सोनीपत.
सोनीपत में बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास ब्लैकस्पॉट पर एफओबी बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे के पानी में गिरकर डूबने से युवक की मौत के मामले में पुलिस ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पर एफआइआर दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
पुलिस ने युवक की शिनाख्त न होने पर शव का पोस्टमार्टम करवाया, जिसमें पानी में डूबना बताया गया। इसके बाद पुलिस ने एनएचएआई के पीडी को युवक की मौत के मामले में लापरवाही का जिम्मेदार मानते हुए केस दर्ज करने के आदेश दे दिए। घटनास्ल पर गुरुवार को भी प्राधिकरण की ओर से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। मंगलवार को एनएच-44 पर बहालगढ़ में दिल्ली से पानीपत लेन में फ्लाईओवर के पास पानी के गहरे गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत हो गई। पुलिस को रात में 8 बजे सूचना मिली थी कि गड्ढे में एक युवक का शव पड़ा है।
युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक का शव बाहर निकाला। युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई। बहालगढ़ थाने के जांच अधिकारी हवलदार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम में युवक शनिवार को गड्ढे में गिरा होगा और गड्ढे में मौजूद कीचड़ में धंसने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। बताया कि तीन दिन बाद मंगलवार को शव फूलने के बाद ऊपर आया, जिससे लोगों को पता चला। जिस गड्ढे में गिरने से उसकी मौत हुई, वह एनएचएआई ने एफओबी बनाने के लिए 15 दिन पहले ही खोदा था
नहीं लगा रखा था कोई सांकेतिक बोर्ड
एक फार्म हाउस के मालिक की आपत्ति के कारण यहां पर काम बंद हो गया था और वर्षा के कारण गड्ढा पानी से भर गया था। प्राधिकरण ने यहां पर न तो कोई संकेतक लगा रखा था और न ही सही तरीके से बैरिकेडिंग कर रखी थी, इसी कारण युवक की जान गई। ब डीसीपी ईस्ट मेधा भूषण ने एनएचएआई को मौत का सीधा जिम्मेदार मानते हुए पीडी पर केस दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। लापरवाही की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
















