,

पटना समेत चार जिलों में बनेंगी नई सेटेलाइट टाउनशिप, शुरू हुआ सामाजिक आकलन

 पटना  बिहार सरकार ने राज्य के चार प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार ने पटना, मुजफ्फरपुर, सारण और गया के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सामाजिक प्रभाव आकलन (सोशल इंपैक्ट…

पटना समेत चार जिलों में बनेंगी नई सेटेलाइट टाउनशिप, शुरू हुआ सामाजिक आकलन

 पटना
 बिहार सरकार ने राज्य के चार प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार ने पटना, मुजफ्फरपुर, सारण और गया के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सामाजिक प्रभाव आकलन (सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट) अध्ययन कराने का निर्देश दिया है।

बता दें कि कुछ दिनों पूर्व सरकार ने कोर क्षेत्र के लिए अलग से जमीन अधिग्रहण करने का निर्णय लिया था। इसी के आलोक में यह पत्र जारी किया गया है।

पत्र में विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाउनशिप की आधारभूत संरचनाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए भविष्य में यदि अतिरिक्त भूमि की जरूरत होगी तो उसके लिए अलग से प्रस्ताव भेजा जाएगा।

यह अध्ययन पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप (पटना), तिरहुत सेटेलाइट टाउनशिप (मुजफ्फरपुर), हरिहरनाथपुर सेटेलाइट टाउनशिप (सोनपुर) और मगध ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप (गया) के विकास के लिए किया जाएगा।

पहले चरण में इन परियोजनाओं के कोर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सचिव ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों का योजनाबद्ध विस्तार और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन नई टाउनशिप का विकास कर रही है।

इन परियोजनाओं से नए आर्थिक गतिविधि केंद्र विकसित होंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

3008 एकड़ में प्रस्तावित है ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप
पत्र के अनुसार, पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप का कोर क्षेत्र लगभग 3008 एकड़ में प्रस्तावित है। हरिहरनाथपुर का कोर क्षेत्र करीब दो हजार एकड़ में, मगध का कोर क्षेत्र 1629 एकड़, तिरहुत का कोर क्षेत्र करीब 1191 एकड़ में प्रस्तावित है।

यहां भूमि अधिग्रहण से पहले भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन कराया जाएगा।

इस अध्ययन में यह देखा जाएगा कि परियोजना से प्रभावित परिवारों, उनकी आजीविका, सामाजिक ढांचे, स्थानीय संसाधनों और आसपास के क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

विभाग ने जिलाधिकारियों से अधिनियम और राज्य सरकार के नियमों के अनुसार जल्द से जल्द एसआइए अध्ययन शुरू कराने को कहा है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed