी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजा है.

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