,

कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन से राजस्थान की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत

जयपुर  मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान की कृषि क्षमता को आर्थिक समृद्धि में बदलने के लिए कृषि उत्पादों के अधिक से अधिक प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन आवश्यक है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण…

कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन से राजस्थान की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत

जयपुर
 मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान की कृषि क्षमता को आर्थिक समृद्धि में बदलने के लिए कृषि उत्पादों के अधिक से अधिक प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन आवश्यक है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्य सचिव सोमवार को सचिवालय में केंद्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव ए.पी. दास जोशी की उपस्थिति में आयोजित स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में राजस्थान में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विस्तार, उपलब्ध अवसरों, चुनौतियों तथा आवश्यक नीतिगत सुधारों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव ने नई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, फूड पार्कों एवं एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टरों के विकास, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही उद्योगों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर इस क्षेत्र के विकास को गति देने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, उद्योगों, वित्तीय संस्थानों, कृषि एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच निरंतर समन्वय और सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक नीतिगत एवं संस्थागत पहल की जाएंगी। इससे राज्य में निवेश, मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन तथा किसानों की आय में वृद्धि को और गति मिलेगी।

केंद्रीय सचिव श्री जोशी ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण ऐसा क्षेत्र है, जो बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने राजस्थान की कृषि एवं बागवानी क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में इस क्षेत्र के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने मंत्रालय की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने, कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन तथा प्रसंस्करण क्षमता का विस्तार करने पर बल देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बैठक में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सचिव श्री राजन विशाल ने राजस्थान की कृषि क्षमता, निवेश-अनुकूल वातावरण, फूड पार्कों, एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टरों, कोल्ड चेन अवसंरचना, राज्य सरकार की प्रोत्साहन नीतियों तथा प्रस्तावित फूड पार्क नीति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग तथा भावी कार्ययोजना की भी जानकारी दी।

बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों, एमएसएमई, एफपीओ, निर्यातकों, स्टार्टअप्स, कृषि विश्वविद्यालयों, बैंकिंग क्षेत्र तथा अन्य हितधारकों ने अपने सुझाव साझा किए। उन्होंने उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता की सरल उपलब्धता, खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं एवं इनक्यूबेशन केंद्रों को सुदृढ़ बनाने, कोल्ड चेन और प्रसंस्करण अवसंरचना के विस्तार तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सुधारों पर जोर दिया। उद्योग प्रतिनिधियों ने राजस्थान के निवेश-अनुकूल वातावरण की सराहना करते हुए राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और विस्तार की संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports