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देशभर में एनआईए का एक्शन, ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने वाले नेटवर्क पर शिकंजा और कसा

पटना देश की नरेंद्र मोदी सरकार को अस्थिर करने के लिए बड़ी आंतकी साजिश रची जा रही है। राष्ट्रीय जांच एजेसीं यानी एनआईए ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल देश के युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से गुमराह कर कट्टरपंथी बनाने में लगे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तलाश में एनआईए ने बुधवार को देशव्यापी…

देशभर में एनआईए का एक्शन, ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने वाले नेटवर्क पर शिकंजा और कसा

पटना
देश की नरेंद्र मोदी सरकार को अस्थिर करने के लिए बड़ी आंतकी साजिश रची जा रही है। राष्ट्रीय जांच एजेसीं यानी एनआईए ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल देश के युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से गुमराह कर कट्टरपंथी बनाने में लगे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तलाश में एनआईए ने बुधवार को देशव्यापी छापेमारी की। यह छापेमारी बिहार सहित 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 20 स्थानों पर हुई। एनआईए के मुताबिक बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में चलाये गये तलाशी अभियान के दौरान कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गये हैं।

इनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इस जांच से कट्टरपंथ की साजिश करने वालों का सुराग जुटाने में मदद मिलेगी। बुधवार को जिन स्थानों पर तलाशी ली गई, उनका चयन पहले जब्त किए गये डिजिटल उपकरणों के विस्तृत तकनीकी विश्लेषण के साथ-साथ गिरफ्तार आरोपितों के कनेक्टिविटी विश्लेषण और अन्य जांच निष्कर्षों के आधार पर किया गया। एनआईए ने बुधवार को बताया कि देश में आईएसएआईएस और अलकायदा आतंकवादी संगठनों की विचारधारा को बढ़ावा देकर लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद चलाये जाने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है।

इसके पीछे भारत में इस्लामिक राज्य स्थापित करने की सोच है। एनआईए के मुताबिक देश को अस्थिर करने और खिलाफत स्थापित करने की साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान पर काम किया जा रहा है। अब तक जांच में पाया गया है कि गिरफ्तार आरोपित और उनके सहयोगी हिंसक जिहादी सामग्री और गलत सूचनाओं के माध्यम से देश भर के संवेदनशील युवाओं को गुमराह करने (कट्टरपंथी बनाने) में लगे हुए थे। आरोपी जिहादी विचारधारा का प्रचार करने और भारत विरोधी साजिश को बढ़ावा देने के लिए अपने विदेशी आकाओं के साथ ऑनलाइन संपर्क में भी थे। इससे संबंधित मामला मार्च 2026 में विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) में दर्ज हुआ था, जिसे बाद में (मई 2026) एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया था।

मामले में अब तक 11 आरोपितों और एक किशोर को गिरफ्तार किया जा चुका है। एनआईए ने बताया कि विजयवाड़ा पुलिस ने मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के आवास पर तलाशी के बाद मामला दर्ज किया था। इसके बाद प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों एक्यूआईएस (भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा) और आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। देश के 10 राज्यों में बुधवार को हुई एनआईए छापेमारी के तार रांची आरएसएस कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले से भी जुड़े बताए जा रहे हैं।

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