,

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्रिय पंचायतें होंगी पुरस्कृत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी के फलस्वरूप मध्यप्रदेश अग्रणी है। सुमन पंचायत का नवाचार और अच्छे परिणाम लाने में सहयोगी होगा क्योंकि जो पंचायतें ग्रामवासियों को विशेष कर बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए सक्रिय रहेंगी, उन्हें प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए…

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्रिय पंचायतें होंगी पुरस्कृत

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी के फलस्वरूप मध्यप्रदेश अग्रणी है। सुमन पंचायत का नवाचार और अच्छे परिणाम लाने में सहयोगी होगा क्योंकि जो पंचायतें ग्रामवासियों को विशेष कर बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए सक्रिय रहेंगी, उन्हें प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वर्तमान में भी मातृ वंदना योजना, सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने और बच्चों को खसरा सहित अन्य रोगों से बचाने के लिए जनभागीदारी से बेहतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्चतम मापदंड स्थापित करने का कार्य किया है। कोविड जैसे बड़े संकट से निपटने के लिए उन्होंने प्रबल इच्छाशक्ति का परिचय दिया। आज पूरे देश में मातृ और शिशु दर कम करने और रोगों को जागरूकता से नियंत्रित करने की दिशा में सार्थक कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में अनेक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अच्छे परिणाम दिए हैं। जनकल्याण का यह अभियान जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की जन स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, जनभागीदारी आधारित अभिनव नवाचारी पहल "सुमन पंचायत" योजना का शुभारंभ और स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। साथ ही स्वास्थ्य पुस्तिकाओं का लोकार्पण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी लघु फिल्में भी दिखाई गईं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी ने भगवान को नहीं देखा लेकिन चिकित्सक द्वारा अपनेपन के साथ की गई देखरेख और दिया गया उपचार रोगी को स्वस्थ बनाता है। इस नाते चिकित्सक ईश्वर का ही रूप है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया था। मध्यप्रदेश में जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का श्रेष्ठ क्रियान्वयन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले के कुकरू में रविवार की सुबह राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत तीन बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया और प्रशासन अकादमी में हुए विशेष कार्यक्रम में इस तीन दिवसीय विशेष अभियान में प्रतीक स्वरूप पांच बच्चों को दवा ‍पिलाई। अभियान के अंतर्गत 29 और 30 जून को घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के कार्य में पूरे देश में अव्वल है। यह नतीजे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, अधिकारियों, पैरा-मेडिकल स्टॉफ, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जन प्रतिनिधियों और नागरिकों की सामूहिक भूमिका से प्राप्त हुए हैं, जिसके लिए सभी अभिनंदन के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण अभियान एवं स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया। इन जिलों में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए राजगढ़, डिंडौरी और मुरैना क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तीसरे स्थान पर रहे हैं। स्वस्थ यकृत मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों में बालाघाट को प्रथम, छिंदवाड़ा को द्वितीय और शाजापुर को तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया।

उप-मुख्यमंत्रीराजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए मार्गदर्शन दिया है। हमारे देश और प्रदेश को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के पश्चात् सर्वाधिक ध्यान स्वास्थ्य क्षेत्र पर दिया गया है। नागरिकों को अनेक प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं देने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में मध्यप्रदेश आगे है। सिर्फ दो माह की अवधि में आठ लाख से अधिक बेटियों का एचपीवी टीकाकरण करने में सफलता मिली है। ऐसी ही सफलता स्वस्थ यकृत मिशन के कार्य में प्राप्त हुई है। लगभग डेढ़ करोड़ लोगों की लिवर की जांच एक वर्ष से कम समय में कर ली गई। प्रदेश में करीब ढाई हजार नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोगी चिन्हित किए गए हैं। मातृ और शिशु दर के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश सुधार की गति बढ़ाने में सफल हुआ है। रोग की शीघ्र पहचान पर भी जोर दिया जा रहा है। सुमन पंचायत योजना के माध्यम से प्रत्येक पंचायत को जागरूक कर हेल्थ सेक्टर में अच्छे नतीजे हासिल किए जाएंगे।

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्रीनरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सुमन पंचायत अर्थात (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) के साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नवाचार हो रहे हैं। स्वस्थ यकृत का महत्व समझाने के लिए मिशन के अंतर्गत बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है, जिससे ऐसे रोगी सामने आए जो शराब आदि का सेवन नहीं करते लेकिन लिवर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाने की समस्या से प्रभावित हैं। दोषपूर्ण जीवनशैली से उत्पन्न होने वाले इस लक्षण को पहचान कर सुधार की ओर बढ़ने के लिए यह स्क्रीनिंग कार्य उपयोगी सिद्ध होगा।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान : 1.07 करोड़ बच्चों को मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा

कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 28 से 30 जून तक 5 वर्ष तक आयु के प्रदेश के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया। अभियान के सफल संचालन के लिए लगभग 83 हजार पोलियो बूथ, 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। आगामी 29 और 30 जून को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 3800 ट्रांजिट बूथ तथा प्रवासी एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए 1400 विशेष मोबाइल टीम को दायित्व दिया गया।

‘सुमन पंचायत’ से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगा बल

प्रदेश में प्रारंभ की गई "सुमन पंचायत" (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। ऐसी पंचायतें जिनमें एक वर्ष तक मातृ मृत्यु पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा एवं रूबेला के मामले दर्ज नहीं होंगे, उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह पहल संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, पोषण तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान को प्रोत्साहित करेगी।

एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस नियंत्रण की दिशा में प्रभावी पहल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि एंटीबायोटिक दवाओं के अनुचित उपयोग से उत्पन्न बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। भारत सरकार के राष्ट्रीय एक्शन प्लान के अनुरूप तैयार इस राज्य कार्य योजना में जन जागरूकता, संक्रमण नियंत्रण, प्रयोगशाला क्षमता सुदृढ़ीकरण, एंटीबायोटिक उपयोग का विवेकपूर्ण प्रबंधन, अनुसंधान तथा "वन हेल्थ" दृष्टिकोण पर आधारित बहु-विभागीय समन्वय को प्रमुखता दी गई है।

प्रदेश में 7 लाख 64 हज़ार किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण और 1 करोड़ 49 लाख से अधिक की हुई स्क्रीनिंग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम के दौरान एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत प्रदेश की लगभग 8.03 लाख पात्र किशोरियों को लक्षित किया गया, जिनमें से 7.64 लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण कर राज्य ने लगभग 96 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। मप्र ने देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है। स्वस्थ यकृत मिशन में जून 2025 से मार्च 2026 तक प्रदेश में 149.26 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। मिशन के तहत नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज सहित यकृत रोगों की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति व्यापक जन जागरूकता भी विकसित की जा रही है।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणअशोक बर्णवाल, स्वास्थ्य आयुक्तधनराजू, एनएचएम की एमडी श्रीमती सलोनी सिडाना और अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वास्थ्य संचार से जुड़े प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन से हुआ।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed