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नौगई हत्याकांड पर गरमाई सियासत, मंत्री नेताम ने पीड़ितों से की मुलाकात; CBI जांच की मांग तेज

कोरिया. छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल अब भी बना हुआ है। इसी बीच मंत्री रामविचार नेताम ने नौगई पहुंचकर मृतक भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के परिजनों से मुलाकात की। मंत्री नेताम ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए न्याय…

नौगई हत्याकांड पर गरमाई सियासत, मंत्री नेताम ने पीड़ितों से की मुलाकात; CBI जांच की मांग तेज

कोरिया.

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल अब भी बना हुआ है। इसी बीच मंत्री रामविचार नेताम ने नौगई पहुंचकर मृतक भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के परिजनों से मुलाकात की। मंत्री नेताम ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए न्याय का भरोसा दिलाया।

मृतक के परिजनों ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, सीबीआई जांच और घटना में शामिल आरोपियों के अलावा अन्य लोगों की गिरफ्तारी की भी मांग की। परिजनों की मांगों को बेहद गंभीरता से सुनते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने हर संभव कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मंत्री नेताम के साथ मौके पर स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल और शैलेश शिवहरे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जानिए पूरा मामला ?
सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत के अवैध खनन को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। 16 जून की देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह को घर के पास घेर लिया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन लगा दिया। फिर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में भरत सिंह, उनका भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे। कार सवार भरत सिंह बुरी तरह से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई नागेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह और मयंक किसी तरह बाहर निकले। कार से बाहर निकलते ही सभी की बेदम पिटाई की गई।

विरेंद्र के गले पर फरसे से वार किया गया था, गंभीर हालात में उन्हें अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान विरेंद्र के साथ ही नागेंद्र की भी मौत हो गई। इस मामले 9 लोगों के खिलाफ FIR हुई है। अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी सहित 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक की तलाश की जा रही है।

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