,

दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को बनायेंगे देश का अव्वल राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उन्नत खेती व पशुपालन से बढ़ायेंगे किसानों की आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को बनायेंगे देश का अव्वल राज्य प्रदेश में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पशुपालन को विशेष बढ़ावा मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में उन्नत कृषि कार्यशाला में किसानों से किया संवाद अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का किया भूमिपूजन ग्वालियर…

दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को बनायेंगे देश का अव्वल राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उन्नत खेती व पशुपालन से बढ़ायेंगे किसानों की आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को बनायेंगे देश का अव्वल राज्य
प्रदेश में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पशुपालन को विशेष बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में उन्नत कृषि कार्यशाला में किसानों से किया संवाद
अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का किया भूमिपूजन

ग्वालियर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आमदनी केवल एक फसल से नहीं बल्कि बहु फसलों एवं उन्नत पशुपालन से बढ़ेगी। इस बात को ध्यान में रखकर सरकार द्वारा उन्नत व प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पशुपालन को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हम अगले पाँच वर्षों में मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में नम्बर वन राज्य बनायेंगे। इसी कड़ी में सरकार नेशनल डेयरी विकास योजना के तहत ग्वालियर दुग्ध संघ सहित साँची दुग्ध उत्पादन संघ को भरपूर मदद दे रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ग्वालियर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्नत कृषि पर हुई संभागीय कार्यशाला में मौजूद किसानों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कार्यशाला में किसानों से सीधा संवाद करते हुए जैविक व प्राकृतिक खेती पर अनुभव सुने।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में मूर्तरूप लेने जा रही अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का भी रिमोट से भूमिपूजन किया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत लगभग 13 करोड़ रुपए की लागत से ग्वालियर के खुरैरी एवं ग्राम जहांगीरपुर में इस हाईटेक नर्सरी के प्रथम चरण का कार्य होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं कृषि से जुड़े अन्य विभागों की योजनाओं के तहत विभिन्न किसानों को हितलाभ भी वितरित किए।

कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्क्रण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर व श्रीमती सरला रावत, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के अध्यक्ष केशव सिंह बघेल, साडा अध्यक्ष अशोक शर्मा, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन, नगर निगम सभापति मनोज तोमर, जयप्रकाश राजौरिया, किसान मोर्चा के पदाधिकारी गिर्राज व्यास व अमरदीप सिंह औलख सहित जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल रहे।

सिंचाई रकबा होगा 100 लाख हैक्टेयर तक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2023 के बाद सिंचाई रकबे में बड़ी बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2003 में प्रदेश का सिंचाई रकबा मात्र साढ़े 7 लाख हैक्टेयर था जो अब बढ़कर लगभग 50 लाख हैक्टेयर हो गया है। इसे हम 100 लाख हैक्टैयर तक ले जायेंगे। चंबल-पार्वती-काली सिंध एवं केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजनाओ के माध्यम से यह संभव हुआ। उन्होंने इन परियोजनाओं की मंजूरी के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

किसान अब चिंता मुक्त होकर जमा कर सकते हैं कृषि ऋण

किसानों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब प्रदेश के कृषकों को 31 मार्च तक ऋण जमा करने की चिंता नहीं रही है। सरकार ने अब उन्हें ऋण जमा करने के लिये पूरे एक साल का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार द्वारा सभी प्रकार के कृषि उत्पादों व पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की सहूलियतों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

खिड़क प्रणाली के स्थान पर गौ-शालाओं की स्थापना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ माता कभी आवारा नहीं हो सकती। इसी भाव के साथ प्रदेश सरकार द्वारा गौ संरक्षण एवं स्वदेशी गाय पालन को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने इसी कड़ी में नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित गायों को बंद करने के लिये कार्यरत खिड़क प्रणाली को समाप्त कर दिया है और बड़े पैमाने पर गौशालायें स्थापित की जा रही हैं। साथ ही देशी गायों में नस्ल सुधार के प्रयास भी प्रमुखता से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला की तरह प्रदेश के महानगर इंदौर, उज्जैन, जबलपुर व भोपाल में बड़ी गौशालाओं की स्थापना की जा रही है।

जैविक व प्राकृतिक खेती पर किसानों ने किए अनुभव साझा

उन्नत कृषि पर आयोजित हुई संभागीय कार्यशाला में कृषकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी कृषकों को अपने पास बुलाया और उत्साहवर्धन किया। ग्वालियर जिले के ग्राम बिलौआ निवासी उन्नत कृषक प्राण सिंह माथुर ने अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि वे अपने छोटे से कृषि फार्म में सफलतापूर्वक प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने पाँच नए किस्म के पौधों की खोज की है, जिसे वैज्ञानिक स्तर पर मान्यता मिल चुकी है। उनके द्वारा ईजाद किए गए अमरूद की “बिलौआ-22” व “बिलौआ-रेड” किस्म पेटेंट हो चुकी हैं। प्राण सिंह अब तक 50 हजार से अधिक कृषकों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे चुके हैं। इसी तरह ग्राम देवरा निवासी बृजेन्द्र रावत ने बताया कि उन्होंने रासायनिक खेती छोड़कर पूरी तरह प्राकृतिक खेती को अपना लिया है। उन्नत प्राकृतिक खेती के लिये उनकी धर्मपत्नी को राष्ट्रीय स्तर पर पाँच अवार्ड मिल चुके हैं।

भगवानपुरा मुरार निवासी कृषक देवराज कुशवाह का कहना था कि वे अब प्राकृतिक पद्धति से गेहूँ व सरसों जैसी खाद्यान्न फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। इसके अलावा वे भिंडी, गेहूँ, मिर्च व आलू जैसी फसलें भी पैदा करते हैं।

मुख्यमंत्री ने समन्वित कृषि प्रणाली एवं बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाइयों का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में समन्वित कृषि प्रणाली इकाई एवं बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाई का लोकार्पण भी किया। किसानों के लिए आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी खेती का व्यावहारिक मॉडल कृषि विश्वविद्यालय ने विकसित किया है।

इस “समन्वित कृषि प्रणाली इकाई” में फसल उत्पादन, बागवानी, डेयरी, बकरी पालन, कुक्कुट पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन तथा जैविक खाद निर्माण जैसी गतिविधियों को एकीकृत किया गया है। इस मॉडल में एक गतिविधि का अपशिष्ट दूसरी गतिविधि के लिए रॉ मटेरियल बनता है, जिससे लागत घटती है। साथ ही संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और किसानों को आय के अनेक स्रोत प्राप्त होते हैं।

इसी तरह “बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाई” में एक ही खेत में विभिन्न ऊँचाई वाली फसलों का वैज्ञानिक संयोजन विकसित किया गया है। इससे भूमि, जल, पोषक तत्वों और सूर्य के प्रकाश का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होता है। किसान एक ही खेत से पूरे वर्ष विविध फसलों का उत्पादन लेकर अधिक आय अर्जित कर सकते हैं।

कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय ने इन दोनों इकाइयों को जीवंत प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन मॉडल के रूप में विकसित किया है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर किसान अपने खेतों में इन तकनीकों को अपना सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वितरित किये हेलमेट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़क सुरक्षा के उपहार स्वरूप जिले के लगभग 50 लोगों को हेलमेट वितरित किए। साथ ही सभी से आग्रह किया कि हेलमेट पहनकर वाहन चलाएं और दूसरों को भी इसके लिये प्रेरित करें। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा के लिये अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा हेलमेट वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री ने डाले दाने और बतखों ने चाव से खाए

कृषि विश्वविद्यालय परिसर में समन्वित कृषि प्रणाली के तहत मॉडल स्वरूप बनाए गए बहुउद्देश्यीय तालाब में जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दाने डालकर तालाब के दूसरे छोर पर तैर रहीं बतखों को पुकारा तो बतखें उनके नजदीक आ गईं और बड़े चाव के साथ दानों को खाया। उल्लेखनीय है कि इस तालाब को कृषि विश्वविद्यालय परिसर के भवनों से जुड़ीं वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं से भरा जाता है। तालाब के ऊपर एक बड़ा मुर्गी पालन बॉक्स बनाया गया है। मुर्गियों के चूज़ों की बीट इस तालाब में गिरती है जिसे मछलियां व बतखें खाती हैं। इस प्रकार एक संरचना से सफलतापूर्वक मुर्गी, मछली व बतख पालन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत रोपा आम का पौधा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत आम का पौधा रोपा। उन्होंने इस अवसर पर वृहद स्तर पर पौधे रोपने और उनकी सुरक्षा करने का आह्वान किया। मंत्रिगण ऐदल सिंह कंषाना व प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह व विधायक मोहन सिंह राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पौधे रोपे।

कार्यक्रम में संभाग भर से आए प्रगतिशील किसान, जनप्रतिनिधिगण एवं संभाग आयुक्त मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक अरविंद कुमार सक्सेना, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports