,

उच्च शिक्षा में बेटियों ने रचा नया कीर्तिमान : प्रवेश आधारित जेंडर पैरिटी इंडेक्स 1.71

भोपाल  उच्च शिक्षा अंतर्गत "ई-प्रवेश सत्र 2026-27 में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रत्येक 100 छात्रों पर 171 छात्राओं के प्रवेश के साथ प्रवेश आधारित जेंडर पैरिटी इंडेक्स (जीपीआई) 1.71 का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित होना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह उपलब्धि छात्राओं की प्रतिभा, अभिभावकों के अटूट विश्वास तथा…

उच्च शिक्षा में बेटियों ने रचा नया कीर्तिमान : प्रवेश आधारित जेंडर पैरिटी इंडेक्स 1.71

भोपाल 

उच्च शिक्षा अंतर्गत "ई-प्रवेश सत्र 2026-27 में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रत्येक 100 छात्रों पर 171 छात्राओं के प्रवेश के साथ प्रवेश आधारित जेंडर पैरिटी इंडेक्स (जीपीआई) 1.71 का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित होना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह उपलब्धि छात्राओं की प्रतिभा, अभिभावकों के अटूट विश्वास तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे दूरदर्शी एवं छात्र-केंद्रित सुधारों का प्रतिफल है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों, समान अवसर सुनिश्चित करने के संकल्प तथा उच्च शिक्षा विभाग की सरल, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं विद्यार्थी-केंद्रित ई-प्रवेश व्यवस्था ने प्रदेश की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खोले हैं। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने उच्च शिक्षा विभाग की ई-प्रवेश प्रक्रिया के नवीनतम आँकड़ों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कही।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि स्नातक, स्नातकोत्तर तथा शिक्षक शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर छात्राओं की उल्लेखनीय भागीदारी यह सिद्ध करती है कि प्रदेश की बेटियाँ उच्च शिक्षा के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए प्रतिमान स्थापित कर रही हैं। यह उपलब्धि केवल प्रवेश के आँकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण, सामाजिक चेतना, गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी उच्च शिक्षा तथा विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी उपलब्धि है। मैं इस ऐतिहासिक सफलता के लिए सभी छात्राओं, उनके अभिभावकों तथा उच्च शिक्षा विभाग के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, प्राचार्यों, प्राध्यापकों एवं प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक सदस्य को हार्दिक बधाई देता हूँ।

यूजी, पीजी एवं एनसीटीई में छात्राओं की उल्लेखनीय बढ़त

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ई-प्रवेश प्रक्रिया में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) तथा शिक्षक शिक्षा (एनसीटीई) पाठ्यक्रमों में अब तक 5 लाख 29 हजार 484 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इनमें 3 लाख 34 हजार 454 छात्राएँ (63.2 प्रतिशत) तथा 1 लाख 95 हजार 30 छात्र (36.8 प्रतिशत) हैं, इस प्रकार कुल प्रवेशित विद्यार्थियों में लगभग दो-तिहाई भागीदारी छात्राओं की रही है।

प्रत्येक 100 छात्रों पर 171 छात्राओं का प्रवेश

प्रवेश आँकड़ों के विश्लेषण के अनुसार प्रदेश का प्रवेश आधारित जेंडर पैरिटी इंडेक्स (जीपीआई) 1.71 दर्ज किया गया है अर्थात प्रत्येक 100 छात्रों पर 171 छात्राओं ने प्रवेश प्राप्त किया है। यह आँकड़ा उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, सामाजिक विश्वास तथा शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की प्रगतिशील सोच का सशक्त प्रमाण है।

यूजी, पीजी एवं शिक्षक शिक्षा – तीनों श्रेणियों में छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन

स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में 3 लाख 64 हजार 867 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 2 लाख 21 हजार 529 छात्राएँ तथा 1 लाख 43 हजार 338 छात्र हैं। यूजी में छात्राओं की हिस्सेदारी 60.7 प्रतिशत रही तथा प्रवेश आधारित जीपीआई 1.55 दर्ज किया गया।

स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में 1 लाख 15 हजार 569 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त किया। इनमें 80 हजार 175 छात्राएँ तथा 35 हजार 394 छात्र शामिल हैं। पीजी में छात्राओं की भागीदारी 69.4 प्रतिशत रही तथा प्रवेश आधारित जीपीआई 2.27 दर्ज किया गया अर्थात प्रत्येक 100 छात्रों पर 227 छात्राओं ने प्रवेश लिया।

शिक्षक शिक्षा (एनसीटीई) पाठ्यक्रमों में 49 हजार 48 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 32 हजार 750 छात्राएँ तथा 16 हजार 298 छात्र हैं। इस श्रेणी में छात्राओं की हिस्सेदारी 66.8 प्रतिशत रही तथा प्रवेश आधारित जीपीआई 2.01 दर्ज किया गया। अर्थात प्रत्येक 100 छात्रों पर 201 छात्राओं ने प्रवेश प्राप्त किया।

प्रवेश आँकड़े स्पष्ट करते हैं कि उच्च शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर छात्राओं की भागीदारी निरंतर सुदृढ़ हो रही है। विशेष रूप से स्नातकोत्तर एवं शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रमों में छात्राओं की उल्लेखनीय उपस्थिति महिला सशक्तिकरण, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक उनकी बढ़ती पहुँच तथा उच्च शिक्षा विभाग की पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-सक्षम एवं छात्र-केंद्रित प्रवेश व्यवस्था की सफलता का सशक्त प्रमाण है।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports