,

मंत्री सारंग ने सेमिनार की तैयारियों का लिया जायजा

भोपाल प्रदेश में घुड़सवारी खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने एवं इसके समग्र विकास और प्रोत्साहन के उद्देश्य से 8 अगस्त को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी में राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। सेमिनार में देशभर के प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों, विशेषज्ञों, इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों तथा…

मंत्री  सारंग ने सेमिनार की तैयारियों का लिया जायजा

भोपाल

प्रदेश में घुड़सवारी खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने एवं इसके समग्र विकास और प्रोत्साहन के उद्देश्य से 8 अगस्त को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी में राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। सेमिनार में देशभर के प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों, विशेषज्ञों, इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों तथा सरकारी एवं निजी प्रशिक्षण संस्थानों की सहभागिता रहेगी। सेमिनार की तैयारियों को लेकर खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को टी.टी. नगर स्टेडियम स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

घुड़सवारी खेल के समग्र विकास के लिए तैयार होगा दीर्घकालीन रोडमैप

बैठक में मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रदेश में घुड़सवारी खेल के लिए एक सशक्त और दीर्घकालीन इकोसिस्टम विकसित करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस सेमिनार में देशभर के अनुभवी प्रशिक्षकों, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों, विशेषज्ञों, इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया, निजी प्रशिक्षण केन्द्रों तथा प्रदेश के प्रमुख सरकारी एवं निजी संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। उनके अनुभवों एवं सुझावों के आधार पर मध्यप्रदेश में घुड़सवारी खेल के विकास के लिए एक व्यापक एवं दीर्घकालीन रोडमैप तैयार किया जाएगा। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेमिनार को उच्च गुणवत्ता एवं प्रभावी परिणामों वाला आयोजन बनाया जाए, जिससे खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं संस्थानों के बीच ज्ञान, तकनीक एवं अनुभवों का आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली, वैज्ञानिक कोचिंग, उत्कृष्ट अधोसंरचना, प्रतिभा खोज, खिलाड़ियों के कौशल विकास तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के सुझाव राज्य की भविष्य की खेल नीति को नई दिशा देंगे।

देश के शीर्ष घुड़सवारी विशेषज्ञ करेंगे सहभागिता

राष्ट्रीय सेमिनार में देश के प्रतिष्ठित घुड़सवारी प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें कैप्टन सुनील कुमार (जीजी इक्वेस्ट्रियन स्पोर्ट्स एकेडमी, दिल्ली), राकेश कुमार (आरवीसी सेंटर, मेरठ), कैप्टन पलविंदर सिंह (सेवानिवृत्त, आरवीसी सेंटर, मेरठ), एम.जे.एस. राठौर (आरवीसी सेंटर, मेरठ) तथा कर्नल आर.एस. आहलूवालिया (हरियाणा इक्वेस्ट्रियन एसोसिएशन) प्रमुख रूप से शामिल होंगे।

प्रदेश के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों की रहेगी सहभागिता

सेमिनार में मध्यप्रदेश के प्रमुख सरकारी एवं निजी घुड़सवारी प्रशिक्षण केन्द्रों को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें रीवा एनसीसी, महू एनसीसी, उज्जैन राइडिंग क्लब, एमपी राइडिंग क्लब (इंदौर), आर-9 स्टेबल्स (इंदौर), स्काई द हॉर्स अकादमी (भोपाल), डीपीएस भोपाल इक्वेस्ट्रियन प्रोग्राम, दून इंटरनेशनल स्कूल (जबलपुर), इंदौर पब्लिक स्कूल, डेली कॉलेज (इंदौर) तथा जनूमार राइडिंग स्कूल सहित अनेक संस्थान शामिल होंगे।

घुड़सवारी खेल को मिलेगी नई दिशा

मंत्री  सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर का यह सेमिनार मध्यप्रदेश में घुड़सवारी खेल के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, प्रशिक्षकों की क्षमता वृद्धि, युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

बैठक में खेल विभाग के सचिव  संजीव सिंह, संचालक  अंशुमन यादव, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित राज्य घुड़सवारी अकादमी के प्रशिक्षक उपस्थित रहे।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports