,

चीनी मिल में स्क्रैप कटाई से भड़के किसान, बिहार में आंदोलन की चेतावनी

गोपालगंज. छह वर्षों से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) की प्रक्रिया के तहत खरीदे गए स्क्रैप की कटाई की तैयारी मिल परिसर में शुरू हो गई है। एक ओर बिहार सरकार गन्ना उद्योग विभाग के माध्यम से मिल…

चीनी मिल में स्क्रैप कटाई से भड़के किसान, बिहार में आंदोलन की चेतावनी

गोपालगंज.

छह वर्षों से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) की प्रक्रिया के तहत खरीदे गए स्क्रैप की कटाई की तैयारी मिल परिसर में शुरू हो गई है।

एक ओर बिहार सरकार गन्ना उद्योग विभाग के माध्यम से मिल चालू कराने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्क्रैप हटाने और परिसंपत्तियों की नीलामी तेज होने से किसानों और पूर्व मिलकर्मियों की चिंता बढ़ गई है।

मंत्री से मिलेंगे किसान, कार्रवाई नहीं रुकी तो आंदोलन
स्क्रैप कटाई की सूचना मिलते ही किसान संघर्ष समिति सक्रिय हो गई है। समिति के अध्यक्ष मोहम्मद तौहीद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पटना रवाना हुआ है। किसान गन्ना उद्योग मंत्री और विभागीय अधिकारियों से मिलकर स्क्रैप कटाई रोकने तथा मिल के पुनः संचालन पर ठोस निर्णय लेने की मांग करेंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।

2020 से बंद है मिल, लगातार उठ रही संचालन की मां
सासामुसा चीनी मिल वर्ष 2020 से बंद पड़ी है। तब से हजारों गन्ना उत्पादक किसान और पूर्व मिलकर्मी इसके पुनः संचालन की मांग कर रहे हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार को ज्ञापन देने के साथ मिल गेट पर धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

40 करोड़ के बैंक बकाया से शुरू हुआ पूरा विवाद
विवाद की शुरुआत मिल पर सेंट्रल बैंक के करीब 40 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान से हुई। बैंक ने वसूली के लिए एनसीएलटी का दरवाजा खटखटाया था। ट्रिब्यूनल ने पिछले वर्ष नवंबर में मिल का स्क्रैप करीब 18.50 करोड़ रुपये में बेचकर बैंक का बकाया चुकाने का आदेश दिया। इसके विरोध में किसानों ने 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, जिसे मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया था।

चार निवेशकों ने दिखाई रुचि, लेकिन नहीं बन सकी बात
गन्ना उद्योग विभाग की पहल पर मार्च और अप्रैल में चार निवेशक कंपनियों ने मिल परिसर का निरीक्षण किया और संचालन में रुचि दिखाई।

हालांकि भूमि की सीमित उपलब्धता तथा तकनीकी और वित्तीय कारणों से कोई भी निवेशक अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच सका। इस बीच राज्य सरकार ने किसानों के लगभग 43 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की स्वीकृति भी दी है।

स्क्रैप हटाने का विरोध जारी, पुनर्जीवन की उम्मीद पर संकट
स्क्रैप की नीलामी लेने वाली कंपनी के कर्मी मिल परिसर में पहुंचकर साफ-सफाई शुरू कर चुके हैं और जल्द मशीनों की कटाई शुरू होने की संभावना है। किसान संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि किसानों और मिलकर्मियों का बकाया भुगतान तथा मिल के भविष्य पर स्पष्ट निर्णय होने तक स्क्रैप बाहर ले जाने का विरोध जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि सरकार ने अब भी हस्तक्षेप नहीं किया तो सासामुसा चीनी मिल के पुनर्जीवन की उम्मीद हमेशा के लिए खत्म हो सकती है।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed