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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट का किया भूमि पूजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मालवा अपनी बोली की मिठास और उद्यमशीलता के लिए जाना जाता है। यह कर्मयोगियों और उद्यमियों की भूमि है। हम मालवा के विकास के लिए हर जरूरी प्रबंध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड कॉरीडोर प्रोजेक्ट क्षेत्रीय विकास, समृद्धि और विश्वास का नया मार्ग है।…

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट का किया भूमि पूजन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मालवा अपनी बोली की मिठास और उद्यमशीलता के लिए जाना जाता है। यह कर्मयोगियों और उद्यमियों की भूमि है। हम मालवा के विकास के लिए हर जरूरी प्रबंध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड कॉरीडोर प्रोजेक्ट क्षेत्रीय विकास, समृद्धि और विश्वास का नया मार्ग है। इससे उज्जैन, जावरा और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरीडोर केवल उज्जैन और रतलाम के लिए विकास का हाइवे नहीं, यह पूरे मालवा क्षेत्र के समग्र विकास और अर्थव्यवस्था का नया स्पीड ट्रैक बनेगा। इस कॉरीडोर से यात्री परिवहन सुगम होगा, यात्रा समय में कमी एवं भाड़ा लागत न्यूनतम हो जाने से लॉजिस्टिक्स को भी उल्लेखनीय गति मिलेगी, जिसका लाभ उद्योग, व्यापार, कृषि और पर्यटन सभी क्षेत्रों को प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नागदा में उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर परियोजना के भूमि पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागदा में अस्थायी भवन में केंद्रीय विद्यालय के संचालन और सड़क सुरक्षा के जन-भागीदारी मॉडल के रूप में 'जन सेवा प्रहरी अभियान' का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन जिले में संचालित शासकीय योजनाओं के चयनित पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में यह कॉरीडोर एक महत्वपूर्ण परियोजना है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा के लिये बेहतर अधोसंरचना प्रबंधन करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह कॉरीडोर सिंहस्थ : 2028 से पहले (दिसम्बर 2027 तक) बनकर तैयार हो जाएगा।

प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर उज्जैन-जावरा के मध्य वर्तमान सड़क मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि नागदा और खाचरौद अब फोरलेन रोड से रतलाम शहर से कनेक्ट किया जाएगा। उन्होंने खाचरौद में नवीन मटर मंडी के लिए अतिरिक्त शासकीय भूमि देने और यहां एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागदा विधानसभा क्षेत्र में अटलावदा-निनावटखेड़ा चंबल नदी पर नया बांध बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नागदा में नया आईटीआई केन्द्र खोलने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक और विश्वस्तरीय अधोसंरचनात्मक के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट न केवल सिंहस्थ-2028 की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करेगी, बल्कि भविष्य में मालवा अंचल के विकास और प्रदेश की प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार भी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह कॉरीडोर क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखेगा। करीब 100 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से यातायात की सुगमता के साथ औद्योगिकीकरण को भी नई रफ्तार मिलेगी। उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर पहले एक्सेस कंट्रोल्ड था, जिसे नॉन एक्सेस कंट्रोल किया गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए यह मार्ग सोने पर सुहागा जैसा होगा। विश्व स्तरीय सिंहस्थ मेले के दौरान राजस्थान, गुजरात और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट अत्यंत सुगम और सुविधाजनक साबित होगा। उज्जैन क्षेत्र बदल रहा है। अब यहां साढ़े 8 करोड़ श्रद्धालु एक वर्ष में आ रहे हैं। राज्य सरकार ने 2 मेट्रोपोलिटन एरिया – इंदौर-उज्जैन-रतलाम और भोपाल-सीहोर-नर्मदापुरम घोषित कर इसमें डेवलपमेंट के काम भी शुरू कर दिए हैं। इसके बाद जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपोलिटन रीजन बनाने का काम प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सबसे अधिक रोजगार देने वाला राज्य भी बना है। मालवांचल के पीथमपुर और विक्रम उद्योगपुरी में विश्व के बड़े कारोबारी अपने उद्योग स्थापित करने के लिए आ रहे हैं। विकास की रफ्तार में अब चंबल अंचल भी पीछे नहीं है। मध्यप्रदेश की धरती पर देशभर में सबसे अधिक सीमेंट प्लांट स्थापित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा निर्धारित की गई GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) सहित हर वर्ग के कल्याण और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। राज्य सरकार ने GYAN में 2 और श्रेणियां शामिल की हैं- औद्योगिकीकरण और अधोसंरचनात्मक विकास। इसके सुखद परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) में 30 लाख करोड़ का अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ, जिसमें से अब तक 10 लाख करोड़ निवेश जमीन पर उतर चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। किसान फसल लगाएं, सरकार समुचित दाम दिलवाएगी। मालवांचल में मटर की प्रोसेसिंग यूनिट और उज्जैन में पेप्सिको के फूड इंडस्ट्री पार्क का भूमि पूजन किया गया है। प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों को मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों के समान भाव बहुत जल्द उज्जैन में पेप्सिको के जरिए मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कोई नया कर (टैक्स) नहीं बढ़ाते हुए भी 4.38 लाख करोड़ रुपए का बजट पारित किया है। हमने लाड़ली बहनों के लिए प्रतिमाह 1500 रुपए का प्रावधान किया है। रक्षाबंधन से पहले जल्द ही बहनों को जुलाई माह की राशि भी मिलेगी। राज्य सरकार ने अब तक लाड़ली बहनों को 60 हजार करोड़ रूपए से अधिक की आर्थिक सहायता दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागदा में डेढ़ साल पहले की गई इस सड़क निर्माण घोषणा को पूरा करते हुए आज इसका भूमि पूजन किया है। यह परियोजना दिसंबर 2027 तक पूरी होगी और इसका भव्य लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरीडोर से भी क्षेत्र की दिशा बदल जाएगी। इस कॉरिडोर से किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को लाभ मिलेगा। मालवा को नई-नई सड़क परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी के दृष्टिगत आवागमन की बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उज्जैन में शिप्रा के 30 किलोमीटर लंबे स्नान घाटों का निर्माण किया जा रहा है। इंदौर से उज्जैन तक मेट्रो ट्रेन भी जल्द ही आएगी। नई रेलवे लाइनों से नागदा दो रूट से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग से जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन संभाग देश का मध्य बिंदु है, बहुत जल्द यहां एक नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात भी मिलेगी।

कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने कहा कि उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर आगामी सिंहस्थ 2028 से पहले बनकर पूर्ण होगी। आज उज्जैन जिला प्रशासन के द्वारा जनसेवा प्रहरी की शुरुआत की गई है। यह एक सराहनीय पहल है। नागदा में खुले इस नए केंद्रीय विद्यालय में 30 जुलाई से कक्षाएं भी प्रारंभ हो जाएंगी। इसमें केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य लोग भी अपने बच्चों को प्रवेश दिला सकते हैं।

उज्जैन सांसद  अनिल फिरोजिया ने कहा कि उज्जैन-जावरा के बीच नई सड़क की मांग लंबे समय से की जा रही थी। यह ग्रीन फील्ड फोरलेन मार्ग से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा संपर्क मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागदा को नए पीएम विद्यालय की भी सौगात दी है।

नागदा-खाचरौद विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डेढ़ वर्ष में अपनी घोषणा को पूरा करते हुए उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर प्रोजेक्ट की नींव रखी है। यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से नागदा-खाचरौद को मिलाकर नया जिला बनाने की मांग की।

उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर प्रोजेक्ट का भूमि पूजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन फील्ड फोरलेन मार्ग से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा और तेज संपर्क मिलेगा। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगी। लगभग 5,017 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 98.73 किलोमीटर लंबा यह कॉरीडोर मध्यप्रदेश की सड़क अधोसंरचना को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। साथ ही प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का नया आधार भी बनेगा। इससे उज्जैन जिले के 50 गांव और रतलाम जिले के 12 गांव लाभान्वित होंगे। इस कॉरीडोर से उज्जैन, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट और जावरा के विकास को गति मिलेगी। साथ ही क्षेत्र के करीब 35 लाख नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा। इस कॉरीडोर में 7 फ्लाई ओवर, 3 रेल ओवरब्रिज, 8 बड़े पुल, 22 मध्यम पुल, 36 अंडरपास, 2 ओवरपास तथा 430 पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा।

नागदा में अस्थायी भवन में केन्द्रीय विद्यालय का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतत् प्रयासों के बाद नागदा में केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण की मंजूरी मिल गई है। अभी यह विद्यालय एक प्रायवेट कॉलेज के अस्थायी भवन में शुरू हो रहा है। अभी यहां पहली से पांचवीं कक्षा संचालित होंगी। राज्य सरकार ने इस विद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए 2.01 हैक्टेयर भूमि प्रदान की। इसमें प्राथमिक स्तर पर कुल 200 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत यहां एक-चौथाई यानी 50 सीटें आरक्षित रहेंगी। केंद्रीय विद्यालय में विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।

जन सेवा प्रहरी अभियान का शुभारंभ

इस अभियान का उद्देश्य दुर्घटना होने के बाद के पहले 60 मिनट (गोल्डन ऑवर) में तत्काल प्राथमिक उपचार देकर घायल व्यक्ति की जान बचाना है। इसके लिए दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर मौजूद स्थानीय दुकानदारों, ढ़ाबा व पेट्रोल पंप कर्मियों को प्रहरी बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य, पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा इन प्रहरियों को फर्स्ट एड किट, सीपीआर देने और कानूनी अधिकारों का भी निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सड़क सुरक्षा में जनभागीदारी बढ़ाते हुए अब तक क्षेत्र के 1,549 स्वयं सेवकों ने अपना पंजीयन कराया है। इनमें से 155 को जन सेवा प्रहरी होने का प्रमाण-पत्र भी वितरित कर दिए गए हैं। विगत 28 मई 2026 को उज्जैन जिले के खरसौद खुर्द में जन सेवा प्रहरियों द्वारा तीन घायलों को त्वरित उपचार व अस्पताल पहुंचाकर उनकी जीवनरक्षा की।

कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री  गौतम टेटवाल, राज्य सभा सांसद महंत  बाल योगी उमेशनाथ, विधायक घट्टिया  सतीश मालवीय, विधायक बड़नगर  जितेन्द्र पण्ड्या, विधायक जावरा डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, एमपी हाऊसिंग बोर्ड के चेयरमेन  ओम जैन, महापौर उज्जैन  मुकेश टटवाल, जिलाध्यक्ष  राजेश धाकड़, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

 

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