बुमराह के बिना बिखरी टीम इंडिया, 2027 वर्ल्ड कप से पहले बढ़ी चिंता

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारतीय टीम की गेंदबाजी पूरी तरह बेअसर नजर आई. दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने में सूजन के कारण मुकाबले से बाहर थे और उनकी जगह अर्शदीप सिंह को मौका मिला. हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा ने शुरुआत में शानदार गेंदबाजी करते…

बुमराह के बिना बिखरी टीम इंडिया, 2027 वर्ल्ड कप से पहले बढ़ी चिंता

नई दिल्ली
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारतीय टीम की गेंदबाजी पूरी तरह बेअसर नजर आई. दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने में सूजन के कारण मुकाबले से बाहर थे और उनकी जगह अर्शदीप सिंह को मौका मिला. हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा ने शुरुआत में शानदार गेंदबाजी करते हुए लगातार दो मेडन ओवर फेंके और 20 डॉट गेंदों का स्पेल डाला, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला.

इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज जैकब बेथेल और बेन डकेट ने पहले संभलकर बल्लेबाजी की और फिर भारतीय गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी हो गए. दोनों ने पहले विकेट के लिए 192 रन जोड़कर कुछ बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए. यह इंग्लैंड की तरफ से भारत के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी रही. साथ ही इस मैदान पर किसी वनडे इंटरनेशनल मैच में बनी सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी भी थी. डकेट ने 135 गेंदों पर 141 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं बेथेल के बैट से 91 रन निकले.

भारत ने खराब गेंदबाजी के साथ-साथ अनुशासन भी खो दिया. टीम ने कुल 26 रन अतिरिक्त के तौर पर दिए, जिनमें 16 वाइड, 9 लेग बाई और 1 नो बॉल शामिल थे. युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव अपने शुरुआती ओवर में ही 11 रन खर्च कर बैठे. पूर्व इंग्लैंड कप्तान नासिर हुसैन ने कमेंट्री के दौरान कहा, 'यही भारत की गेंदबाजी का सार है.' वहीं टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने भी भारतीय गेंदबाजी को बेहद साधारण करार दिया.

इंग्लैंड ने 50 ओवर्स में 3 विकेट पर 387 रन बनाए, जो लॉर्ड्स में बना सबसे बड़ा ओडीआई स्कोर है. जो रूट ने भी भारत की मुश्किलें बढ़ाते हुए सिर्फ 48 गेंदों में नाबाद 74 रन बनाए. यह वनडे इंटनरेशनल में उनका लगातार छठा फिफ्टी प्लस स्कोर रहा. पूरी सीरीज में भारतीय गेंदबाज रूट को आउट नहीं कर सके. उन्होंने तीन पारियों में 249 रन बनाए.

लॉर्ड्स में प्रसिद्ध कृष्णा ने दो विकेट लिए, लेकिन उन्होंने भी 69 रन खर्च किए. गुरनूर बरार (97 रन) प्रिंस यादव (79 रन) और अर्शदीप सिंह (72 रन) तो काफी महंगे साबित हुए. इंग्लैंड ने पावरप्ले में 58 रन बनाए, लेकिन असली नुकसान मिडिल ओवर्स में हुआ, जहां उसने 203 रन जोड़ दिए. आखिरी 10 ओवरों में भी भारत ने 126 रन लुटा दिए, जिनमें 62 रन तो आखिरी 3 ओवरों में आए.

कुलदीप को ना खिलाना समझ से परे
बूम बूम बुमराह की गैरमौजूदगी ने भारत की तेज गेंदबाजी की धार जरूर कम कर दी, लेकिन उससे भी बड़ा सवाल कुलदीप यादव को लगातार बाहर रखने पर उठ रहा है. चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भारत ने 15 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं, जिनमें कुलदीप सिर्फ 8 मुकाबलों में ही खेले हैं. वॉशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद उम्मीद थी कि कुलदीप को मौका मिलेगा क्योंकि मिडिल ओवर्स में विकेट निकालना उनकी सबसे बड़ी ताकत है. इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट ने उन्हें प्लेइंग-11 शामिल नहीं किया.

2027 वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी
इंग्लैंड कप्तान हैरी ब्रूक ने मैच से पहले कहा था कि जो टीम मिडिल ओवर्स में विकेट निकालती है और रन रोकती है, वही मैच पर नियंत्रण बनाती है. भारत की सबसे बड़ी समस्या भी यही बनती जा रही है. पहले न्यूजीलैंड अब इंग्लैंड… मिडिल ओवर्स में भारतीय गेंदबाज लगातार विकेट लेने और रन रोकने में संघर्ष करते दिखे हैं.

लॉर्ड्स की यह हार सिर्फ एक मैच गंवाने की कहानी नहीं है, बल्कि इसने साफ कर दिया कि अगर भारत को 2027 वनडे वर्ल्ड कप जीतना है तो सिर्फ जसप्रीत बुमराह पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा. टीम को मिडिल ओवर्स की गेंदबाजी, संयम और सही टीम कॉम्बिनेशन पर जल्द काम करना होगा.

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports