प्रयागराज
कफ सिरप तस्करी करने वाले प्रयागराज के अतरसुइया थाना क्षेत्र के उदितगंज की मंडी, बलुआ घाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसके पुत्र संस्कार वर्मा को सोनभद्र एसआईटी ने रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रयागराज में ओम साईं फार्मास्यूटिकल के नाम से फर्म खोलकर कफ सिरप की तस्करी करते थे। एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद के मेरठ रोड पर बनाए गए डिपो के जरिये बड़े पैमाने पर कफ सिरप बांग्लादेश बॉर्डर (अगरतला, त्रिपुरा) भेजे जाने की जानकारी मिली है।
सोनभद्र में 18 अक्तूबर 2025 की रात कफ सिरप लदे जिन दो ट्रकों को पकड़ा गया था उसमें एक पर लदा माल प्रयागराज की दवा फर्म ओम साईं फार्मास्यूटिकल का था। गाजियाबाद में कार्रवाई के दौरान भी इस फर्म की कई पर्चियां बरामद की गई थीं। आरोपियों को दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से दोनों को जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया। पकड़े गए दोनों तस्कर सरगना शुभम के करीबी बताए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी ग्रुप से जुड़े थे दोनों
एएसपी मुख्यालय अनिल ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि संस्कार वर्मा और उसका पिता विनोद दिल्ली स्थित वान्या इंटरप्राइजेज से कोडीनयुक्त एस्कफ कफ सिरप की बड़ी खेप हासिल करते थे और उसे अवैध रूप से अन्य राज्यों में डायवर्ट करते थे। तस्करी का किसी को पता न चलने पाए इसके लिए सिरप को नमकीन/चिप्स की पर्ची के आधार पर कंटेनरों में छिपाकर बांग्लादेश सीमा (अगरतल्ला, त्रिपुरा) की ओर भेजा जाता था। एएसपी का दावा है कि पिता-पुत्रों से जुड़ा कफ सिरप तस्करी का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे के रूप में प्रयोग के लिए कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति कर रहा था।
सोनभद्र में पकड़ी गई थी 59,675 शीशियां
एएसपी ने बताया कि 18 अक्तूबर 2025 को थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में दो कंटेनर ट्रकों में लदी सिरप की 1,19,675 शीशियां बरामद की गई थी। इसमें एक कंटेनर पर लदी सिरप की 59,675 शीशियों की तस्करी संस्कार और उसके पिता विनोद के जरिये की जा रही थी। एसआईटी प्रभारी सदानंद राय की अगुवाई वाली टीम रविवार की तड़के प्रयागराज पहुंची। वहां अतरसुइया पुलिस से सहयोग लेते हुए दोनों को को गिरफ्तार किया गया। दोपहर में उन्हें सोनभद्र लाया गया। पूछताछ के बाद चालान कर दिया गया।
अब तक ईडी नहीं कर सका कार्रवाई
करीब 2000 करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। प्रदेश पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत अन्य की करीब 500 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को जब्त किया गया, जबकि ईडी जांच के बाद भी आगे की कार्रवाई नहीं कर पाई। सूत्रों की मानें तो तस्करी में लिप्त आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के बाद भी ईडी ने उनके खिलाफ एक्शन नहीं लिया। वहीं दवा कंपनियों से जवाब-तलब करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की। वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में कोडीनयुक्त कफ सिरप बनाने वाली एक दवा कंपनी के खिलाफ ईडी की जम्मू यूनिट ने संपत्तियों को जब्त किया, लेकिन यूपी में मामला ठंडा बस्ते में चला गया।
ईडी के अधिकारियों ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की आलीशान कोठी को जब्त करने के दावे भी किए थे, लेकिन आलोक की पत्नी से पूछताछ के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा
जांच अधिकारी का तबादला
इस प्रकरण की जांच करने वाले ईडी के डिप्टी डायरेक्टर का बीते दिनों हैदराबाद तबादला हो गया। अभी तक किसी अन्य डिप्टी डायरेक्टर को जांच का जिम्मा नहीं सौंपा गया है। माना जा रहा है कि लखनऊ जोनल कार्यालय के नए ज्वाइंट डायरेक्टर राकेश कुमार सुमन के पदभार ग्रहण करने के बाद ही किसी अन्य अधिकारी को इस प्रकरण की जांच सौंपी जाएगी। इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं होने से विभाग में तमाम चर्चाएं हो रही हैं।
प्रयागराज में कफ सिरप तस्करी का बड़ा खुलासा, पिता-पुत्र गिरफ्तार
प्रयागराज कफ सिरप तस्करी करने वाले प्रयागराज के अतरसुइया थाना क्षेत्र के उदितगंज की मंडी, बलुआ घाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसके पुत्र संस्कार..

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