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डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ में बोले सीएम योगी, उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से निकलकर देश की टॉप-3 इकोनॉमी में शामिल

लखनऊ/नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से सोमवार को वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू हो गया। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर को एक नया और आधुनिक एयरपोर्ट मिल गया है। उल्लेखनीय है…

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ में बोले सीएम योगी, उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से निकलकर देश की टॉप-3 इकोनॉमी में शामिल

लखनऊ/नोएडा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से सोमवार को वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू हो गया। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर को एक नया और आधुनिक एयरपोर्ट मिल गया है। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ान इंडिगो एयरलाइंस की रही। सुबह लखनऊ से आई पहली फ्लाइट का स्वागत किया गया, जबकि इसके बाद बेंगलुरु के लिए पहली उड़ान रवाना हुई। इंडिगो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सेवाएं शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बन गई है।

पहली उड़ान के साथ शुरू हुआ नया अध्याय

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की शुरुआत इंडिगो की उद्घाटन उड़ान से हुई। सोमवार सुबह लखनऊ से उड़ान भरकर पहली फ्लाइट जेवर एयरपोर्ट पहुंची, जबकि इसके बाद पहली प्रस्थान उड़ान बेंगलुरु के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ एयरपोर्ट ने नियमित वाणिज्यिक सेवाओं के नए दौर में प्रवेश कर लिया। इंडिगो ने घोषणा की है कि वह चरणबद्ध तरीके से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के 16 से अधिक प्रमुख शहरों से जोड़ेगी। इनमें लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, अमृतसर, चंडीगढ़, श्रीनगर, धर्मशाला और पंतनगर जैसे महत्वपूर्ण शहर शामिल हैं। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक हवाई सेवाएं मिलेंगी।

जल्द शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

एयरपोर्ट से फिलहाल घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू किया गया है, जबकि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं भी शुरू करने की योजना है। इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वैश्विक कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनकर उभरेगा और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। यहां यात्रियों को डिजीयात्रा, सेल्फ चेक-इन, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और बेहतर यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एयरपोर्ट का डिजाइन उत्तर प्रदेश की संस्कृति और परंपरा से प्रेरित है। टर्मिनल परिसर में वाराणसी के घाटों और भारतीय स्थापत्य कला की झलक देखने को मिलेगी। प्राकृतिक रोशनी और खुले स्थान यात्रियों को बेहतर अनुभव देंगे।

यात्रियों के लिए मजबूत मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट को विभिन्न परिवहन सेवाओं से जोड़ा गया है। यहां एयरपोर्ट टैक्सी, ऐप-आधारित कैब सेवाएं और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली बस सेवाएं उपलब्ध हैं। भविष्य में रेल और रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क से भी इसकी कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा।

कार्गो हब से व्यापार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यात्री सेवाओं के साथ-साथ एक बड़े कार्गो हब के रूप में भी विकसित किया गया है। एयर इंडिया सैट्स द्वारा विकसित कार्गो सुविधा की शुरुआती क्षमता दो लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 15 लाख मीट्रिक टन तक किया जाएगा। इससे ई-कॉमर्स, निर्यात और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता
एयरपोर्ट के प्रथम चरण को प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल सुविधाओं और विस्तार की संभावनाओं के साथ विकसित यह एयरपोर्ट भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

यात्री अनुभव को बनाया गया खास

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि यह केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और बेहतर यात्री अनुभव की नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि हर यात्री को आधुनिक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।

योगी सरकार के विकास मॉडल का अहम हिस्सा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं में शामिल है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक परियोजनाओं के साथ यह एयरपोर्ट प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देगा। सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद करेगा।

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