दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप उड़ानों के लिए तैयार A350-1000ULR, 19 घंटे हवा में रहने की क्षमता

नई दिल्ली आसमान में एक नया इतिहास रच दिया गया है. आस्‍ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटास (Qantas) के नए सुपर प्लेन ने अपनी ताकत का अहसास दुनिया को कराया है. क्वांटास का नया अल्ट्रा लॉन्ग-रेंज एयरबस A350-1000ULR विमान शुक्रवार को पहली बार 19 घंटे की परीक्षण उड़ान पूरी कर फ्रांस से ऑस्ट्रेलिया पहुंचा. 17000 किलोमीटर की यह…

दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप उड़ानों के लिए तैयार A350-1000ULR, 19 घंटे हवा में रहने की क्षमता

नई दिल्ली
आसमान में एक नया इतिहास रच दिया गया है. आस्‍ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटास (Qantas) के नए सुपर प्लेन ने अपनी ताकत का अहसास दुनिया को कराया है. क्वांटास का नया अल्ट्रा लॉन्ग-रेंज एयरबस A350-1000ULR विमान शुक्रवार को पहली बार 19 घंटे की परीक्षण उड़ान पूरी कर फ्रांस से ऑस्ट्रेलिया पहुंचा. 17000 किलोमीटर की यह दूरी इस विमान ने बिना कहीं रुके तय की. एयरबस A350-1000ULR को दुनिया की सबसे लंबी उड़ानों के लिए तैयार किया गया है। 

प्लेन ने गुरुवार सुबह 7:33 बजे फ्रांस से उड़ान भरी थी और शुक्रवार सुबह 10:46 बजे मेलबर्न में लैंडिंग की. इस टेस्ट फ्लाइट को ट्रैक करने के लिए लोग टूट पड़े.सुबह फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 पर 67,000 से अधिक लोग इस सफर को लाइव देख रहे थे. यह  को दुनिया भर में सबसे ज्यादा ट्रैक की जाने वाली फ्लाइट बन गई। 

क्यों इतना खास है A350-1000ULR?

द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सिर्फ एक साधारण हवाई जहाज नहीं है. इसे खास तौर पर दुनिया की सबसे लंबी उड़ानों के लिए तैयार किया गया है. जानिए इसमें कई बड़ी खासियतें हैं-

    20,000 लीटर अतिरिक्त ईंधन टैंक: एयरबस ने इसमें बड़ा फ्यूल टैंक लगाया है. इसकी बदौलत यह प्लेन एक बार में करीब 18,500 किलोमीटर तक उड़ सकता है.
    सीटें कम, ज्यादा आराम: आम A350 प्लेन में 300 से ज्यादा सीटें होती हैं. लेकिन A350-1000ULR में केवल 238 सीटें होंगी. इससे यात्रियों को लंबा सफर थकाऊ नहीं लगेगा। 

    22 घंटे डायरेक्‍ट फ्लाइट का लक्ष्य: इस विमान को ‘प्रोजेक्ट सनराइज’ के लिए डिजाइन किया गया है. इसके जरिए सिडनी से लंदन के बीच बिना रुके 22 घंटे की सीधी उड़ान शुरू करने की योजना क्‍वांटास की है। 

हवा में कसौटी पर कसे गए सिस्टम
इस टेस्ट फ्लाइट में विमान के हर कल-पुर्जे और सिस्‍टम्‍स को गौर से परखा गया. इस विमान को ठोक-बजाकर परखने के लिए 4 एक्सपर्ट टेस्ट पायलट और 5 फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरों ने इसमें सफर किया. वापसी की उड़ान लगभग 23 घंटे की होगी. इस लंबे सफर में क्रू मेंबर्स एयर कंडीशनिंग से लेकर फ्यूल ट्रांसफर सिस्टम तक की कड़ी जांच करेंगे. इतनी लंबी उड़ान में थकान होना लाजिमी है, इसलिए क्रू के आराम के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। 

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