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Punjab Weather Update: 18 जिलों में बारिश की चेतावनी, चंडीगढ़ में गिरा तापमान; लुधियाना मेयर ने देर रात संभाला मोर्चा

लुधियाना /चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की एंट्री होते ही गर्मी से राहत मिली है। कई जिलों में भारी बारिश हुई। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज (2 जुलाई) से अगले 6 दिन पूरे राज्य में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। मानसून के असर से गुरुवार को…

Punjab Weather Update: 18 जिलों में बारिश की चेतावनी, चंडीगढ़ में गिरा तापमान; लुधियाना मेयर ने देर रात संभाला मोर्चा

लुधियाना /चंडीगढ़

पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की एंट्री होते ही गर्मी से राहत मिली है। कई जिलों में भारी बारिश हुई। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज (2 जुलाई) से अगले 6 दिन पूरे राज्य में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

मानसून के असर से गुरुवार को पंजाब के 18 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है। जबकि 14 जिलों के लिए तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट है। इनमें से 5 जिलों में भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना है।

लुधियाना में मानसून ने बुधवार रात 1 बजे दस्तक दी। इसके साथ ही तेज बारिश हुई। इसी बीच शहर की मेयर इंद्रजीत कौर रात 2 बजे वाटर लॉगिंग का जायज लेने निकलीं। उन्होंने दो पंपिंग स्टेशन और जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया। उन्होंने कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी है कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं, ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो।

बुधवार को अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, यह सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक था। सबसे अधिक तापमान 41.5 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया है। जबकि, चंडीगढ़ का तापमान 5.8 डिग्री की गिरावट के बाद 29.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

बारिश-मेयर रात 2 बजे पंपिंग स्टेशन पहुंची
लुधियाना शहर में मानसून ने रात करीब एक बजे दस्तक की। एक बजे से पूरे शहर में झमाझम बारिश शुरु हुई तो शहर में वाटर लॉगिंग का खतरा मंडराने लगा। उधर, मेयर इंद्रजीत कौर ने मानसून की दस्तक के एक घंटे बाद यानि मिड नाइट 2 बजे पंपिंग स्टेशन पर रेड की।

मेयर रात को पहले टिब्बा रोड स्थित पंपिंग स्टेशन पर पहुंची। जब मेयर वहां पहुंची तो वहां स्टाफ मौजूद था और पंपिंग स्टेशन वर्किंग था। मेयर ने उसके बाद जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया।

मेयर फिर वहां से माधोपुरी के पास बने पंपिंग स्टेशन का जायजा लेने पहुंची। वहां भी पंपिंग स्टेशन वर्किंग कंडीशन में था। मेयर ने ताजपुर रोड पर एसटीपी की भी जांच की। मेयर ने पंपिंग स्टेशन के कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी हैं कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो।

आधी रात में मेयर को देख घबराए कर्मचारी
मेयर आधी रात में जब पंपिंग स्टेशन पर पहुंची तो नाइट शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारी घबरा गए। मेयर ने जाते ही पंपिंग स्टेशन चेक किया और कर्मचारियों से जानकारी ली। कर्मचारियों ने मेयर को बताया कि पंपिंग स्टेशन लगातार चल रहा है और सीवरेज के पानी को यहां से एसटीपी तक पंपिंग सेट के जरिए ही पहुंचाया जा रहा है। हर पंपिंग स्टेशन पर जनरेटर की व्यवस्था है। बिजली बंद हो जाती है तो जनरेटर के जरिए पंपिंग सेट चलाए जाते हैं।

वाटर लॉगिंग से बचना है तो फील्ड में उतरना होगा
मेयर इंद्रजीत कौर ने आधी रात को बरसात में फील्ड में उतरकर अफसरों को भी साफ संदेश दे दिया है कि मानसून सीजन में सिर्फ दफ्तरों में बैठकर आदेश जारी करने से शहर को वाटर लॉगिंग से नहीं बचाया जा सकेगा। इसके लिए फील्ड में उतरना होगा। मेयर ने अफसरों को कहा है कि बारिश शुरू होते ही सभी अलर्ट मोड पर रहें ताकि पानी की निकासी के लिए जो संसाधन हैं उनको यूटेलाइज किया जा सके।

25 साल में मानसून 2008 में जल्दी आया
साल 2026 में मानसून ने 1 जुलाई को पंजाब और चंडीगढ़, दोनों में दस्तक दी। यह पिछले साल के मुकाबले पंजाब में 9 दिन और चंडीगढ़ में 7 दिन देरी से पहुंचा। पिछले 25 वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार, पंजाब में सबसे जल्दी मानसून 13 जून 2008 को पहुंचा था। जबकि सबसे ज्यादा देरी 2002 में हुई, जब पूरे राज्य में मानसून 15 अगस्त तक फैल पाया।

आमतौर पर 2001 से 2026 के बीच मानसून ने पंजाब में जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह के बीच दस्तक दी है। हालांकि, 2020 और 2025 में मानसून जून में ही पूरे पंजाब और चंडीगढ़ को कवर कर चुका था। जबकि, 2021 और 2023 में पूरे पंजाब तक पहुंचने में करीब 1 महीना लग गया।

कई बार चंडीगढ़ में मानसून पहले पूरी तरह पहुंच गया। जबकि, पंजाब के बाकी हिस्सों में कुछ दिन बाद फैला। वहीं, मानसून की विदाई ज्यादातर सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में हुई, जिससे राज्य में इसका असर करीब 3 महीने तक बना रहा।

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