लेबर पार्टी में बढ़ा बगावत का दबाव, एंडी बर्नहैम की चुनौती के बीच स्टार्मर का भविष्य अधर में

 नई दिल्ली ब्रिटेन में जारी गहरे राजनीतिक गतिरोध के बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) के सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की संभावना है। ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार द ऑब्जर्वर ने अपनी रिपोर्ट में वरिष्ठ लेबर पार्टी के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है…

लेबर पार्टी में बढ़ा बगावत का दबाव, एंडी बर्नहैम की चुनौती के बीच स्टार्मर का भविष्य अधर में

 नई दिल्ली
ब्रिटेन में जारी गहरे राजनीतिक गतिरोध के बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) के सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की संभावना है। ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार द ऑब्जर्वर ने अपनी रिपोर्ट में वरिष्ठ लेबर पार्टी के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि स्टार्मर का पूरा ध्यान अभी भी सरकार चलाने और अपनी जिम्मेदारियों पर केंद्रित है।

आपको बता दें कि पिछले कई महीनों से प्रधानमंत्री स्टार्मर के खिलाफ लेबर पार्टी के भीतर ही असंतोष पनप रहा था, जो शुक्रवार को उस समय चरम पर पहुंच गया जब उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहैम ने उपचुनाव में संसद की सीट जीत ली। इस जीत के बाद बर्नहैम के लिए स्टार्मर के खिलाफ औपचारिक रूप से नेतृत्व की चुनौती पेश करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री स्टार्मर इस समय अपने आधिकारिक ग्रामीण निवास चेकर्स में हैं और कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले अपनी पत्नी के साथ इस विषय पर गहन चर्चा कर रहे हैं। लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उम्मीद है कि सोमवार तक उनके भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों, चंदा देने वाले दानदाताओं और ट्रेड यूनियन के नेताओं से बातचीत के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए उनकी स्थिति अब व्यावहारिक नहीं रह गई है। हालांकि, इससे पहले शुक्रवार को स्टार्मर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वे अपनी लीडरशिप के खिलाफ किसी भी चुनौती का डटकर मुकाबला करेंगे। उन्होंने लेबर पार्टी से गुटबाजी और आपसी कलह में न उलझने की अपील भी की थी।

रिकॉर्ड गिरावट पर पहुंची कीर स्टार्मर की लोकप्रियता
साल 2024 के आम चुनाव में वाम-झुकाव वाली लेबर पार्टी को प्रचंड बहुमत से ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले कीर स्टार्मर बहुत कम समय में बेहद अलोकप्रिय हो चुके हैं। सरकार के कई घोटालों, विवादों और अपनी ही नीतियों से बार-बार पीछे हटने के कारण मतदाताओं में यह संदेश गया है कि स्टार्मर जनता के जीवन स्तर को सुधारने के अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।

रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, लेबर पार्टी के ही 100 से अधिक निर्वाचित सांसद सार्वजनिक रूप से स्टार्मर के इस्तीफे या उनके हटने का शेड्यूल तय करने की मांग कर चुके हैं। यदि स्टार्मर इस्तीफा देते हैं या उन्हें पद से हटाया जाता है तो ब्रिटेन को पिछले एक दशक में अपना सातवां प्रधानमंत्री मिलेगा। सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली और अवैध अप्रवासन जैसी समस्याओं से जूझ रहे ब्रिटिश इतिहास में यह पिछले दो सौ वर्षों में सबसे कम समय में सबसे अधिक प्रधानमंत्री बदलने का रिकॉर्ड होगा।

कतार में हैं एंडी बर्नहैम और वेस स्ट्रीटिंग
56 वर्षीय एंडी बर्नहैम को लेबर पार्टी में स्टार्मर के सबसे मजबूत उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। उत्तरी इंग्लैंड में ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में अपनी मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार करने वाले बर्नहैम ने शुक्रवार को मेकरफील्ड उपचुनाव में दक्षिणपंथी लोकलुभावन नेता नाइजेल फराज की 'रिफॉर्म यूके' पार्टी को करारी शिकस्त देकर संसद में वापसी की है।

बर्नहैम ने अभी तक सीधे स्टार्मर को चुनौती नहीं दी है, लेकिन अपने विजय भाषण में उन्होंने देश के लिए एक नए रास्ते का वादा किया है। उनके समर्थकों ने स्टार्मर से गरिमा के साथ खुद पद छोड़कर सत्ता सौंपने की अपील की है। 'द टाइम्स' अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि बर्नहैम देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो वे सबसे पहले वित्त मंत्री राहेल रीव्स को बर्खास्त कर सकते हैं, क्योंकि बर्नहैम के सलाहकारों का मानना है कि रीव्स की नीतियां देश में जरूरी बदलाव लाने के अनुकूल नहीं हैं।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports