भारत के सामान पर चीन हुआ फिदा! 74% बढ़ी खरीदारी, रिकॉर्ड आयात ने सबको चौंकाया

नई दिल्ली हम सुनते रहे हैं क‍ि भारत चीन का माल खूब खरीदता है. उसके ब‍िना काम नहीं चल सकता. लेकिन अब कुछ उल्‍टा हो रहा है. हम चीन से अब भी तमाम सामान खरीद रहे हैं, बदले में अब चीन भी जहाजों में भरभरकर हमारा माल ले जा रहा है. इस बार तो उसने…

भारत के सामान पर चीन हुआ फिदा! 74% बढ़ी खरीदारी, रिकॉर्ड आयात ने सबको चौंकाया

नई दिल्ली

हम सुनते रहे हैं क‍ि भारत चीन का माल खूब खरीदता है. उसके ब‍िना काम नहीं चल सकता. लेकिन अब कुछ उल्‍टा हो रहा है. हम चीन से अब भी तमाम सामान खरीद रहे हैं, बदले में अब चीन भी जहाजों में भरभरकर हमारा माल ले जा रहा है. इस बार तो उसने भारतीय बाजारों में जबरदस्‍त खरीददारी की है. इंड‍िया इंजीन‍ियरिंग एक्‍सपोर्ट्स की र‍िपोर्ट के मुताबिक, प‍िछले साल के मुकाबले चीन ने इस साल 74 फीसदी ज्‍यादा इंजीन‍िर‍िंग आइटम हमसे खरीदे हैं। 

जून महीने में भारत के इंजीनियरिंग गुड्स के एक्‍सपोर्ट में शानदार 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस शानदार ग्रोथ के साथ जून महीने का कुल निर्यात बढ़कर 11.48 अरब डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गया है. इंजीनियरिंग एक्सपोर्टर्स की संस्था EEPC इंडिया ने सोमवार को बताया कि यह तेजी मुख्य रूप से चीन, अमेरिका, जर्मनी और ओमान जैसे देशों से आई भारी मांग के कारण संभव हो पाई है। 

पिछले साल के मुकाबले दोगुनी बढ़ोत्‍तरी 
आंकड़ों के मुताबिक, केवल चीन को होने वाले निर्यात में 74% का भारी उछाल आया है, जो 361.47 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. इससे पहले, मार्च में खत्म हुए पिछले वित्त वर्ष में भी चीन को होने वाले कुल निर्यात में करीब 37% की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई थी। 

निर्यात में यह बढ़ोतरी भारत के व्यापार के लिए एक बड़ी राहत है. यह ग्रोथ ऐसे समय में आई है, जब लाल सागर और स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बाधित है, जिसके कारण माल ढुलाई, बीमा और रास्ते का खर्च काफी ज्यादा बढ़ गया है। 

एक्‍सपोर्ट का एक चौथाई ह‍िस्‍सा इंजीन‍ियरिंग गुड्स का
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून की बात करें तो, इंजीनियरिंग निर्यात 18.09% बढ़कर 34.14 अरब डॉलर हो गया है, जो पिछले साल इसी दौरान 28.91 अरब डॉलर था. भारत के कुल माल निर्यात में एक-चौथाई से ज्यादा हिस्सा अकेले इंजीनियरिंग सेक्टर का ही होता है. भारतीय इंजीनियरिंग सामानों के लिए अमेरिका अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है. जून में अमेरिका को 1.95 अरब डॉलर का माल भेजा गया. वहीं, ओमान को होने वाले निर्यात में चार गुना से ज्यादा की वृद्धि हुई और यह करीब 259 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। 

EEPC इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने बताया कि पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व के संकट के बावजूद यह सेक्टर मजबूती से टिका हुआ है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों से हर महीने इंजीनियरिंग निर्यात 10 अरब डॉलर के पार बना हुआ है और आगे भी इसे बनाए रखने के लिए सरकारी सहयोग की जरूरत होगी। 

सऊदी के एक्‍सपोर्ट में आई ग‍िरावट
रिपोर्ट के अनुसार, जून में कुल 34 में से 27 इंजीनियरिंग उत्पाद श्रेणियों में पिछले साल के मुकाबले अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है. हालांकि, यूएई (UAE) और सऊदी अरब के निर्यात में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन तुर्की को होने वाले निर्यात में शानदार वापसी हुई है, जो पिछले साल काफी गिर गया था। 

चीन को क्‍या एक्‍सपोर्ट करता है भारत
भारत चीन-अमेर‍िका समेत कई देशों को अपने इंजीन‍ियरिंग गुड्स सप्‍लाई करता है.इसमें औद्योगिक मशीनरी, ऑटो पार्ट्स और लौह-इस्पात शामिल हैं. इनमें कॉपर और एल्यूमीनियम जैसे मेटल से बने गुड्स शामिल हैं. इनका उपयोग चीन के इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्‍युफैक्‍चर‍िंग इंडस्‍ट्री में बड़े पैमाने पर होता है. भारत चीन को बॉयलर, IC इंजन और उनके पार्ट्स, मशीन टूल्स, इंजेक्टिंग मोल्डिंग मशीनें, और डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी का भी निर्यात करता है। 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports