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सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, शीर्ष माओवादी मिसिर बेसरा हथियारों समेत पकड़ा गया

 रांची  झारखंड के एक मात्र सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य सह राज्य का सबसे बड़ा इनामी माओवादी मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल सहित पांच की गिरफ्तारी के दूसरे ही दिन बुधवार को डीजीपी तदाशा मिश्रा व अन्य अधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी है। माओवादी मिसिर बेसरा राज्य का…

सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, शीर्ष माओवादी मिसिर बेसरा हथियारों समेत पकड़ा गया

 रांची
 झारखंड के एक मात्र सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य सह राज्य का सबसे बड़ा इनामी माओवादी मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल सहित पांच की गिरफ्तारी के दूसरे ही दिन बुधवार को डीजीपी तदाशा मिश्रा व अन्य अधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी है।

माओवादी मिसिर बेसरा राज्य का पहला माओवादी है, जिसपर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उसपर एक करोड़ रुपये का इनाम झारखंड सरकार ने तो एक करोड़ 20 लाख रुपये का इनाम ओडिशा सरकार ने घोषित कर रखा था।

डीजीपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि मिसिर बेसरा व उसके सहयोगियों की सूचना पर सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई को धनबाद के बरवड्डा थाना क्षेत्र के जंगली इलाकों में आपरेशन दौरा पहाड़ चलाया।

इस अभियान में धनबाद, गिरिडीह जिला बल व 209 कोबरा बटालियन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए धनबाद के उक्त इलाके से मिसिर बेसरा के अलावा 15 लाख के इनामी माओवादियों के रीजनल कमेटी सदस्य मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभिषण, एरिया कमांडर गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ तथा दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपितों के पास से तीन एके-47 रायफल, आठ मैगजीन व 288 कारतूस बरामद किए गए हैं।

डीजीपी ने बताया कि झारखंड माओवादियों के शीर्ष नेतृत्व की गिरफ्तारी से लगभग माओवाद मुक्त हो गया है। अब केवल छिटपुट ही बचे हैं और जो बचे हैं वे प्रभावहीन हो चुके हैं, कमजोर हो चुके हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षा में तैनात जवान लगे हुए हैं। झारखंड में बचा एक करोड़ का इकलौता माओवादी असीम मंडल भागा-भागा फिर रहा है।

बंगाल सीमा पर होने की सूचना पर छापेमारी चल रही है। उसका भी जल्द खेल खत्म हो सकता है। उन्होंने शेष बचे माओवादियों से अपील की है कि हिंसा और भयादोहन का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।

प्रेस वार्ता के मौके पर आइजी सीआरपीएफ साकेत कुमार सिंह, आइजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, आइजी झारखंड जगुआर अनूप बिरथरे, डीआइजी झारखंड जगुआर इंद्रजीत महथा, एसएसपी धनबाद प्रभात कुमार व एसपी गिरिडीह डा. विमल कुमार भी मौजूद थे।
ये हैं गिरफ्तार मिसिर बेसरा सहित पांच आरोपित

– मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भाष्कर उर्फ सुनिर्मल : मदनडीह, पीरटांड़, गिरिडीह। पोलित ब्यूरो सदस्य, सेंट्रल कमेटी सदस्य, झारखंड सरकार ने एक करोड़ व ओडिशा सरकार ने एक करोड़ 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसपर दर्ज हैं कुल 175 कांड।

– मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभिषण उर्फ तुंबा मुर्मू : घोराबांध, बरवड्डा, धनबाद। रीजनल कमेटी सदस्य है। इसपर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इसपर दर्ज हैं कुल 137 कांड।

– गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ : सतकठिया, थाना मधुबन, जिला गिरिडीह। यह एरिया कमेटी सदस्य है, इसपर कुल आठ कांड दर्ज हैं।

– मंगल मुर्मू : घोराबांध, बरवड्डा, धनबाद। यह सदस्य है।
– दिनेश राय : पुरनाडीह, बरवड्डा, धनबाद। यह सदस्य है।

बरामद हथियार
तीन एके-47 रायफल, आठ मैगजीन व 288 कारतूस।

हाल के दिनों में माओवादियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई
– 21 मई 2026 को झारखंड के 27 कुख्यात माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें सात सब जोनल कमांडर, सात एरिया कमेटी सदस्य व 13 दस्ता सदस्य शामिल थे। इन माओवादियों ने कुल 18 हथियारों व 2987 कारतूसों के साथ आत्मसमर्पण किया था।
– 13 जुलाई 2026 को सुरक्षा बलों ने माओवादियों के शीर्ष कमांडर रीजनल कमेटी सदस्य सह 20 लाख के इनामी रवींद्र गंझू को गिरफ्तार किया था।
– 17 जुलाई 2026 को सुरक्षा बलों ने माओवादियों के शीर्ष कमांडर स्पेशल एरिया कमेटी (सैक) सदस्य, 25 लाख के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया था। इसी दिन एरिया कमेटी सदस्य बबिता उर्फ अनिता किस्कू ने आत्मसमर्पण किया था।
– 28 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय में कुल 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें एक रीजनल कमेटी सदस्य, तीन जोनल कमेटी सदस्य, तीन सब जोनल कमेटी सदस्य, छह एरिया कमांडर व तीन दस्ता सदस्य शामिल थे। इन माओवादियों ने 11 हथियार व 1562 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया था।

प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल अधिकारियों-जवानों व गुप्तचरों में बंटेगी इनाम की राशि
मिसिर बेसरा व उसके सहयोगियों पर घोषित इनाम की राशि इस अभियान में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल अधिकारियों व जवानों में बंटेगी। इसके लिए संबंधित जिले के एसपी वहां के डीआइजी के माध्यम से आइजी अभियान को अपनी अनुशंसा भेजेंगे। विशेष शाखा के पदाधिकारियों के साथ मिलकर समीक्षा बैठक कर इनाम के हकदारों की सूची तैयार होगी, जिन्हें इनाम की राशि दी जाएगी।

 

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