लंदन
लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए एफआईएच प्रो लीग के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-1 के भारी अंतर से धूल चटा दी। मैच की शुरुआत में 0-1 से पिछड़ने के बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने मैदान पर वो आक्रामकता दिखाई कि पाकिस्तान का डिफेंस ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। यह पाकिस्तान के खिलाफ भारत की लगातार 17वीं ऐतिहासिक जीत है।
इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारत अंक तालिका में स्पेन को पछाड़कर 7वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के अब 15 मैचों में 17 अंक हो चुके हैं। मुकाबले के दौरान भारतीय मिडफील्डर्स और फॉरवर्ड्स ने कमाल का तालमेल दिखाया। कुल 36 बार विपक्षी सर्कल में सेंध लगाते हुए भारत ने मैच में पूरी तरह अपना दबदबा बनाए रखा। शानदार खेल के लिए हार्दिक सिंह को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
सुखजीत सिंह (19वां मिनट)
जब भारतीय टीम शुरुआती क्वार्टर में 0-1 से पीछे चल रही थी, तब सुखजीत ने 19वें मिनट में मैदानी गोल दागकर भारत की मैच में वापसी कराई। इसके अलावा उन्होंने मैच के उत्तरार्ध में अभिषेक के गोल के लिए एक बेहतरीन असिस्ट भी किया।
हरमनप्रीत सिंह (26वां मिनट)
भारतीय टीम के कप्तान ने दूसरे क्वार्टर में अपने अनुभव का परिचय देते हुए 26वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। उनके इस शानदार ड्रैग फ्लिक ने भारत को मैच में 2-1 की मजबूत बढ़त दिला दी।
हार्दिक सिंह (34वां मिनट)
मिडफील्ड में बेहतरीन खेल दिखाने वाले और 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहे हार्दिक सिंह ने दूसरे हाफ की शुरुआत में मिले पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदला। 34वें मिनट में किए गए उनके इस गोल ने स्कोर को 3-1 कर दिया।
जुगराज सिंह (35वां मिनट)
हार्दिक के गोल के ठीक एक मिनट बाद, जुगराज सिंह ने भारतीय टीम के एक बेहद तेज काउंटर अटैक (जवाबी हमले) को अंजाम दिया। 35वें मिनट में उनके इस मैदानी गोल ने पाकिस्तान को पूरी तरह बैकफुट पर धकेलते हुए बढ़त 4-1 कर दी।
अभिषेक (41वां मिनट)
पाकिस्तान के डिफेंस पर लगातार दबाव बना रहे फॉरवर्ड खिलाड़ी अभिषेक ने 41वें मिनट में अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने सुखजीत सिंह से मिले एक बेहतरीन और सटीक पास को सीधे गोल पोस्ट के अंदर भेजकर भारत का पांचवां गोल दागा।
राज कुमार पाल (43वां मिनट)
मैच के 43वें मिनट में जब कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग फ्लिक मारा, तो पाकिस्तानी गोलकीपर से गेंद रिबाउंड होकर आई। वहां मुस्तैद खड़े राज कुमार पाल ने कोई गलती न करते हुए गेंद को गोल में तब्दील कर स्कोर 6-1 कर दिया।
दिलप्रीत सिंह (53वां मिनट)
मैच के आखिरी क्वार्टर में भी भारतीय आक्रमण थमा नहीं और 53वें मिनट में दिलप्रीत ने एक शानदार मूव बनाया। उन्होंने इस मूव को फिनिशिंग टच देते हुए मैच का सातवां और आखिरी गोल दागकर पाकिस्तान की हार पर अंतिम मुहर लगा दी।
















