NDA की ताकत बढ़ने के संकेत, 5 सांसद दे सकते हैं साथ; जानिए कितना बदलेगा आंकड़ा

नई दिल्ली मॉनसून सत्र से पहले ही एनडीए का संख्याबल लोकसभा में बढ़ने के आसार हैं। अटकलें हैं कि एक और विपक्षी दल के सांसद टूटकर एनडीए में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। खास बात है कि हाल ही में तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना उद्धव…

NDA की ताकत बढ़ने के संकेत, 5 सांसद दे सकते हैं साथ; जानिए कितना बदलेगा आंकड़ा

नई दिल्ली

मॉनसून सत्र से पहले ही एनडीए का संख्याबल लोकसभा में बढ़ने के आसार हैं। अटकलें हैं कि एक और विपक्षी दल के सांसद टूटकर एनडीए में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। खास बात है कि हाल ही में तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे के सदस्यों ने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है।

क्या टूटेगी शरद पवार की पार्टी?
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि वरिष्ठ नेता शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एसपी के सांसदों में टूट हो सकती है। कहा जा रहा है कि 5 पार्टी सांसद एनडीए को समर्थन देने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, अब तक साफ नहीं हो सका है कि ये सांसद कौन हैं।

कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद एनसीपी में टूट की अटकलें होने जा रही थीं। खबरें ये भी थीं कि शिवसेना यूबीटी में टूट के बाद शरद पवार ने सांसदों से संपर्क साधा था। हालांकि, पार्टी ने इसका औपचारिक ऐलान नहीं किया है।

नंबर गेम समझें
टीएमसी के 20 सांसदों ने अलग गुट बनाकर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय करने का ऐलान कर दिया था। इस संबंध में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को समर्थन पत्र भी सौंपा जा चुका है। वहीं, सोमवार को ही शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों ने बगावत कर एनडीए को समर्थन दे दिया है। ये सभी सांसद महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे।

फिलहाल, एनसीपी एसपी के पास 8 लोकसभा सांसद हैं और अगर 5 टूटते हैं, तो एनडीए को फायदा हो सकता है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।

लोकसभा में कुल सीटें 543 हैं और दो तिहाई के लिए 362 सीटों की जरूरत है। अब जब निचले सदन में नौगांव, बशीरहाट और शिलॉन्ग के रूप में 3 सीटें खाली हैं, तो यह संख्या घटकर 360 पर आ जाती है। अप्रैल में एनडीए कमजोर समर्थन के चलते परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास नहीं करा पाया था। फिलहाल, एनडीए के पास 293 सदस्य हैं।

अटकलें ये भी हैं कि 37 लोकसभा सांसदों वाली समाजवादी पार्टी में भी टूट हो सकती है। भाजपा के कई नेता ऐसा दावा कर रहे हैं। हालांकि, अखिलेश यादव की अगुवाई वाली पार्टी ने इससे इनकार कर दिया है।

गणित
NCPI के 20 सांसदों, शिवसेना के 6 सांसदों के समर्थन के बाद एनडीए 319 सीटों पर पहुंच जाएगा। हालांकि, सत्तारूढ़ गठबंधन दो तिहाई बहुमत के आंकड़े से खासा दूर है। अगर एनसीपी एसपी के 5 और सांसद समर्थन देते हैं, तो संख्या 324 पर पहुंच जाएगी। अगर द्रमुक मतदान से दूर रहती है, तो सदन में एनडीए को लाभ हो सकता है।

 

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