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तीसरे चरण में प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ के 3 लाख 62 हज़ार कार्य पूर्ण

भोपाल  जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास है। सबसे पहले पृथ्वी पर जलचर आए। जल से ही जीवन है। जल तत्व में सभी तत्व समाहित हैं। हम जब जल संरचनाओं को देखते हैं तो हमारा मन आनंद से भर…

तीसरे चरण में प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ के 3 लाख 62 हज़ार कार्य पूर्ण

भोपाल 

जल गंगा संवर्धन अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास है। सबसे पहले पृथ्वी पर जलचर आए। जल से ही जीवन है। जल तत्व में सभी तत्व समाहित हैं। हम जब जल संरचनाओं को देखते हैं तो हमारा मन आनंद से भर जाता है। जल से स्नान के बाद हमें ताज़गी मिलती है। हमारे पूर्वजों ने जल के महत्व को समझा और निरंतर जल संरचनाओं का निर्माण किया। आज हमारा दायित्व है कि हम उन सब का संरक्षण करें एवं उन्हें सहेजें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन का अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी गत 3 वर्षों से यह अभियान वृहद रूप से जन सहयोग से चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में जल संरचनाओं का संरक्षण एवं पुनरुद्धार किया गया है। आज यहां जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम है, परंतु मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा का अनुमान है, इसलिये प्रदेश में अमृत सरोवर रैन वॉटर हार्वेस्टिंग, नदी संरक्षण जैसे जल स्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। गत 19 मार्च से लगभग 100 दिन प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ की लागत से 3 लाख 63 हज़ार कार्य कराए गए। इन कार्यों में भरपूर जन समर्थन एवं जन सहयोग मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 252 करोड़ 65 लाख रुपए के 31 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने भैंसवा माता क्षेत्र के विकास के लिए 20 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पंच तत्वों, विशेष रूप से जल का विशेष महत्व है। हमारे यहां हर पवित्र कार्य जल के साथ ही होता है। प्रसिद्ध कवि रहीम ने भी पानी की महत्ता बताई। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ जिले में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। इस कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में चिन्हित छह सर्वश्रेष्ठ जिलों में राजगढ़ जिले का भी नाम शामिल है। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधितों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि का आधार सिंचाई की सुविधा है। गत 20 वर्षों में हमारी सरकारों में प्रदेश में सिंचाई के रकबे में तेजी से वृद्धि हुई है। हर खेत तक पानी पहुंचाना हमारा संकल्प है और हम उसे पूरा कर रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम भी दिलवाया जा रहा है। हमारी सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपए कर दिया है। किसानों को किसान सम्मन निधि दी जाती है। हमारी सवा करोड़ बहनों को लाडली बहना योजना का लाभ दिया जा रहा है। बच्चों को उनकी शिक्षा के लिए हर संभव सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जो उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र हैं। ये विद्यालय हमें सांदीपनि ऋषि, भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की याद दिलाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता एवं प्रेम को आज पूरी दुनिया याद करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि विश्व का सबसे बड़ा मेला, हमारी सनातन संस्कृति का प्रतिबिंब, सिंहस्थ उज्जैन मध्यप्रदेश में आयोजित होता है। इसे भव्य, दिव्य बनाने और श्रद्धालुओं के स्नान आदि की सुविधाओं के लिए उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी के स्वच्छ एवं पावन जल में सहजता एवं सुविधापूर्वक, बिना किसी परेशानी के स्नान एवं उज्जैन तीर्थ के दर्शन हो सकें।

पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर भावी पीढ़ी का भविष्य करें सुरक्षित : मंत्री पटेल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में अब तक हुए सभी कार्य प्रामाणिकता के साथ हुए है। इस साल बारिश के मौसम में कम वर्षा का अनुमान है इसलिए जल संचयन और जल स्त्रोतों का संरक्षण निरंतर जारी रखना आवश्यक है। हम सभी को पानी की एक-एक बूंद संचित कर भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करना है। राज्य सरकार और सभी अधिकारी-कर्मचारी जनभागीदारी से जल संरक्षण के प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन को मां भैंसवा के पवित्र स्थल पर रखने के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के लिए किए भगीरथी प्रयास : राज्यमंत्री डॉ.टेटवाल

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाएं को बढ़ाने के लिए भागीरथी प्रयास किए हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जल संरक्षण के इस अभियान में पंचायतों को जोड़कर जनभागीदारी से कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियों की सफाई और प्राचीन जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया है। राज्यमंत्री टेटवाल ने सांदीपनि विद्यालय, पीकेसी परियोजना से पानी, भैंसवा माता लोक निर्माण सहित अनेक निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

सांसद रोमल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत से विकास की यात्रा अनवरत जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर भगवान बाबा महाकाल और मां बिजासन की विशेष कृपा है। सारंगपुर में 251 करोड़ रूपए की लागत से भैंसवा माता धार्मिक स्थल शेत्र का विकास किया जा रहा हैl रोजगार के स्थानीय साधन उपलब्ध कराते हुए यहां बहनों को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही संस्कृत वैदिक पाठशाला, गोशाला, योग केंद्र और सामुदायिक भवन तैयार करने के कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के यह प्रयास समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखण्ड में प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर में दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने दूधतलाई पर पहुंचकर पवित्र गंगा-पूजन किया। पर्यावरण संरक्षण और जीव-दया के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुओं को चारा खिलाया और गौ-पूजन भी किया। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत बेलपत्र का पौध-रोपण किया और नागरिकों को हरित पर्यावरण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई 'जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0' की विकास प्रदर्शनी का गहन अवलोकन किया और जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक रूप से 'कन्या पाद पूजन' और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत राजगढ़ जिले में हुए विभिन्न विकास कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया। साथ ही राजगढ़ की स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक पटल पर लाने के उद्देश्य से जिला पुरातत्व एवं राजगढ़ पर्यटन पर केंद्रित एक विशेष प्रमोशनल फिल्म, आकर्षक कॉफी टेबल बुक तथा आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स का अनावरण भी किया।  

जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को 21 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि के हितलाभ वितरित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत मंच से हितग्राहियों को 21 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि के लाभ और वित्तीय सहायता के चेक भी वितरित किए। इसके तहत मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 405 समूहों को कुल 20 करोड़ रुपये का बैंक ऋण वितरित किया गया, जिसमें श्रीमती कृष्णा भिलाला, श्रीमती रानी भिलाला और श्रीमती माया वर्मा प्रमुख रूप से लाभान्वित हुईं। पशुपालन विभाग की डॉ.भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत हितग्राही मंगलेश पाटीदार को 36 लाख रुपये और श्रीमती विमल यादव को 35.70 लाख रुपये की राशि के हितलाभ सौंपे गए। इसी तरह, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत कार्तिक माहेश्वरी (पार्वती एंटरप्राइजेस) को 22.50 लाख रुपये और राहुल परमार (अयोध्या ऑयल मिल) को 27.37 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत किराना व्यवसाय के लिए मनीष कुमार गुप्ता को 10 लाख रुपये और डेयरी प्रोडक्ट के लिए हितेष शर्मा को 5 लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मनोज पाटीदार और बलराम को मिनी स्प्रिंकलर सेट के लिए प्रत्येक को 79 हजार 545 रुपये का अनुदान दिया गया, जबकि पी।एम। स्वनिधि योजना, नगरीय आवास विकास और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रियंका जाटव, मांगी बाई, पूजा साहू सहित अन्य हितग्राहियों को 50 हजार रुपये के चेक और गृह प्रवेश के आवंटन पत्र वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सारंगपुर क्षेत्र के विकास के लिए की गई प्रमुख घोषणाएं

1. सारंगपुर नगर के अंदर जीर्ण-शीर्ण पड़े शासकीय भवनों एवं आवासों का रेडेंसिफिकेशन योजना अंतर्गत पुनर्निर्माण किया जाएगा।

2. शासन संधारित अंबे माता मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

3. नवीन स्वीकृत फोर लेन में हाउसिंग बोर्ड द्वारा आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी।

4. पचोर और सारंगपुर क्षेत्र में विकास के लिए सड़को का निर्माण किया जाएगा।

5. सारंगपुर-संडावता मार्ग पर उतावली नदी पर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।

6. करौंदी से हीरापुरा तक 2 किमी सड़क के निर्माण सहित आवश्यक अन्य सभी मार्गों का निर्माण किया जाएगा।

7. भैंसवा माता लोक के विकास, निर्माण और सौंदर्गीकरण के लिए 20 करोड़ रूपये।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, विधायक नरसिंहगढ़ मोहन शर्मा, विधायक राजगढ़ अमर सिंह यादव, विधायक खिलचीपुर, हजारीलाल दांगी, ज्ञानसिंह गुर्जर, भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा सहित जन प्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

 

 

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