,

पंजाब में बोर्ड छात्रों के लिए नया नियम, डिजिटल बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी होते ही सेवा केंद्रों पर लंबी कतारें

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा बोर्ड क्लासों के लिए डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट को अनिवार्य किया गया है, परंतु सेवा केंद्रों में यह सर्टीफिकेट न बन पाने के कारण विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल संचालकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। परीक्षा फॉर्म और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के लिए यह दस्तावेज अति आवश्यक है लेकिन सेवा…

पंजाब में बोर्ड छात्रों के लिए नया नियम, डिजिटल बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी होते ही सेवा केंद्रों पर लंबी कतारें

लुधियाना.

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा बोर्ड क्लासों के लिए डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट को अनिवार्य किया गया है, परंतु सेवा केंद्रों में यह सर्टीफिकेट न बन पाने के कारण विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल संचालकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

परीक्षा फॉर्म और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के लिए यह दस्तावेज अति आवश्यक है लेकिन सेवा केंद्रों में जारी भारी रश के कारण इसे समय पर बनवाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। वर्तमान में पंजाब सरकार की ‘मुख्य मंत्री धीयां-भैणा सत्कार स्कीम’ के तहत लाभ लेने के लिए जाति सर्टीफिकेट और अन्य दस्तावेज बनवाने वाले आवेदकों की सेवा केंद्रों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस योजना के कारण हर छोटे-बड़े सेवा केंद्र पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इस भारी भीड़ के कारण सेवा केंद्रों का पूरा स्टाफ और डिजिटल सिस्टम केवल स्कीम के दस्तावेज तैयार करने में व्यस्त है, जिसके चलते बोर्ड क्लासों के विद्यार्थियों के डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट नहीं बन पा रहे हैं।

दिहाड़ी छोड़कर चक्कर काटने को मजबूर हैं अभिभावक
डिजिटल सर्टीफिकेट न बनने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को झेलनी पड़ रही है। दिहाड़ी-मजदूरी करने वाले अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी रोजाना की दिहाड़ी छोड़कर सुबह से ही सेवा केंद्रों के बाहर लंबी लाइनों में खड़े होने को मजबूर हैं। दिनभर इंतजार करने के बाद भी जब काऊंटरों पर उनका नंबर आता है, तो भारी रश या सर्वर डाऊन होने का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी और उनके अभिभावक लगातार मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं।

स्कूल संचालकों और अध्यापकों के सामने खड़ी हुई बड़ी समस्या
शिक्षा बोर्ड के नियमों के मुताबिक बिना डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षाओं के रजिस्ट्रेशन फॉर्म और अन्य जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन सबमिट नहीं किए जा सकते। स्कूल संचालकों और अध्यापकों का कहना है कि वे लगातार विद्यार्थियों को सर्टीफिकेट जमा करने के लिए कह रहे हैं लेकिन सेवा केंद्रों में सर्टीफिकेट न बनने के कारण वे भी बेबस नजर आ रहे हैं। यदि समय रहते ये डिजिटल सर्टीफिकेट बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए, तो रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ी समस्या आ सकती है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports