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पात्र दिव्यांगजन को मिल रही प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की कुष्ठावस्था पेंशन योजना, कुष्ठ रोग से उपचार के बाद दिव्यांगता से प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी है।…

पात्र दिव्यांगजन को मिल रही प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता

लखनऊ

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की कुष्ठावस्था पेंशन योजना, कुष्ठ रोग से उपचार के बाद दिव्यांगता से प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नियमित पेंशन प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 13 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल गया है।

लाभार्थियों को 3,000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में योजना के तहत कुल 13,734 कुष्ठजनित दिव्यांगजन को लाभान्वित किया गया है। इस अवधि में सरकार द्वारा 1231.17 लाख रुपये (12.31 करोड़ रुपये) की धनराशि व्यय की गई है। पात्र लाभार्थियों को 3,000 रुपये प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। 

मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनी योजना

कुष्ठावस्था पेंशन योजना का उद्देश्य ऐसे दिव्यांगजन एवं कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जिनके परिवार की आय उनके भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को सम्मानजनक जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के अंतर्गत कुष्ठ रोग के कारण किसी भी स्तर की दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्ति पात्र हैं।

कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित ना रहे- उपनिदेशक

इस योजना में दिव्यांगता का प्रतिशत पात्रता में बाधक नहीं है। पात्रता के लिए संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र आवश्यक है। इसके अतिरिक्त आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो, उसके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक न हो तथा वह किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त न कर रहा हो। उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचे तथा कोई भी पात्र आवेदक इस महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना से वंचित न रहे।

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