यूरोप बॉर्डर पर हिंसा का तांडव, घुसपैठ की कोशिश के बाद स्पेन ने सेना उतारी; कई मौतों की खबर

मैड्रिड यूरोप के बॉर्डर पर एक बार फिर से बड़ा सुरक्षा खतरा पैदा हो गया है. मुस्लिम बहुल अफ्रीकी देश मोरक्‍को से हजारों की तादाद में लोग समंदर तैरकर या फिर लैंड बॉर्डर के जरिये यूरोपीय देश स्‍पेन में दाखिल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में हजारों की तादाद…

यूरोप बॉर्डर पर हिंसा का तांडव, घुसपैठ की कोशिश के बाद स्पेन ने सेना उतारी; कई मौतों की खबर

मैड्रिड

यूरोप के बॉर्डर पर एक बार फिर से बड़ा सुरक्षा खतरा पैदा हो गया है. मुस्लिम बहुल अफ्रीकी देश मोरक्‍को से हजारों की तादाद में लोग समंदर तैरकर या फिर लैंड बॉर्डर के जरिये यूरोपीय देश स्‍पेन में दाखिल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में हजारों की तादाद में मोरक्‍को वासी अवैध तरीके से बॉर्डर क्रॉस कर स्‍पेन के सेउटा में दाखिल हो गए. मोरक्‍को के बेलगाम शरणार्थियों के चलते स्‍पेन के सीमावर्ती इलाके सेउटा में बवाल मच गया. स्‍थानीय सरकार ने केंद्र से आर्मी को तैनात करने और नेशनल इमरजेंसी घोषित करने की मांग की है. हालांकि, स्‍पेन सरकार की ओर से अभी तक आपातकाल की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हालात पर काबू पाने के लिए बॉर्डर पर आर्मी को बख्‍तरबंद गाड़ियों के साथ तैनात कर दयिा गया है. उधर, स्‍पेन के बॉर्डर पर बवाल को देखते हुए इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने चेतावनी जारी की है. लीबिया और सीरिया संकट के दौरान जर्मनी की तरह इटली भी अवैध शरणार्थियों का भुक्‍तभोगी रहा था। 

स्पेन के उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा (Ceuta) में मोरक्को की ओर से बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों के प्रवेश के बाद गंभीर मानवीय और सुरक्षा संकट पैदा हो गया है. हालात को नियंत्रित करने के लिए स्पेन सरकार ने सीमा पर सेना तैनात करने का फैसला किया है. न्‍यूज एजेंसी ‘AP’ स्थानीय प्रशासन का कहना है कि हजारों प्रवासियों के अचानक पहुंचने से सीमा सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है, जबकि बॉर्डर पार करने की कोशिश के दौरान कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई है. वहीं, बीबीसी की रिपोर्ट की मानें मो बॉर्डर क्रॉस करने के चक्‍कर में कम से कम 60 लोगों की मौत हुई है. सेउटा के क्षेत्रीय प्रमुख जुआन जीसस विवास ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से लगातार अवैध प्रवासियों का दबाव बढ़ रहा है और स्थानीय संसाधन पूरी तरह जवाब दे रहे हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से अतिरिक्त पुलिस बल और सैन्य सहायता भेजने की मांग की थी. इसके बाद स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे मार्लास्का ने सेउटाका दौरा करने की घोषणा की। 

समंदर तैरकर कर रहे पार
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग तैरकर, हवा से भरे ट्यूब और अन्य फ्लोटेशन उपकरणों की मदद से समुद्र पार कर स्यूटा पहुंचे. कई प्रवासी सीमा पर लगी बाड़ के गेट से दौड़ते हुए स्पेनिश क्षेत्र में दाखिल हुए. बॉर्डर में घुसने वाले अधिकांश प्रवासी युवा पुरुष हैं. हालांकि, महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवार भी इस भीड़ में शामिल थे. स्पेन की सिविल गार्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारी राशिद स्बीही ने कहा कि स्थिति पूरी तरह अराजक हो चुकी है और सीमा व्यवस्था लगभग ध्वस्त हो गई है. प्रवासियों की सही संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. कुछ स्पेनिश मीडिया संस्थानों ने गुरुवार को दो से तीन हजार लोगों के सीमा पार करने का अनुमान लगाया है, जबकि सरकारी ब्रॉडकास्‍टर आरटीवीई के अनुसार पिछले दो सप्ताह में 1,500 से अधिक (ज्यादातर मोरक्को के युवा) सेउटा पहुंचे हैं. स्थानीय प्रशासन ने बताया कि बिना मां-बाप वाले नाबालिगों के लिए बनाए गए आश्रय केंद्र अपनी क्षमता से कई गुना अधिक लोगों को शरण देने के लिए मजबूर हैं. हाल के महीनों में समुद्र से लगभग 60 शव बरामद किए जाने की भी जानकारी दी गई है, जिससे इस मार्ग की खतरनाक स्थिति उजागर होती है। 

गृह मंत्रालय अलर्ट
स्पेन के गृह मंत्रालय का कहना है कि मानव तस्करी से जुड़े गिरोह हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का फायदा उठाकर लोगों को अवैध रूप से स्यूटा पहुंचने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. अदालत ने इस महीने फैसला दिया था कि समुद्र के रास्ते स्यूटा या मेलिला पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए तुरंत मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता. हालांकि कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि अधिकांश प्रवासियों को इस कानूनी फैसले की जानकारी ही नहीं थी. स्पेन और मोरक्को दोनों सरकारों ने कहा है कि वे इस संकट से निपटने के लिए मिलकर काम कर रही हैं. दोनों देशों ने अवैध रूप से सेउटा पहुंचे लोगों की जल्द वापसी सुनिश्चित करने और सीमा पर निगरानी मजबूत करने पर सहमति जताई है। 

इटली की पीएम मेलोनी की चेतावनी
दूसरी ओर, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने सेउटा की तस्वीरों पर चिंता जताते हुए कहा कि अनियंत्रित अवैध प्रवासन यूरोप की सीमा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और आवश्यकता पड़ने पर इटली असाधारण कदम उठाने के लिए तैयार है. मेलोनी ने X पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘सेउटा से सामने आ रही तस्वीरें बेहद चिंताजनक हैं और एक बार फिर यह साबित करती हैं कि अनियंत्रित अवैध प्रवासन यूरोप की सीमाओं की सुरक्षा के लिए एक वास्तविक खतरा है. मैंने गृह मंत्री माटेओ पियांतेदोसी से बातचीत की है. इटली मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगा. हम संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं की बैठक बुला रहे हैं और इन बैठकों के बाद हम सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए असाधारण कदम उठाने के लिए तैयार हैं. इनमें स्पेन के साथ शेंगेन क्षेत्र (Schengen Area) की व्यवस्था को निलंबित करना भी शामिल हो सकता है. अवैध प्रवासन के मुद्दे पर हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे. सीमाओं की रक्षा करना, मानव तस्करों पर सख्त कार्रवाई करना और अवैध प्रवासियों की प्रभावी वापसी (रिपैट्रिएशन) सुनिश्चित करना इस सरकार की नीति आगे भी बनी रहेगी। 

सेउटा और मेलिला अफ्रीका में स्थित स्पेन के दो छोटे क्षेत्र हैं, जो यूरोपीय संघ और अफ्रीका के बीच एकमात्र लैंड बॉर्डर का प्रतिनिधित्व करते हैं. वर्ष 2021 में भी सेउटा में ऐसा ही बड़ा संकट सामने आया था, जब मात्र दो दिनों में लगभग 8,000 प्रवासी सीमा पार कर स्पेनिश क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे. मौजूदा घटनाक्रम ने एक बार फिर यूरोप में अवैध प्रवासन, सीमा सुरक्षा और मानवीय संकट को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 

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