गोरखपुर.
गुरु पूर्णिमा सप्ताह के उपलक्ष्य में श्री गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार (23 जुलाई) से भव्य श्रीरामकथा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रयागराज से पधारे कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज श्रद्धालुओं को कथामृत का रसपान कराएंगे। कथा शुभारंभ कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित होंगे। प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायंकाल 6 बजे तक होने वाली श्रीरामकथा का सजीव प्रसारण श्रीगोरखनाथ मंदिर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब, फेसबुक और एक्स पर भी होगा। श्रीरामकथा का विश्राम गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर 29 जुलाई को होगा।
यह जानकारी श्री गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने दी है। उन्होंने बताया कि सनातन परम्परा में गुरु-शिष्य का संबंध अद्वितीय शब्दों में परिभाषित करने से परे है। गुरु-शिष्य परम्परा की संवाहक श्रीगोरक्षपीठ की तरफ से इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 23 जुलाई, गुरुवार से भव्य श्रीरामकथा का आयोजन श्रीगोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में किया जा रहा है। प्रयागराज से आए आचार्य श्री शांतनु जी महाराज कथा सुनाएंगे।
योगी कमलनाथ ने बताया कि गुरुवार को श्रीरामकथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं कथा व्यास शांतनु जी महाराज के सानिध्य में साधु-संतों, मुख्य यजमान, अन्य यजमानगण एवं 151 वेदपाठी विद्यार्थी शंख ध्वनि तथा बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकालेंगे। यह शोभायात्रा दोपहर बाद 2:45 बजे श्रीगोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह से महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में स्थित कथा मंडप तक जाएगी। तत्पश्चात भव्य श्रीरामकथा का प्रारंभ होगा।
योगी कमलनाथ ने सभी श्रद्धालुओं को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि श्रीरामकथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायं 6 बजे तक होगी। इसका सीधा प्रसारण श्रीगोरखनाथ मंदिर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी किया जाएगा। गोरक्षपीठाधीश्वर के सानिध्य में श्रीरामकथा का विश्राम व पूर्णाहुति 29 जुलाई को प्रातः 9 बजे से 11:30 बजे होगी। गुरु पूर्णिमा के दिन श्री गोरखनाथ मंदिर में विशिष्ट पूजन, आशीर्वचन, भजन व सहभोज का पारम्परिक आयोजन होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म
Link ► X (Twitter) : https://twitter.com/GorakhnathMndr
► Facebook: https://www.facebook.com/ShriGorakhnathMandir
► Youtube: https://www.youtube.com/@ShriGorakhnathMandir
















