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खंडवा चर्बी कांड पर मोहन सरकार का बड़ा एक्शन! लाइसेंस खत्म होने के बावजूद चल रही थी फैक्ट्री, दो अफसर सस्पेंड

खंडवा  मोघट थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलीपुरा इलाके में जिला प्रशासन और नगर निगम ने अवैध पशु चर्बी निर्माण से जुड़े मामले में बड़ी संयुक्त कार्रवाई..

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खंडवा चर्बी कांड पर मोहन सरकार का बड़ा एक्शन! लाइसेंस खत्म होने के बावजूद चल रही थी फैक्ट्री, दो अफसर सस्पेंड

खंडवा
 मोघट थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलीपुरा इलाके में जिला प्रशासन और नगर निगम ने अवैध पशु चर्बी निर्माण से जुड़े मामले में बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। इस दौरान आरोपी अनवर कुरैशी के घर और अवैध रूप से संचालित कारखाने पर बुलडोजर और हथौड़े से तोड़फोड़ की गई। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में सख्त माहौल देखने को मिला।
छह दिन बाद हुई बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई उस घटना के छह दिन बाद की गई है जब खंडवा नगर निगम और प्रशासन को इमलीपुरा क्षेत्र में अवैध गोदाम से पशुओं की चर्बी, हड्डियां और खाल बरामद हुई थी। उस समय की गई शुरुआती कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने आरोपी के निर्माण स्थल और घर को भी निशाने पर लेते हुए सख्त कदम उठाया है।
व्यापारी अनवर कुरैशी का लाइसेंस वर्ष 2023 में ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद पिछले लगभग तीन वर्षों से यहां अवैध रूप से पशु वध और चर्बी निर्माण का काम लगातार चल रहा था। प्रियंका राजावत, नगर निगम आयुक्त
लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद नगर निगम ने सख्त कदम उठाते हुए स्लॉटर हाउस प्रभारी और एआरआई को निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रभारी राजस्व निरीक्षक अमित अग्रवाल और स्वच्छता निरीक्षक जाकिर अहमद को भी निलंबित किया गया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने पशु वध क्षेत्र में हो रही अनियमितताओं की सही जानकारी उच्च स्तर पर नहीं दी और अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरती।
खंडवा के परेशीपुरा बेगम पार्क के पास पशुओं की चर्बी से घी बनाने का गोरखधंधा पकड़ा गया था। जांच में खुलासा हुआ कि फैक्ट्री का लाइसेंस 31 मार्च 2023 को ही खत्म हो गया था। यानी 3 साल से अवैध धंधा चल रहा था, पर निगम के जिम्मेदार सोते रहे। अमित अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने न तो फैक्ट्री बंद कराई, न ही अफसरों को बताया। वहीं जाकिर अहमद पर पशुवध गृह में अवैध काम, गंदगी और रिपोर्टिंग में लापरवाही का आरोप है। दोनों को म.प्र. सिविल सेवा नियम के तहत तत्काल प्रभाव से हटाया गया है। अमित अग्रवाल का मुख्यालय अब SBM/जनगणना कार्यालय जोन-04 और जाकिर अहमद का जलप्रदाय विभाग रहेगा। निगम ने साफ कहा- जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शेंगे नहीं, आगे भी कार्रवाई होगा। 
प्रशासन ने दिया सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अवैध पशु वध या निर्माण गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि इस कार्रवाई के बाद इमलीपुरा क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से यहां संदिग्ध गधियों की शिकायतें मिल रही थीं, जिन पर अब जाकर बड़ी कार्रवाई हुई है।
खंडवा नकली घी फैक्ट्री
नकली घी फैक्ट्री कांड से पूरे प्रदेश में हलचल मच गई है यहां इमलीपुरा क्षेत्र में छापेमारी के दौरान 1380 किलो चर्बी, 2700 लीटर चर्बी का तेल और 8 क्विंटल हड्डी-चमड़ा जब्त किया गया. इस भारी मात्रा के आधार पर करीब 138 पशुओं के काटे जाने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय विधायक कंचन तनवे ने सीएम मोहन यादव से कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्‍होंने कहा कि लोग भी इस खुलासे के बाद हैरान हैं कि इतनी बड़ी फैक्ट्री लंबे समय तक कैसे चलती रही?  इस कार्रवाई ने यह भी साफ कर दिया कि अवैध नेटवर्क कितनी संगठित तरीके से काम कर रहा था। 
स्थानीय विधायक कंचन तनवे ने कहा कि एक गली में कई ड्रमों में पशु चर्बी भरी हुई थी, कई क्विंटल चमड़ा, हड्डी बरामद हुई हैं. यह सब गोरखधंधा आखिर कैसे चल रहा था और पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी पहले क्‍यों नहीं हुई? दरअसल,  “हिमालय हाइड्स ऑयल ट्रेडर्स” के नाम से यह पूरा खेल चल रहा था. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पशुओं की चर्बी को प्रोसेस कर घी और तेल जैसा पदार्थ बनाया जा रहा था और बाजार में सप्लाई किया जा रहा था. अब सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. रिपोर्ट के बाद ही असली सच सामने आएगा, लेकिन शुरुआती तथ्यों ने ही प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। 
स्‍थानीय लोगों ने की शिकायत तो हुआ खुलासा
खंडवा के इमलीपुरा इलाके में स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद प्रशासन ने छापा मारा. बेगम पार्क के सामने स्थित एक गली में यह अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही थी. छापेमारी में सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस, नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही. मौके से बड़ी संख्या में ड्रम और संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। 
भारी मात्रा में चर्बी, हड्डी, चमड़ा और कच्चा माल जब्त
कार्रवाई के दौरान 79 छोटे और 9 बड़े ड्रम बरामद किए गए. छोटे ड्रमों में करीब 20 किलो सामग्री भरी थी. बड़े ड्रमों की क्षमता 200 किलो तक बताई गई. ड्रमों में चर्बी, तेल और अन्य प्रोसेस्ड पदार्थ भरे हुए थे. इससे साफ है कि यहां बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा था. प्राथमिक जानकारी के अनुसार पशुओं की चर्बी को गर्म कर और प्रोसेस कर घी जैसा पदार्थ तैयार किया जा रहा था. यह उत्पाद बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। 
दो आरोपी गिरफ्तार, रासुका की तैयारी
मामले में अनवर कुरैशी और शकील कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. प्रशासन अब रासुका लगाने की तैयारी में है. पुलिस पूछताछ में और खुलासे होने की उम्मीद है। 
राजनीति भी गरमाई, स्‍थानीय विधायक ने उठाए सवाल
खंडवा विधायक कंचन तनवे ने कार्रवाई की सराहना की, लेकिन प्रशासन पर सवाल भी उठाए. उन्होंने कहा कि इतना बड़ा गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था, फिर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस पूरे मामले ने शहर की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बदबू और गतिविधियों की शिकायत पहले भी की गई थी. बावजूद इसके समय पर कार्रवाई नहीं हुई. अब प्रशासन जांच के दायरे को बढ़ा रहा है। 

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