,

NGT की रोक के बावजूद वेटलैंड में ‘मड रैली’! सोशल मीडिया से जुटती भीड़, विशेषज्ञों ने उठाए पर्यावरण पर सवाल

भोपाल राजधानी भोपाल के पर्यावरणीय दृष्टि से अति संवेदनशील कलियासोत एवं केरवा जलाशय क्षेत्र में अवैध मड कार रैली और हुड़दंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रत्येक शनिवार और रविवार को हजारों की संख्या में लोग चार पहिया वाहनों के साथ वेटलैंड और कैचमेंट क्षेत्र में प्रवेश कर मड रैली आयोजित…

NGT की रोक के बावजूद वेटलैंड में ‘मड रैली’! सोशल मीडिया से जुटती भीड़, विशेषज्ञों ने उठाए पर्यावरण पर सवाल

भोपाल

राजधानी भोपाल के पर्यावरणीय दृष्टि से अति संवेदनशील कलियासोत एवं केरवा जलाशय क्षेत्र में अवैध मड कार रैली और हुड़दंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रत्येक शनिवार और रविवार को हजारों की संख्या में लोग चार पहिया वाहनों के साथ वेटलैंड और कैचमेंट क्षेत्र में प्रवेश कर मड रैली आयोजित करते हैं। इस दौरान कई लोग खुलेआम शराब का सेवन कर लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।

स्थानीय लोगों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का आरोप है कि पुलिस कमिश्नर को शिकायत दिए जाने के बावजूद रतिबड़ थाना क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। नतीजतन हर सप्ताहांत यही स्थिति दोहराई जाती है और कानून व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरणीय नियमों की भी अनदेखी की जा रही है। 

वन्यजीवों और पर्यावरण पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार कलियासोत डैम और आसपास के क्षेत्र में मगरमच्छ, घड़ियाल, कई जलीय पक्षी और अन्य जीवों के घोंसले मौजूद हैं। इसके अलावा यह इलाका बाघ और तेंदुओं की आवाजाही के लिए भी जाना जाता है। भारी वाहनों की आवाजाही, तेज शोर और भीड़भाड़ से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

प्रशासन की कार्यवाही शुरू
रैली के दौरान कई वाहन आपस में टकराए और कुछ युवक घायल भी हुए, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामले के सामने आने के बाद टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि आयोजन अवैध पाया गया तो आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही हर शनिवार और रविवार को क्षेत्र में निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाएगी।

पर्यावरण के लिए खतरा बनी मड कार रैली
कार्रवाई के अभाव में हर सप्ताहांत बड़ी संख्या में लोग कैचमेंट एरिया में पहुंचकर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं. कलियासोत और केरवा का कैचमेंट एरिया वन्यजीवों, पक्षियों और जलीय जीवों का महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है. यहां भारी वाहनों की आवाजाही, तेज शोर, कीचड़ में वाहन दौड़ाने और गंदगी फैलाने से जैव विविधता प्रभावित हो रही है. साथ ही जलस्रोतों और वेटलैंड क्षेत्र पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। 

पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि वेटलैंड और कैचमेंट क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और अवैध मड रैली तथा स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। 

पुलिस ने हर एंगल से जांच शुरू की
मड रैली हर शनिवार रविवार को राजधानी मे आयोजित होती है, जबकि इस रैली पर प्रतिबंधित है. शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इस संवेदनशील क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हो सकती है. इस मामले में एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान का कहना है "कलियासोत क्षेत्र में मड कार रैली और स्टंटबाजी की जानकारी मिली है. पुलिस जांच कर रही है. यह भी देखा जाएगा कि आयोजन करने वालों ने किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति ली थी या नहीं. यदि बिना अनुमति आयोजन किया गया है तो आयोजकों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

देशभर के वेटलैंड पर ऐसी एक्टिविटी पर रोक
पर्यावरणविद् राशिद नूर ने बताया कि साल 2019 में एनजीटी की नई दिल्ली बैंच में याचिका दाखिल की थी। तब यहां बड़े स्तर पर मड रैली का आयोजन किया गया था। एनजीटी ने जनवरी 2020 में आदेश देकर भोपाल समेत देशभर में जितने भी वेटलैंड है, वहां पर मड रैली जैसे आयोजनों पर रोक लगा दी गई।

इस आदेश के बाद तत्कालीन भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने भी एक रैली की अनुमति निरस्त की थी। वेटलैंड के अलावा बाघ, तेंदुओं को रैली से खतरा बताया गया था। वहीं, याचिका दाखिल होने के बाद अगस्त-19 में डीएफओ ने रोक लगाने और मानीटरिंग करने के आदेश दिए थे।

वेटलैंड एरिया में जलीय जीव के घोंसले, अंडे भी एक्सपर्ट नूर का कहना है कि कलियासोत डैम में कई मगरमच्छ और घड़ियाल हैं। बड़ा तालाब में हजारों जलीय जंतु है। जिन्हें मड रैली जैसे आयोजनों से खतरा है। दूसरी ओर, वन विभाग के अनुसार, कलियासोत, केरवा डैम क्षेत्र में कई बाघों का भी मूवमेंट रहता है। मड रैलियों से उनके लिए भी खतरा हो गया है।

भारी वाहनों की आवाजाही, तेज शोर और भीड़भाड़ से जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि वेटलैंड क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर तत्काल सख्ती की जाए। नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर इस संवेदनशील क्षेत्र को सुरक्षित रखा जाए।

सोशल मीडिया से होता है आयोजन
पर्यावरणविदों का दावा है कि मड रैली की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। आयोजन से जुड़े लोग व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए सीमित लोगों को ही सूचना देते हैं। इसी वजह से प्रशासन को समय रहते इसकी जानकारी नहीं मिल पाती। अब पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि वेटलैंड क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर सख्ती बढ़ाई जाए और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

जानकारों का कहना है कि कलियासोत और केरवा क्षेत्र वेटलैंड, जलग्रहण (कैचमेंट) क्षेत्र एवं वन्यजीवों के संवेदनशील आवास हैं। यहां वाहनों की आवाजाही, तेज शोर, शराबखोरी और हुड़दंग से जैव विविधता तथा प्राकृतिक पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही है।

शिकायर्ता राशिद नूर खान समेत पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध मड कार रैली पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए, वेटलैंड क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगे, पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और पर्यावरणीय नुकसान को रोका जा सके।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports