,

कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के निर्देश पर प्रवर्तन कार्रवाई को मिली गति

रायपुर कृषि उत्पादन आयुक्त  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ कृषि विभाग गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, किसानों के हितों की रक्षा करने तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को…

कृषि उत्पादन आयुक्त  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के निर्देश पर प्रवर्तन कार्रवाई को मिली गति

रायपुर

कृषि उत्पादन आयुक्त  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ कृषि विभाग गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, किसानों के हितों की रक्षा करने तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अमानक उर्वरकों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा है। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत चालू खरीफ सीजन के दौरान विभाग द्वारा की गई प्रवर्तन कार्रवाई छत्तीसगढ़ देश के लिए मिसाल बना है। वर्ष 2025 की तुलना में कुल कार्रवाई में 10.25 गुना वृद्धि दर्ज करते हुए विभाग ने 44 से बढ़ाकर 451 मामलों में कार्रवाई की है। 

बता दें कि कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के नेतृत्व में  कृषि विभाग द्वारा किसानों के हितों की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों की गुणवत्ता, भंडारण, विक्रय एवं वितरण पर राज्यभर में सघन निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप अमानक उर्वरकों के विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगा है तथा कृषि आदानों की पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित हुई हैं।

सख्त कार्रवाई से बढ़ा भरोसा

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रवर्तन कार्रवाई के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं गड़बड़ी सख्त कार्रवाई से किसानों का भरोसा विभागों के प्रति बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष कि तुलना में इस खरीफ सीजन में न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरणों की संख्या 4 से बढ़कर 56 हो गई, जबकि जब्ती की कार्रवाई 2 से बढ़कर 98 तक पहुंच गई। इसी प्रकार लाइसेंस निलंबन के मामलों में 3 से बढ़कर 97, लाइसेंस निरस्तीकरण 2 से बढ़कर 10 तथा विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई 33 से बढ़कर 183 हो गई। इसके अतिरिक्त पहली बार 7 एफआईआर भी दर्ज कराई गईं, जो विभाग की कड़ी निगरानी एवं शून्य सहिष्णुता की नीति को दर्शाती हैं।

कृषि मंत्री  नेताम के नेतृत्व में विभाग ने यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को केवल प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरक ही उपलब्ध हों। विभाग द्वारा राज्यभर में नियमित निरीक्षण, नमूना परीक्षण, शिकायतों का त्वरित निराकरण तथा दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से किसानों का विश्वास और मजबूत हुआ है।

कृषि आदानों से समृद्ध कृषि की दिशा में प्रयास

कृषि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर किसानों की आय एवं उत्पादकता बढ़ाना भी है। विभाग द्वारा नियमों का कड़ाई से पालन, सतत निगरानी तथा पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि वातावरण विकसित किया जा रहा है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports