Rajya Sabha Election: 3 सीटों पर BJP की नजर, क्या मिलेगा क्लीन स्वीप? समझिए NDA के 2-तिहाई बहुमत का पूरा गणित

नई दिल्ली राज्यसभा में NDA का कुनबा और बढ़ सकता है। पश्चिम बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर हो रहे उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत अब लगभग तय हो गई है। इसकी वजह यह है कि मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस से बागी हुए विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने उम्मीदवार उतारने से इनकार कर दिया…

Rajya Sabha Election: 3 सीटों पर BJP की नजर, क्या मिलेगा क्लीन स्वीप? समझिए NDA के 2-तिहाई बहुमत का पूरा गणित

नई दिल्ली

राज्यसभा में NDA का कुनबा और बढ़ सकता है। पश्चिम बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर हो रहे उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत अब लगभग तय हो गई है। इसकी वजह यह है कि मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस से बागी हुए विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने उम्मीदवार उतारने से इनकार कर दिया है। उनके मुताबिक टीएमसी किसी भी सीट को जीतने की स्थिति में नहीं है और इसीलिए पार्टी अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। ऐसे में अब भाजपा का इन सीटों पर क्लीन स्वीप तय है।

गौरतलब कि चुनाव आयोग ने बीते सोमवार को बंगाल की 3 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की थी। इन सीटों पर 24 जुलाई को वोटिंग होगी। इससे पहले 14 जुलाई तक नामांकन स्वीकार किए जाएंगे और नाम वापसी की अंतिम तिथि 17 जुलाई है। इससे पहले बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद पैदा हुए राजनीतिक संकट के बीच जून में तृणमूल कांग्रेस के 3 सांसदों, सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक ने उच्च सदन और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद ये तीनों सीटें खाली हुई थीं।

क्यों उम्मीदवार नहीं उतार रही टीएमसी?
पश्चिम बंगाल में चुनाव के समीकरणों की बात की जाए तो 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा के पास 208 विधायकों का समर्थन है। अगर उसके सभी विधायक पार्टी के पक्ष में मतदान करते हैं, तो उसके पास तीन राज्यसभा सदस्यों को आसानी से चुनने के लिए पर्याप्त संख्या है। इसके अलावा विपक्ष की ओर से किसी भी तरह का क्रॉस-वोटिंग होने से भाजपा की स्थिति और मजबूत होगी।

उधर, टीएमसी के दोनों गुटों को मिला भी दिया जाए तो उनके विधायकों की संख्या 80 है। लेकिन किसी भी गुट के पास अकेले राज्यसभा सांसद को चुनने के लिए जरूरी न्यूनतम संख्या नहीं है। इसका नतीजा यह है कि आंतरिक विद्रोह के बाद 2 गुटों में बंटी तृणमूल कांग्रेस के चुनाव लड़ने की संभावना नहीं है। इसीलिए टीएमसी ने उम्मीदवार न उतारने का फैसला लिया है।

लगभग 65 विधायकों वाले बागी गुट का नेतृत्व कर रहे विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने मंगलवार को उम्मीदवार उतारने से इनकार कर दिया है। ऋतब्रत ने एक बयान में कहा, “ विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को देखते हुए तृणमूल इन तीनों में से कोई भी सीट जीतने की स्थिति में नहीं है। हमारे पास उम्मीदवार उतारने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं।”

राज्यसभा में कितनी बढ़ जाएगी ताकत?
वर्तमान में पश्चिम बंगाल की 13 राज्यसभा सीटों में से 3 पर बीजेपी का कब्जा है। अगर भाजपा उम्मीद के मुताबिक उपचुनाव की तीनों सीटें भी जीत लेती है, तो पश्चिम बंगाल से राज्यसभा में उसकी ताकत 3 से बढ़कर 6 हो जाएगी। वहीं तीन सीटें जुड़ते ही उच्च सदन में भाजपा की संख्या 117 और NDA की संख्या 145 तक पहुंच जाएगी। बता दें कि 245 सीटों वाली राज्यसभा में 2 तिहाई बहुमत के लिए 162 वोट जरूरी हैं। NDA के पास खुद 150 से ज्यादा सांसदों का सीधा समर्थन माना जा रहा है। इसके अलावा बीजू जनता दल के पांच, चार निर्दलीय और 7 मनोनीत सांसदों के समर्थन से NDA 2-तिहाई बहुमत का आंकड़ा आसानी से छू सकती है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed