सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे ₹51,000 बढ़ने की संभावना

 नई दिल्ली  8वें वेतन आयोग को मेमोरेंडम और सुझाव सौंपने की डेडलाइन बीते 15 जून को खत्म हो चुकी है. इसका मतलब है कि अब कोई नया सुझाव स्वीकार नहीं होगा. ये आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया का पहला प्रमुख चरण था. अब फोकस कर्मचारियों और पेंशनर्श की मांगों को लेकर आयोग द्वारा की जाने…

सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे ₹51,000 बढ़ने की संभावना

 नई दिल्ली
 8वें वेतन आयोग को मेमोरेंडम और सुझाव सौंपने की डेडलाइन बीते 15 जून को खत्म हो चुकी है. इसका मतलब है कि अब कोई नया सुझाव स्वीकार नहीं होगा. ये आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया का पहला प्रमुख चरण था. अब फोकस कर्मचारियों और पेंशनर्श की मांगों को लेकर आयोग द्वारा की जाने वाली सिफारिशों पर है। 

कर्मचारी यूनियनों ने जो प्रस्ताव दिए हैं, उनमें उच्च मिनिमम बेसिक पे, DA का बेसिक पे में मर्जर के साथ ही फिटमेंट फैक्टर में संशोधन सबसे ऊपर है. Fitment Factor कर्मचारियों की सैलरी के कैलकुलेशन को एक दम से बदल देता और फिलहाल ये 2.57 लागू है, इसमें छोटा सा भी बदलाव सैलरी में बंपर उछाल ला सकता है. कर्मचारी संगठनों की डिमांड इसे बढ़ाकर 3.83 करने की है. अगर इसमें डिमांड के मुताबिक, बदलाव किया जाता है, तो फिर लगभग 55 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों को बड़ा फायदा होगा। 

Fitment Factor आखिर है क्या?
फिटमेंट फैक्टर का कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा रोल होता है, यह एक ऐसा आंकड़ा होता है, जिसका यूज केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा किसी कर्मचारी के पूर्व-संशोधित मूल वेतन (या पेंशन) को नए, संशोधित मूल वेतन में बदलने के लिए किया जाता है. इसमें किसी भी तरह का परिवर्तन सीधे सैलरी, पेंशन और संबंधित बकाया राशि को प्रभावित करता है. इसका फॉर्मूला 'New Basic Pay: Current Basic Pay x FF' होता है. फिलहाल, 7th Pay Commission के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2.57 लागू है, जिसे 3.83 करने की मांग उठ रही है। 

अब तक ऐसे बदला फिटमेंट फैक्टर
वेतन आयोगों के दौरान महंगाई और अन्य कारकों के चलते अब तक कई बार इसे बदला जा चुका है. छठे वेतन आयोग ने ये आंकड़ा 1.86 रखा गया था, जिसे 7वां वेतन आयोग लागू किए जाने के साथ 2.57 कर दिया गया था और इसका असर ये देखने को मिला कि छठे वेतन आयोग के दौरान जो न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये थी, वो एक झटके में उछलकर 18,000 रुपये हो गया। 

सरकार ने मांगी डिमांड, तो इतना सैलरी हाइक
हालांकि, सरकार को तय करना है कि फिटमेंट फैक्टर कितना किया जाएगा, सरकार 3.83 को स्वीकार नहीं करती है तो कौन सा दूसरा रास्ता निकालती है? अगर ये डिमांड मान ली जाती है, तो फिर न्यूनतम बेसिक पे 68,940 रुपये हो जाएगा. यानी 18000 रुपये मिनिमम पे वालों को करीब 51000 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी। 

लेकिन जरूरी नहीं फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर डिमांड के मुताबिक ही कर दिया जाए. 8वें वेतन आयोग के तहत अलग चयन भी हो सकता है, जैसे इसे 2.57, 3.0, 3.5 भी किया जा सकता है. ऐसे में अलग-अलग संभावनाओं के आधार पर Basic Salary Hike की गणना करें, तो 18000 रुपये न्यूनतम सैलरी… 

    फिटमेंट फैक्टर 3.0: ₹54,000
    फिटमेंट फैक्टर 3.5: ₹63,000
    फिटमेंट फैक्टर 3.83: ₹68,940

अब जिस कर्मचारी का वर्तमान बेसिक-पे 44,900 रुपये है, उसके लिए…

    फिटमेंट फैक्टर 3.0: ₹1,34,700
    फिटमेंट फैक्टर 3.5: ₹1,57,150
    फिटमेंट फैक्टर 3.83: ₹1,71,967

     
हालांकि, ये आंकड़े सिर्फ उदाहरण के लिए हैं कि आखिर कैसे फिटमेंट फैक्टर सैलरी हाइक में बड़ा रोल निभाता है. इसे लेकर वास्तविक वेतन संशोधन आयोग की अंतिम सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा। 

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