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सिवनी के ‘भूतबंधानी सीताफल’ को मिला GI टैग, दुनिया भर में चमकेगा मध्यप्रदेश का नाम

 सिवनी  जिले का प्रसिद्ध जम्बो सीताफल अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकेगा। कई वर्षों से जम्बो सीताफल को जीआई टैग दिलाने में जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग को सफलता मिल गई है। मध्य भारत सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में सिवनी का जम्बो सीताफल दीपोत्सव सहित अन्य त्योहार की प्राकृतिक मिठास व अनूठा…

सिवनी के ‘भूतबंधानी सीताफल’ को मिला GI टैग, दुनिया भर में चमकेगा मध्यप्रदेश का नाम

 सिवनी
 जिले का प्रसिद्ध जम्बो सीताफल अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकेगा। कई वर्षों से जम्बो सीताफल को जीआई टैग दिलाने में जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग को सफलता मिल गई है। मध्य भारत सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में सिवनी का जम्बो सीताफल दीपोत्सव सहित अन्य त्योहार की प्राकृतिक मिठास व अनूठा स्वाद विशेष पहचान रखता है।

औषधीय गुणों से भरपूर ’जम्बो सीताफल’ की प्राकृतिक रूप से सितंबर से नवंबर के बीच सर्वाधिक पैदावार होती है। जिले के छपारा भूतबंधानी में तैयार होने वाला जम्बो सीताफल ट्रकों से हर साल कानपुर, लखनऊ, दिल्ली जैसे महानगरों में भेजा जाता है। छपारा जंगल में प्राकृतिक रूप से उगने वाले स्वादिष्ट सीताफल की उपज का लाभ आदिवासी संग्राहकों को मिलता है।

आदिवासियों की आजीविका का मुख्य जरिया 'जम्बो सीताफल’
सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्र व खेत की मेढ़ में प्राकृतिक रूप से तैयार 'जम्बो सीताफल' आदिवासियों की आजीविका का मुख्य जरिया है। 'बड़े आकार' व अनोखी 'मिठास' से विशेष पहचान बनाने वाले 'जम्बो सीताफल' की मांग साल दर साल बढ़ती जा रही है, जिससे इस पर निर्भर हजारों परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है।

लगभग 6 हजार मीट्रिक टन सीताफल का अनुमानित उत्पादन हर साल जिले में होता है, जिसके क्रय-विक्रय से 20-25 करोड़ रुपये का कारोबार दो से तीन माह में हो जाता है। जीआई टैग के मिलने से सिवनी के इस विशेष सीताफल की मार्केटिंग व बिक्री में वृद्धि होगी, सीताफल उत्पादक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

उत्पादन, विपणन में मिलेगी नई दिशा
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की सहायक संचालक डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने बताया कि भोपाल में महानियंत्रक (पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेड मार्क्स) व रजिस्ट्रार (भौगोलिक संकेत) से चेन्नई जीआई रजिस्ट्री में किए गए आवेदन सुनवाई के बाद विभाग ने सिवनी के सीताफल को जीआई टैग जारी कर दिया है। जीआई टैग के लिए किसान उत्पादक संगठन भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधि सदम सिंह बरकडे व राजकुमार भलावी ने सुनवाई में सिवनी जम्बो सीताफल की विशिष्टता तथा इसके महत्व को अधिकारियों के समक्ष रखा था।

जीआई टैग मिलने से सिवनी के सीताफल उत्पादन व विपणन में नई दिशा मिलेगी, जिससे स्थानीय सीताफल उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही यह सीताफल देशभर और विदेशों में अपनी विशेष पहचान बनाने में भी सक्षम होगा। सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है।

यह सीताफल अन्य स्थानों पर पाए जाने वाले सीताफलों से कहीं अधिक बड़ा और अधिक मीठा होता है। इन्हीं विशेषताओं के कारण जम्बो सीताफल को जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग दिया गया है। विशेष पहचान मिलने से जिले के सीताफल की बाजार में मांग बढ़ेगी और मूल्य में वृद्धि होने से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ निर्यात के अवसर भी बढ़ेंगे।

जम्बो सीताफल की विशिष्टता
    विशाल आकारः सिवनी के सीताफल का आकार अन्य स्थानों के सीताफल की तुलना में बहुत बड़ा होता है। जिले का सीताफल 400 ग्राम से अधिक बड़ा होता है। कुछ फल एक किग्रा तक भी होता है। अन्य जिलों का सीताफल औसत रूप से 100 से 150 ग्राम का होता है जबकि सिवनी जिले का छोटा फल भी 200 ग्राम से ज्यादा वजन का होता है।

विशिष्ट स्वाद: जिले के सीताफल का स्वाद सबसे हटके है। यहां का सीताफल बहुत मीठा होता है अन्य स्थानों के सीताफल पनीले पानी के स्वाद का होता है।
प्राकृतिक उत्पादन: जिले का सीताफल प्राकृतिक रूप से पैदावार होने के कारण पूर्णतः जैविक होता है, किसी भी प्रकार का खाद, उर्वरक का उपयोग नहीं किया जाता है।
पल्प की अधिक मात्रा: जिले के सीताफल में पल्प (गूदा) की मात्रा अधिक होती है।

 

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