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तीसरी रेल लाइन के कारण टली शटल ट्रेन सेवा, यात्रियों को इंतजार

रांची रांची-लोहरदगा-डालटनगंज के बीच शटल ट्रेन सेवा शुरू होने की आस लगाए लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा. फिलहाल दक्षिण-पूर्व मुख्यालय ने पूर्व-मध्य रेलवे (इसीआर) के आग्रह पर रांची रेल मंडल के इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया है. प्रस्ताव के जवाब में मुख्यालय ने रांची रेल मंडल को जानकारी दी गयी है कि उक्त…

तीसरी रेल लाइन के कारण टली शटल ट्रेन सेवा, यात्रियों को इंतजार

रांची
रांची-लोहरदगा-डालटनगंज के बीच शटल ट्रेन सेवा शुरू होने की आस लगाए लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा. फिलहाल दक्षिण-पूर्व मुख्यालय ने पूर्व-मध्य रेलवे (इसीआर) के आग्रह पर रांची रेल मंडल के इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया है. प्रस्ताव के जवाब में मुख्यालय ने रांची रेल मंडल को जानकारी दी गयी है कि उक्त रूट पर टोरी से बरवाडीह के बीच इसीआर की ओर से तीसरी रेल लाइन बिछाने का काम चल रहा है. इसे पूरा होने में अभी छह से आठ माह और लगेंगे. ऐसे में शटल ट्रेन सेवा उक्त अवधि के बाद ही शुरू की जा सकती है.

फरवरी में भेजा गया था प्रस्ताव
मालूम हो कि रांची रेल डिविजन ने इस रूट पर दो ट्रिप शटल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है. मंडल ने इसका प्रस्ताव फरवरी 2026 में ही दक्षिण-पूर्व रेल मुख्यालय को भेज दिया था. इस ट्रेन के चलने से रांची से डालटनगंज के बीच रोजाना करीब चार हजार यात्री आना-जाना कर सकेंगे. इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, इलाज के लिए रांची आने वाले मरीजों और व्यापारियों को विशेष लाभ मिलेगा. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस ट्रेन के शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी. लातेहार, बरवाडीह और लोहदरगा जैसे इलाकों के लोगों को रांची आने-जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी. अधिकारी ने बताया कि टोरी-बरवाडीह के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण सोन नगर-पतरातू तीसरी लाइन परियोजना का एक प्रमुख हिस्सा है. यह रूट देश के सबसे व्यस्त कोयला परिवहन मार्गों (कोल इंडिया कोर सेक्शन) में शामिल है. भारी मालगाड़ियों के आवागमन और यात्री ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए इस निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.

परियोजना की मुख्य विशेषताएं
सोननगर से पतरातू तक की कुल परियोजना 291 किलोमीटर की है. यह खंड पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद डिवीजन के अंतर्गत आता है. बरवाडीह से टोरी (लगभग 73 किमी) का हिस्सा इस विशाल परियोजना का पैकेज है. इसके निर्माण होने से कोयला ढुलाई को रफ्तार देने, मालगाड़ियों के दबाव को कम करने और यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी दूर कर समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह तीसरी लाइन बिछायी जा रही है. अधिकारी ने बताया कि इस ट्रैक पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम और भारी कंक्रीट स्लीपर्स का उपयोग किया जा रहा है, ताकि ट्रेनें 100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ सकें.

यात्रियों को निराश होने की जरूरत नहीं : डीआरएम
डीआरएम करुणानिधि सिंह ने कहा है कि रांची रेल मंडल यात्रियों को सुविधाएं और सहूलियत मुहैया कराने को लेकर कटिबद्ध है. रांची-लोहरदगा-डालटनगंज के बीच शटल ट्रेन सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे लोगों को निराश होने की जरूरत नहीं है. छह से आठ माह में तीसरी रेल लाइन के निर्माण का कार्य पूरा हो जायेगा. हमारी कोशिश होगी कि उसके तुरंत बाद ही इस रूट पर शटल ट्रेन का परिचालन शुरू कराया जाये. जैसे ही निर्माण कार्य पूरा होगा मुख्यालय को दोबारा प्रस्ताव भेजेंगे.

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