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गोविंद गोयल बोले- आवासीय परिसरों में संचालित व्यापार पर कार्रवाई तत्काल रोकी जाए

भोपाल.  17 एवं 20 जुलाई को नगर निगम भोपाल द्वारा आवासीय परिसरों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध जारी किए जा रहे नोटिसों का भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने विरोध किया है। चेंबर ने प्रदेश शासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान होने तक व्यापारियों के विरुद्ध किसी भी…

गोविंद गोयल बोले- आवासीय परिसरों में संचालित व्यापार पर कार्रवाई तत्काल रोकी जाए

भोपाल. 
17 एवं 20 जुलाई को नगर निगम भोपाल द्वारा आवासीय परिसरों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध जारी किए जा रहे नोटिसों का भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने विरोध किया है। चेंबर ने प्रदेश शासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान होने तक व्यापारियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा भोपाल के प्रमुख मार्गों एवं मुख्य सड़कों पर मिक्स लैंड यूज़ (Mixed Land Use) की व्यवस्था लागू की जाए।

इस संबंध में भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर व्यापारियों की समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा 17 जुलाई 2026 से व्यापारियों को नोटिस जारी कर मात्र 10 दिनों के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने अथवा परिसरों को पूर्णतः आवासीय स्वरूप में परिवर्तित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे हजारों व्यापारियों और उनसे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है।

चेंबर ने बताया कि भोपाल विकास योजना (मास्टर प्लान) का अंतिम प्रकाशन वर्ष 2005 में हुआ था, लेकिन नया मास्टर प्लान आज तक लागू नहीं हो सका। इसके कारण शहर में व्यापारिक गतिविधियों के अनुरूप पर्याप्त व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध नहीं हो पाए। यही वजह है कि 10 नंबर मार्केट, अरेरा कॉलोनी, 11-12 नंबर मार्केट, 1100 क्वार्टर्स, सहयोग विहार, बावड़िया कला, रोहित नगर, अरविंद बिहार सहित नए भोपाल के कई क्षेत्रों में वर्षों से आवासीय परिसरों से व्यापार संचालित किया जा रहा है।

चेंबर का कहना है कि इन क्षेत्रों में अस्पताल, बैंक, क्लीनिक, शोरूम तथा अन्य सेवा संस्थान लंबे समय से संचालित हैं और सभी व्यवसायी नियमित रूप से नगर निगम को व्यावसायिक दर से संपत्ति कर, विद्युत वितरण कंपनी को कमर्शियल दर से बिजली शुल्क तथा शासन द्वारा निर्धारित अन्य कर एवं शुल्क जमा कर रहे हैं। इससे शासन को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है।

व्यापारियों पर आएगा आर्थिक संकट
चेंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि व्यापारियों ने वर्षों की मेहनत और जीवनभर की पूंजी लगाकर अपने प्रतिष्ठान स्थापित किए हैं। कई व्यापारियों ने बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से टर्म लोन, मॉर्टगेज लोन और कैश क्रेडिट जैसी सुविधाएं लेकर कारोबार शुरू किया है। ऐसे में केवल 10 दिनों में व्यवसाय बंद करने के निर्देश न केवल अव्यावहारिक हैं, बल्कि इससे व्यापारियों के सामने ऋण चुकाने, कर्मचारियों के वेतन, बाजार में साख बनाए रखने तथा परिवार के भरण-पोषण का भी गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापार बंद होने की स्थिति में ग्राहकों से बकाया राशि की वसूली भी प्रभावित होगी, जिससे पूरे व्यापारिक तंत्र पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

ये हैं चेंबर की प्रमुख मांगें
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि नया मास्टर प्लान लागू होने तक नगर निगम द्वारा व्यापारियों के विरुद्ध सभी दंडात्मक एवं कठोर कार्रवाई तत्काल प्रभाव से स्थगित की जाए। साथ ही भोपाल के प्रमुख मार्गों एवं मुख्य सड़कों को मिक्स लैंड यूज़ नीति के अंतर्गत शामिल कर अंतरिम नीति बनाई जाए, ताकि व्यापारियों एवं आम नागरिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

प्रेस वार्ता में चेंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि सरकार को व्यापारियों की वर्षों पुरानी व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए। इस अवसर पर 10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी एवं अजय देवगनी  सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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