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मध्य प्रदेश में 3 दिन भारी बारिश के आसार, अब तक 19% कम बरसात; 49 जिले बारिश की कमी से जूझ रहे

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब तक उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। प्रदेश में इस सीजन अब तक 16.3 इंच (413.3 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 18-19% कम है। लगातार कम बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। हालांकि, मौसम विभाग…

मध्य प्रदेश में 3 दिन भारी बारिश के आसार, अब तक 19% कम बरसात; 49 जिले बारिश की कमी से जूझ रहे

भोपाल
 मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब तक उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। प्रदेश में इस सीजन अब तक 16.3 इंच (413.3 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 18-19% कम है। लगातार कम बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे बारिश के घाटे की कुछ हद तक भरपाई होने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि केवल 6 जिले ही सामान्य या उससे अधिक वर्षा वाले क्षेत्र में हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी माइनस में चल रहा है।

5 बड़े शहरों में सिर्फ ग्वालियर आगे
प्रदेश के प्रमुख शहरों में केवल ग्वालियर में औसत से 7% अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं भोपाल में 7%, इंदौर में 2%, उज्जैन में 14% और जबलपुर में 29% कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। लगातार कम वर्षा का असर खेती, जलाशयों और पेयजल व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह और निवाड़ी जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश की संभावना जताई है।

3 दिन तेज बारिश, उत्तरी हिस्सा भीगेगा मौसम केंद्र (IMD) की मानें तो अगले 3 दिन प्रदेश के उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यदि सिस्टम स्ट्रॉन्ग रहा और तेज बारिश का दौर लगातार चला तो बारिश के आंकड़े में सुधार आने की उम्मीद है। गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में भारी बारिश का अलर्ट है।

वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी एक्टिव मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी एक्टिव है, जिसका असर अगले कुछ दिनों में प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस वजह से लगातार तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

प्रदेश में कोटे की आधी बारिश भी नहीं मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत 16.3 इंच (413.3 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 20 इंच (507.2 मिमी) पानी गिर जाना था। इस तरह 3.7 इंच यानी 19% बारिश कम हुई है। इस सीजन में अब तक हुई बारिश कोटे की आधी भी नहीं है।

वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदलेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, प्रदेश में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश का दौर बना रह सकता है। यदि यह सिस्टम मजबूत बना रहा तो प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में तेजी से सुधार देखने को मिल सकता है।

कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस समय तक प्रदेश में 20 इंच (507.2 मिमी) बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 16.3 इंच ही बारिश हुई है। यानी प्रदेश में करीब 3.7 इंच बारिश की कमी बनी हुई है। इस सीजन में अब तक सामान्य बारिश का आधा लक्ष्य भी पूरा नहीं हो सका है।

गुरुवार को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने गुरुवार के लिए ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिन प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

जून के बाद जुलाई में भी आंकड़ा कम मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से बारिश का आंकड़ा बढ़ा। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिनों तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। इसके बावजूद जुलाई में 13% कम बारिश हुई है।

प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिलों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक होती है।

 

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