चंडीगढ़.
फार्मेसी परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल की ओर से लगातार उठ रही इस्तीफे की मांग के बीच शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पलटवार किया है।
उन्होंने कहा कि अगर उनके पद छोड़ने से पंजाब की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार आता है तो वह आज ही इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं को सरकार ने खुद उजागर किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। इसके बाद खबर में लिखें कि बैंस ने कहा कि सरकार पेपर लीक, नकल और भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टालरेंस की नीति पर काम कर रही है। फार्मेसी परीक्षा में जो भी अनियमितताएं सामने आईं, उन्हें दबाया नहीं गया बल्कि प्रशासन ने खुद उनका पता लगाकर कार्रवाई की। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाना है, इसलिए कमियों को छिपाने के बजाय सामने लाया गया।
विपक्ष पर रानीतिक लाभा का आरोप
बैंस ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को उछालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के समय पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामलों में कार्रवाई की बजाय उन्हें दबा दिया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार दोषियों तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। दरअसल, फार्मेसी परीक्षा में कथित नकल और गड़बड़ी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है।
विपक्ष बना रहा था निशाना
कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, भाजपा के केवल सिंह ढिल्लों और सुनील जाखड़ तथा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सरकार को घेरते हुए संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष ने हाल में कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को भी सरकार की कार्यशैली से जोड़कर निशाना बनाया है। बैंस ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाना है। अगर कहीं कोई गड़बड़ी मिलती है तो उसे छिपाने के बजाय कार्रवाई करना ही सरकार की नीति है।
















