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मोहन सरकार का बड़ा प्रशासनिक एक्शन, काम में अड़ंगा डालने वाले अफसरों के तबादले की तैयारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में सरकार और मंत्रियों की बात न सुनने वाले और शासकीय कार्यों में अड़ंगा लगाने वाले आईएएस अधिकारियों को जल्द ही हटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी करने वाले ऐसे अफसरों को लूप लाइन का रास्ता दिखाने के लिए राज्य सरकार भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की एक…

मोहन सरकार का बड़ा प्रशासनिक एक्शन, काम में अड़ंगा डालने वाले अफसरों के तबादले की तैयारी

भोपाल
 मध्यप्रदेश में सरकार और मंत्रियों की बात न सुनने वाले और शासकीय कार्यों में अड़ंगा लगाने वाले आईएएस अधिकारियों को जल्द ही हटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी करने वाले ऐसे अफसरों को लूप लाइन का रास्ता दिखाने के लिए राज्य सरकार भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की एक और बड़ी ट्रांसफर सूची जारी करने जा रही है। एक सप्ताह के भीतर आने वाली इस सूची में मुख्यमंत्री कार्यालय यानी कि सीएमओ) में नई जमावट के साथ-साथ कई जिलों के कलेक्टर और कमिश्नर भी बदले जाएंगे।

अपनी मनमानी कर रहे हैं वरिष्ठ अधिकारी
प्रशासनिक गलियारों में इस बात को लेकर बेहद नाराजगी है कि कई वरिष्ठ अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और सरकार के फैसलों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हाल ही में यह मामला तब खुलकर सामने आया, जब मुख्यमंत्री द्वारा चलाई गई 'ए प्लस' और 'ए' नोट शीट पर कई विभागों ने समय पर निर्णय नहीं लिया। इसके चलते खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव को सख्त रुख अपनाते हुए अल्टीमेटम जारी करना पड़ा था।

प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी से मुक्त करें
सरकार का साफ मानना है कि जो अधिकारी विकास कार्यों और नीतियों में रुकावट पैदा कर रहे हैं, उन्हें प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए। नेताओं और अफसरों के बीच इस टकराव का सबसे बड़ा उदाहरण स्वास्थ्य विभाग में देखने को मिल रहा है। विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और कमिश्नर धनराजू एस के बीच आपसी विवाद तो चर्चा में है ही, साथ ही इन पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के निर्देशों की अनदेखी करने का भी आरोप है।

बताया जा रहा है कि पिछले तबादलों में इन अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री की बात नहीं सुनी और कई ट्रांसफर में बेवजह अड़ंगा लगाया। इसी तरह मुख्यमंत्री कार्यालय में भी अधिकारियों की कमी और अतिरिक्त प्रभार के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है। इन तमाम स्थितियों को देखते हुए अब सरकार एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करने के मूड में है, ताकि नौकरशाही को पूरी तरह नियंत्रण में लाया जा सके।

सीएमओ में तैनात हैं ये अधिकारी
इस समय मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, सचिव इलैया राजा टी., सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह, अपर सचिव अरविंद दुबे प्रमुख रूप से कार्य कर रहे हैं। लेकिन यहां पर अपर मुख्य सचिव को बदले जाने के कयास तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री के अपर सचिव अरविंद दुबे के पास वर्तमान में जनसंपर्क विभाग के संचालक का दायित्व भी है, यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। ऐसे में प्रयास लगाए जा रहे हैं कि अरविंद दुबे को भी कार्य सूची में प्रमुखता प्रदान की जा सकती है।

इलैया राजा टी. मुख्यमंत्री के सचिव होने के साथ ही पर्यटन विभाग के सचिव भी हैं, ऐसे में उनके पास दोहरी जिम्मेदारी है, जबकि वर्तमान में भी प्रशिक्षण में चल रहे हैं। मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारी माने जाने वाले आलोक सिंह को भी पिछले दिनों सीएम कार्यालय से रवाना किया गया है। उसके बाद एक महत्वपूर्ण कार्यालय खाली चल रहा है। ऐसे में कौशलेंद्र विक्रम सिंह को फुल फ्लैश में कार्य सौंपना जा सकता है।

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