,

बेटियों की खास कैबिनेट से मिले CM डॉ. मोहन यादव, बोले- AI का करें सही और जिम्मेदार इस्तेमाल

बेटियों की खास कैबिनेट से मिलकर गदगद हुए डॉ. मोहन यादव, बताया कितना और कैसे इस्तेमाल करें AI – कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम – ' किताब से कल तक' कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं के साथ किया संवाद – छात्राओं के मंत्रि-मंडल को मुख्यमंत्री ने बैठाया मंच…

बेटियों की खास कैबिनेट से मिले CM डॉ. मोहन यादव, बोले- AI का करें सही और जिम्मेदार इस्तेमाल

बेटियों की खास कैबिनेट से मिलकर गदगद हुए डॉ. मोहन यादव, बताया कितना और कैसे इस्तेमाल करें AI

– कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम
– ' किताब से कल तक' कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं के साथ किया संवाद
– छात्राओं के मंत्रि-मंडल को मुख्यमंत्री ने बैठाया मंच पर, समझी पूरी कार्यवाही
– सीएम डॉ. यादव ने शिक्षकों के साथ भी किया संवाद, साझा किए विचार

भोपाल
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अपनी कैबिनेट है। लेकिन, 5 अगस्त को उनका परिचय एक और खास कैबिनेट से हुआ। यह कैबिनेट थी भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय की। इस कैबिनेट से मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव गदगद हो गए। उन्होंने बाकायदा स्कूल की कैबिनेट को मंच पर अपने पास बैठाया और कार्रवाई को समझा। एक तरफ उन्होंने छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, तो दूसरी ओर उनके संवाद से भी नया अनुभव लिया। दरअसल, स्कूल में 'किताब से कल तक' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि वे एआई का कितना और कैसे इस्तेमाल करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं को सड़क पर घायल राहगीरों की सहायता करने का संदेश दिया। छात्राओं के बाद सीएम डॉ. यादव ने शिक्षकों से भी संवाद कर विचार साझा किए। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय के परिसर में मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। मैं आपका भाई हूं। मैं भी सरकारी स्कूल से ही पढ़ा हूं। हां, इतने अच्छे स्कूल से नहीं पढ़ा हूं। हमारे समय स्कूल अलग प्रकार के होते थे। आप सभी भाग्यशाली हैं जो आपको इतना सुंदर परिसर पढ़ने के लिए मिला है। परमात्मा ने आप पर विशेष कृपा करके आपका जन्म थोड़ी देर से किया, ताकि आप अच्छे स्कूल में पढ़ सकें। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि भारत की विशेषता है कि उसे दुनिया में बहुत मान-सम्मान मिलता है। भारत को लोग आदर से देखते हैं। भारत का संधि विच्छेद करें तो भा का अर्थ है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए और रत का मतलब है लीन। जो अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने में लीन है उसे कहते हैं भारत। इसी तरह गुरु शब्द का भी अर्थ है। भारत के संस्कारयुक्त जीवन के कारण उसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। हमें संस्कार संस्कृति से मिलते हैं। हमारी संस्कृति जियो और जीने दो की है, वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति है। हम अपना जीवन सभी के भले में लगाएं। उन्होंने कहा कि भारत ने ऋषि-मुनियों के मार्गदर्शन में अच्छी व्यवस्था खड़ी की। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था पर गर्व कर सकते हैं। कई देश हैं जो धन संग्रह करना जानते हैं , लेकिन इस ज्यादा संग्रह से वे लंबे समय तक टिके नहीं रह सकते। देश लंबा चलता है मूल संस्कारों से, हमारी अच्छाइयों से। 

कैबिनेट के सदस्यों से मिले सीएम डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूछा कि मैं यहां आया तो मुझे पता चला कि स्कूल में छात्राओं की कैबिनेट भी है। उन्होंने स्कूल कैबिनेट के सदस्यों को मंच बुलाया और सबका परिचय लिया। 12वीं क्लास की शिवानी ने सीएम डॉ. यादव को बताया कि मैं स्कूल की स्पोर्ट्स मिनिस्टर हूं। मैं स्पोर्ट्स पसंद करने वाले बच्चों के मन की बात शिक्षकों को बताती हूं। 12वीं कक्षा की सपना गिरी ने बताया कि मैं कल्चरल मिनिस्टर हूं। स्कूल में जितने सांस्कृतिक प्रोग्राम होते हैं, मैं उन्हें देखती हूं। 11वीं क्लास की दीपिका परते ने बताया कि मेरा काम अनुशासन बनाकर रखना है। मेरा काम छात्रों को सही मार्ग दिखाना है। शालिनी परतेले ने बताया कि मैं डिसिप्लीन मिनिस्टर हूं। मैं स्कूल का अनुशासन बनाए रखती हूं। ये सुनकर सीएम डॉ. मोहन यादव मुस्कुराए। उन्होंने कहा कि अनुशासन बनाने वाले के प्रति लोग नाराज रहते हैं। इस पर शालिनी ने जब कहा कि सारे बच्चे अच्छे हैं तो सीएम डॉ. यादव हंस पड़े। स्कूल की कैबिनेट मेंबर स्नेहा ने बताया मैं स्कूल की हैड गर्ल हूं। मैं कैबिनेट के काम के साथ-साथ स्कूल की व्यवस्थाओं को भी देखती हूं। डिप्टी हैड गर्ल सालेह खान ने बताया कि मैं स्कूल की व्यवस्था में हाथ बंटाती हूं। सेक्रेटरी भावना पाठे ने बताया कि मैं सीनियर्स की मदद करती हूं, जो काम बताया जाता है वो करती हूं। स्कूल की कैबिनेट ने बताया कि वे महीने में एक बार टीचरों के साथ मीटिंग करती है। ये कैबिनेट एक साल के लिए बनती है। बच्चे वोट देते हैं। जैसे चुनाव होते हैं, वैसे ही यहां कैबिनेट बनती है। बाकायदा कैंपेंनिंग होती है। कैबिनेट पूरे साल का कैलेंडर बनता है। और, अगर कोई खराब काम करता है उसे हटा भी दिया जाता है। 

इतना खास है यह स्कूल
स्कूल टीचर शिवानी शर्मा ने बताया कि वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से सांदीपनि विद्यालय के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां नर्सरी से कक्षा 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। सांदीपनि विद्यालय में इन्हें सर्व सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। यहां विज्ञान, वाणिज्य और कला सहित अन्य पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय में स्मार्ट क्लासेस, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, लाइब्रेरी है। स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से क्लासेस का संचालन होता है। कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय को हरित विद्यालय श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर नामित किया गया है। राज्य स्तर पर स्कूल सर्टिफिकेशन में विद्यालय को सिल्वर अवॉर्ड मिला है। बोर्ड परीक्षाओं में परिणाम शत प्रतिशत रहा है। विद्यालय में कैबिनेट गठित करने के लिए ईवीएम ऐप से चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराते हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी चुनाव के लिए नामांकन करते हैं और 8 से 12वीं तक के विद्यार्थी वोटिंग करते हैं। 

अपना दिमाग जरूर लगाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय देश के सबसे अच्छे विद्यालय हैं। कमला नेहरू स्कूल के 58 बच्चे मेरिट में उत्तीर्ण हुए हैं, यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। आज निजी विद्यालयों के बच्चे भी सांदीपनि विद्यालयों में आने के लिए लालायित हैं। बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर, सेना में अफसर बनें। विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है। अगर देश के लोकतंत्र को जीवित रखना है तो राजनीति में भी आने पड़ेगा। युवा शिक्षित होकर कृषि, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से आगे बढ़ें। देश और प्रदेश को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएं। राज्य सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं तैयार की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से पूछा- किताब से कल तक विषय का क्या अर्थ है? छात्रा एकता राजौरिया ने बताया कि किताब से कल तक अर्थ है कि आज बच्चे जो कुछ पढ़ रहे हैं, उसका जीवन में क्या महत्व है। आज हम जो पढ़ रहे हैं, वहीं भविष्य को साकार बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सिलेबल की पढ़ाई केवल पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक है। छात्रा प्रिंसी वर्मा ने उनसे पूछा- क्या आप चैटजीपीटी का प्रयोग करते हैं, यदि हां तो क्या सर्च करते हैं? इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं किसी कार्यक्रम के विषय पर वर्तमान परिदृश्य में क्या नई चीजें हैं, उन्हें सर्च करता हूं। जो हमें अपने भाषण में शामिल करना चाहिए। लेकिन चैटजीपीटी हो या ग्रोक्स, जिसने भी एआई टूल्स हों, ये आखिरी नहीं है। एआई का उपयोग करें, लेकिन स्वयं का दिमाग लगाएं और आंकड़ों को क्रॉस चेक जरूर करें।

भाई-बहनों को पढ़ने के लिए करें प्रेरित
छात्रा लारा खत्री ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या आप इंस्टाग्राम यूज करते हैं और किसे फॉलो करते हैं? इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया के जमाने में हर राजनेता को वर्तमान जरूरतों के साथ चलना पड़ता है। इंस्टाग्राम भी हमें इस्तेमाल करना पड़ता है। मैं पीएम सर को फॉलो करता हूं। छात्रा एकता राजौरिया ने पूछा कि सिलेबस के साथ और कौनसी पुस्तकें पढ़ें, जो हमारे सामान्य ज्ञान को बढ़ाएं? सीएम डॉ. यादव ने कहा कि पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम की पढ़ाई के अलावा हमें अपने जीवन का लक्ष्य तय करके आगे बढ़ना चाहिए। टारगेट से जुड़े विषयों के अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए। ईश्वर ने हमें विशेष गुण दिया है कि जो जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है। मैंने नौकरी नहीं की, खेती की और व्यवसाय किया। बेटी को डॉक्टर बनाया। अपने छोटे भाई-बहनों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। छात्रा अयोध्या- आपने डॉक्टरेट (पीएचडी) तक की पढ़ाई और खेल विधा में पारंगत होने के लिए कैसे बैलेंस किया? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिए भी समय निकालें। अपनी दिनभर की दिनचर्या निर्धारित करें। इसमें खेलकूद के लिए भी टाइम दें। सोच-विचार के लिए थोड़ा खाली समय भी निकालें। मैं सीएम हाउस में रहते हुए भी नियमित स्वाध्याय करता हूं। डायरी लिखता हूं और आगे करने वाले कार्यों की लिस्ट बनाता हूं। पिछले कार्यों का मूल्यांकन भी करता हूं। जब मैं उज्जैन विकास प्राधिकरण का चेयरमैन बन गया, तब भी राजनीति शास्त्र में एमए किया। उसके बाद इसी विषय में पीएचडी भी कर ली। मैं पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रखते एमबीए भी किया। जीवन में पढ़ाई का दौर चलता रहना चाहिए। पढ़ने के लिए सिर्फ डिग्री जरूरी नहीं है, बल्कि यह मन की जिज्ञासा को शांत करने के लिए होनी चाहिए। अध्ययन के लिए जीवन में अनुशासन की भी आवश्यकता होती है। लोगों के सामने अपने ज्ञान के प्रदर्शन का तरीका व्यक्तित्व को निखारता है।

इस तरह कम करें तनाव
छात्रा आकांक्षा ने पूछा कि आप तनाव को हैंडिल करने के लिए क्या करते हैं? इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जिस स्थिति में हो, अपने मन को पहले से तैयार कर लें। मैं संगीत सुनता हूं, योग और व्यायाम भी करता हूं। तनाव कम करने के लिए दिन के साथ रात में नींद का भी समय निर्धारित करें। छात्रा निकिता कटारा ने पूछा कि आपने इतने सुंदर विद्यालयों के नाम सांदीपनि क्यों रखा? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता हुई। मित्रता को जीवनभर निभाना चाहिए। महर्षि सांदीपनि आश्रम के नाम पर ऐसे विद्यालयों के नाम रखे गए हैं। छात्रा शालिनी पटेल ने पूछा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिना थके, निरंतर समाज हित में काम करते रहें और नई तकनीक को इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।

शिक्षकों के साथ हुआ आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षकों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी पढ़-लिखकर उन्नत खेती करें, राजनीति में आएं, सैनिक बनकर देश सेवा करें। व्यवसाय शुरू कर स्वावलंबी बनें, दूसरों को भी रोजगार प्रदान करें। इन सभी कार्यों के लिए शिक्षक उन्हें प्रेरित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों से हल्के अंदाज में विज्ञान के रहस्यों और पारिवारिक जीवन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यत पिंडे तत ब्राह्मांडे, जैसा हमारा शरीर है, वैसा ही ब्रह्मांडे। व्यक्ति को प्रत्येक सांस के साथ जीवन मिलता है। हमारा पिंड हर पल बदलता है। उज्जैन में वैधशाला पर तो परछाई भी साथ छोड़ देती है।  एक शिक्षिका ने बताया कि सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में कक्षाओं की शुरुआत आत्मीयता के साथ खुशनुमा माहौल में होती है। बच्चों को समूह में एक्टिविटी करवाई जाती है। शिक्षकों के प्रयास से विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports