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9 दिन की देरी के बाद प्रदेश पहुंचा मानसून, दो सीमाओं से हुई दमदार दस्तक

भोपाल  इस बार दक्षिण–पश्चिम मानसून की जोरदार एंट्री प्रदेश की दो सीमाओं से हुई है। प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी इलाकों से मानसून बुधवार को दाखिल हुआ। अहम बात यह है कि राजधानी भोपाल की दहलीज पर मानसून पहुंच गया है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई है, लेकिन नर्मदापुरम तक मानसून…

9 दिन की देरी के बाद प्रदेश पहुंचा मानसून, दो सीमाओं से हुई दमदार दस्तक

भोपाल

 इस बार दक्षिणपश्चिम मानसून की जोरदार एंट्री प्रदेश की दो सीमाओं से हुई है। प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी इलाकों से मानसून बुधवार को दाखिल हुआ। अहम बात यह है कि राजधानी भोपाल की दहलीज पर मानसून पहुंच गया है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई है, लेकिन नर्मदापुरम तक मानसून पहुंच गया है, जो इस बात का संकेत है कि मानसून भोपाल से काफी करीब है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अलीराजपुर, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके चलते राजधानी समेत प्रदेश के दक्षिण हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जोरदार आंधीतूफान के साथ कहीं हल्की तो कहीं तेज वर्षा हुई।

9 दिन की देरी से हुई एंट्री

मौसम केंद्र के पूर्वानुमान अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में मानसून के कदम रखने की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है। लेकिन इस बार मानसून तय समय से 9 दिन की देरी से पहुंचा। अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लेगा।

वर्ष 2020 में 15 जून को पहुंचा था मानसून

दस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून वर्ष 2020 में 15 जून को पहुंचा था। उसके बाद से अब तक एक भी बार तय समय में मानसून नहीं आया। पिछले साल 16 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ था और राजधानी भोपाल में इसकी एंट्री 18 जून को हुई थी।

राजधानी में शाम को हुई झमाझम वर्षा

प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी भोपाल में बुधवार शाम को गरजचमक के साथ झमाझम वर्षा हुई दिन में तीखी धूप से राजधानीवासी बेहाल थे, शाम को अचानक आसमान पर काले बादल छाए और तेज हवा चलने के साथ वर्षा हुई। इससे राजधानीवासियों को गर्मी और उमस से राहत महसूस हुई।

अब तक सामान्य से 50 प्रतिशत कम हुई वर्षा

एक जून से 24 जून तक प्रदेश में सामान्य के मुकाबले 50 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे कम वर्षा पूर्वी मध्य प्रदेश हुई। जहां वर्षा सामान्य से 70 प्रतिशत कम दर्ज की गई। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से 32 प्रतिशत कम है।

केंद्र ने 45 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

ऑरेंज अलर्ट भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, सतना, अनुपपूर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढ़ुर्णा।

येलो अलर्ट सीहोर।

पिछले 10 सालों में मानसून प्रदेश में कबकब पहुंचा

वर्षप्रदेशभोपाल

2016 — 19 — 19

2017 — 22 — 26

2018– 24 — 27

2019 — 24 –28

2020 — 15 –23

2021 — 10 –11

2022 — 16 –26

2023 — 24 –24

2024 — 21 — 23

2025 — 16 — 18

2026 — 24 — 00

सुबह साढ़े आठ बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक कहां कितनी हुई वर्षा

शहर का नामवर्षा मिलीमीटर में

बैतूल — 9.0

भोपाल — 2.0

धार — 4.0

इंदौर — 2.0

खरगौन — 8.0

रायसेन — 2.0

उज्जैन — 1.0

छिंदवाड़ा — 0.8

 

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