मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को विशेष सुविधा
अब बिल, मीटर और इंस्टॉलेशन से जुड़ी दिक्कतों का 1912 पर घर बैठे होगा समाधान
भोपाल
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के जिलों में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी द्वारा कार्यक्षेत्र में लगाए जा रहे आधुनिक स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर विशेष शिकायत दर्ज करने की सुविधा शुरू की गई है। अब उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए सीधे इस नंबर पर संपर्क कर निराकरण करा सकते हैं।
इन शिकायतों का होगा निराकरण
कंपनी द्वारा शुरू की गई इस सुविधा के अंतर्गत स्मार्ट मीटर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल करके स्मार्ट मीटर का अनुचित तरीके से इंस्टॉलेशन होना, स्मार्ट मीटर का जल जाना, डिस्प्ले बंद होना या मीटर का क्षतिग्रस्त होना, मासिक बिजली बिल का जनरेट न होना, गलत बिल जनरेशन की समस्या, बिल में एक्सपोर्ट यूनिट्स का गलत दर्ज होना, मीटर की तेज रिकॉर्डिंग के कारण बिजली का अधिक बिल आने संबंधी शिकायत, 'उपाय' (Upay) ऐप में स्मार्ट मीटर का डाटा गलत दिखना या प्रदर्शित न होना, बिजली बिल में मीटर का गलत सीरियल नंबर अंकित होना, नए स्मार्ट मीटर की स्थापना के समय प्रारंभिक (शुरुआती) रीडिंग में विसंगति होना, सोलर/नेट मीटर में परिवर्तित न होना, बिल भुगतान करने के बाद भी बिजली का रीकनेक्शन न किया जाना, नए स्मार्ट मीटर की स्थापना के समय पुराने मीटर की आखिरी रीडिंग गलत दर्ज होना तथा चेक मीटर लगाने का अनुरोध करना या अनुरोध के बावजूद चेक मीटर इंस्टॉल न होने संबंधी शिकायतों का निराकरण करा सकेंगे।
स्मार्ट मीटर पूरी तरह सुरक्षित और सटीक
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने बताया है कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर की कार्यप्रणाली, बिलिंग या इंस्टॉलेशन को लेकर कोई भी शंका या समस्या है, तो वे बिना किसी झिझक के टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं। कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज होते ही संबंधित तकनीकी टीम द्वारा प्राथमिकता के आधार पर समस्या का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा
















