भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति इसकी गुरू परम्परा है। जब गुरूकुल के संस्कार आधुनिक विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अतिरिक्त क्षमता से जुड़ेंगे, तब हमारी ऐसी पीढ़ी तैयार होगी, जो ज्ञान में श्रेष्ठ, चरित्र में उत्कृष्ट और राष्ट्र निर्माण के प्रति एकनिष्ठ होगी। यही विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत की सबसे बड़ी नींव है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना आधुनिक शिक्षा और अत्याधुनिक कक्षाओं से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय हमारी पुरातन गुरूकुल शिक्षा पद्धति का नूतन एवं आधुनिक स्वरूप है। इन विद्यालयों के माध्यम से एक बेहतर कल की ओर बढ़ रहे हैं। इन विद्यालयों से हम अपने लाखों विद्यार्थियों का एक सुनहरा भविष्य गढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा, संस्कार, तकनीक और सांस्कृति चेतना के अद्भुत समन्वय का संदेश देकर कहा कि मध्यप्रदेश में विकसित हो रहे सांदीपनि विद्यालय भविष्य के भारत के निर्माण की आधारशिला सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को 'गुरू पूर्णिमा महोत्सव' के अवसर पर उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित 'महर्षि सांदीपनि गुरू पर्व' समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मौके पर उज्जैन जिले के लिए कुल 587.23 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न श्रेणी के 9 बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते तीन वर्ष तक बोर्ड परीक्षाओं में लगातार शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले 6 प्राचार्यों को सांदीपनि अलंकरण से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग में नव नियुक्त 7500 प्राथमिक शाला शिक्षकों में से 10 शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर केंद्रित 'मिशन बुनियाद' का शुभारंभ किया। यह मिशन प्रदेश के 8 जिलों के 500 शासकीय स्कूलों में चलाया जाएगा। इसमें कक्षा में 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को एआई से पर्सनली पढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'सर्वांग' एवं 'कृष्ण विद्यांजलि' नामक दो पुस्तिकाओं का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल मीन्स कम मेरिट में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का भी सम्मान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भव्य गीता भवन बनाने का संकल्प लिया है। आज उज्जैन में गीता भवन का लोकार्पण नागरिकों के लिए कई प्रकार से सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यह शिक्षा विभाग का गीता भवन है। नगर निगम और उज्जैन विकास प्राधिकरण के भी अलग-अलग गीता भवन बनाए जाएंगे। सिंहस्थ: 2028 की तैयारियों के साथ ही इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास कार्य भी निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में नई भर्तियों की शुरुआत की है। विगत दो साल में पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती का काम पूरा हुआ है। आज 3 संभागों के लगभग 1000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने कहा कि ये शिक्षक महर्षि सांदीपनि के वंशज के रूप में जाने जाएंगे। शिक्षक भगवान कृष्ण-सुदामा की मित्रता के भाव से बच्चों को शिक्षित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शासकीय विद्यालयों के ऐसे प्राचार्यों को, जिन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में तीन साल तक शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिया है, उन्हें सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ऐसे सभी स्कूलों के प्राचार्यों को 1 लाख रुपए की सम्मान राशि और प्राध्यापकों के साथ स्कूल में विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे स्कूल शिक्षा में और बेहतरी का एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जबलपुर में एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी है। दूसरी की महती आवश्यकता महसूस हो रही है। इसलिए अब उज्जैन में ही नवीन धनवन्तरी चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूल से लेकर विदेशों में पढ़ाई तक हर स्तर पर सहायता करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश, पूरे देश का इकलौता राज्य है, जो 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को डॉक्टर बनाने के लिए उनकी फीस के रूप में 70 से 80 लाख रूपए तक खर्च कर रहा है। स्कूली विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों से लेकर गणवेश, साइकिल से लेकर स्कूटी तक हमारी सरकार उपलब्ध करा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों की पढ़ाई के लिए एआई आधारित मिशन बुनियाद अंतर्गत नई शिक्षा योजना की शुरुआत कर दी है। यह प्रदेश की शिक्षा पद्धति में एक नये युग के आरंभ जैसा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'गुरु पूर्णिमा महोत्सव' के अवसर पर प्रदेशभर में 60 नए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। इनमें 39 स्कूल शिक्षा विभाग और 21 जनजातीय कार्य विभाग के हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का स्मरण कराते हैं। पहले और दूसरे चरण में सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण पर हमारी सरकार करीब 25 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों के लिए हमारे पास धन की कोई कमी नहीं है। अब निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी बड़े पैमाने पर हमारे सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं, लेकिन पहले सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ चुके विद्यार्थियों को मौका दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अवन्तिका नगरी (उज्जैन) दुनिया की 7 पवित्र नगरियों में से एक है, जहां बाबा महाकाल विराजे हैं। जन्म-मृत्यु सब बाबा महाकाल के हाथों में है। उज्जैन ज्ञान-विज्ञान और इतिहास की धरती है। उन्होंने गुरू की महत्ता बताते हुए कहा कि माता-पिता प्रथम गुरू होते है। जीवन में माता-पिता से हम कभी भी ऊऋण नहीं हो सकते हैं। गुरु की महिमा ऐसी है कि उसे भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है। लेकिन सांदीपनि गुरु ने अपने परम शिष्य (भगवान कृष्ण) को जगतगुरू के रूप में देखा। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में ही भगवान कृष्ण को पुस्तकीय ज्ञान से कहीं अधिक यथार्थ कर्मवाद की शिक्षा मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा ज्ञान कदम-कदम पर अपनी परीक्षा मांगता है। भगवान कृष्ण के जीवन से सदैव मनुष्यों को आगे बढ़ने और हिम्मत से काम करने की प्रेरणा देता है। पवित्र ग्रंथ मद्भगवत्गीता के 18वें अध्याय में भगवान कृष्ण ने मानव जीवन के रहस्य, प्रकृति प्रेम और योग के महत्व का विस्तार से वर्णन किया है।
विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 587.23 करोड़ रुपए की लागत के 9 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि सम्राट वीर विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में 5 करोड़ की लागत से 1 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की आवश्यकता जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि आज 12.70 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन में तीन नये पुस्तकालय भवन निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन, करीब 7.53 करोड़ की लागत से माधव विज्ञान महाविद्यालय में नवीन प्रयोगशाला भवन एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लगभग 453.40 करोड़ रुपए की लागत से काल भैरव मंदिर परिसर, मंगलनाथ मंदिर परिसर तथा महर्षि सांदीपनि आश्रम के विकास एवं विस्तार परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना क्र. 3,4,5 एवं 6 के अंतर्गत करीब 550 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन सभी निर्माण कार्यों को ' कृष्ण-सुदामा नगर' के रूप में नामकरण कर इसका भी भूमि-पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 78.75 करोड़ रुपए की लागत से महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के मुख्य कैंपस निर्माण का भूमि-पूजन भी आज ही कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदी की आयु तो लगभग एक हजार साल की है, लेकिन अति प्राचीन संस्कृत भाषा की धारा में शब्द ही ब्रह्म है। दुनिया में लोग जब भौतिकता को चुन रहे थे, तब भारतवर्ष में हमारे पूर्वज नैतिकता को चुन रहे थे। भारतीय संस्कृति दान करने वाली रही है। भारत में 'भा' का अर्थ ज्ञान का प्रकाश और 'रत'का अर्थ लीन होना है। हम उस धरती के वासी हैं, उस प्राचीन संस्कृति के लोग हैं, जो युगों-युगों से ज्ञान की साधना में लीन और सदमार्ग पर चलने वाले हैं।
उज्जैन विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि 'गुरु पूर्णिमा महोत्सव' अपने गुरुओं को नमन करने का अवसर है। उनके आशीर्वाद से उज्जैन में मेडिकल कॉलेज और अधोसंरचना विकास के कार्य निरंतर जारी हैं। शिप्रा मैया पर 24 पुल बनाए जा रहे हैं। साइफन के सिद्धांत के अनुसार सीवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है। कान्ह डक्ट प्रोजेक्ट जैसे प्रोजेक्ट का भी काम जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उज्जैन को भव्य गीता भवन और आईटी पार्क की अनुपम सौगात मिली है। हमारे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर आईटी सेक्टर में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
संत डॉ. रामेश्वर दास ने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु ऐसे हों, जो ज्ञान बांटते-बांटते शिष्य को अपने जैसा बना दें। गुरुओं के नख में दिव्य दृष्टि होती है। गुरु के चरण स्पर्श करने से उनकी ऊर्जा हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है। गुरु ही हमारे सच्चे मार्गदर्शक होते हैं, जो मोक्ष की राह की दिखाते हैं। मनुष्य के जीवन में सबसे पहले उत्तम स्वास्थ्य, शिक्षा ग्रहण करने और ईर्ष्या के त्याग का विशेष महत्व है।
समारोह में मप्र हाउसिंग डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रविन्द्र सोलंकी, महापौर मुकेश टटवाल, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग के डॉ. संजय गोयल, महंत विद्या भारती सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत, सम्मानित प्राचार्यगण, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
















