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शिक्षकों को छुट्टी के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, नई व्यवस्था लागू

पटना शिक्षकों को अब अपनी छुट्टी मंजूर कराने को ले शिक्षा विभाग के जिला स्तर पर काम कर रहे दफ्तराें की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। छुट्टी मंजूरी के लिए जो अवैध सिस्टम सक्रिय रहता है वहां कोई राशि भी खर्च नहीं करनी पड़ेगी। छुट्टी के आवेदन और उसकी मंजूरी की व्यवस्था को शिक्षा विभाग पूरी…

शिक्षकों को छुट्टी के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, नई व्यवस्था लागू

पटना
शिक्षकों को अब अपनी छुट्टी मंजूर कराने को ले शिक्षा विभाग के जिला स्तर पर काम कर रहे दफ्तराें की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

छुट्टी मंजूरी के लिए जो अवैध सिस्टम सक्रिय रहता है वहां कोई राशि भी खर्च नहीं करनी पड़ेगी। छुट्टी के आवेदन और उसकी मंजूरी की व्यवस्था को शिक्षा विभाग पूरी तरह से ऑनलाइन करने जा रहा। जिला में इस काम के लिए अलग से पोर्टल शुरू किए जा रहे।

इस तरह काम करेगी नई व्यवस्था
छुट्टी के लिए बन रहा पोर्टल संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक की देखरेख में काम करेगा। शिक्षक अपने नियंत्री अधिकारी के अनुसार छुट्टी का आवेदन इस पोर्टल पर कर सकेंगे।

उसमें शिक्षकों को अपना मोबाइल नंबर भी देना होगा। पोर्टल की व्यवस्था इस तरह से रहेगी कि छुट्टी का आवेदन करते ही संबंधित शिक्षक के मोबाइल पर आवेदन किए जाने की सूचना आ जाएगी।

यह व्यवस्था की जा रही कि आवेदन के 24 घंटे के भीतर ही संबंधित अधिकारी को शिक्षक के आवेदन का निष्पादन करना है। आवेदन निष्पादन यानी छुट्टी मंजूर होते ही संबंधित शिक्षक के मोबाइल पर इसकी जानकारी आ जाएगी। पूरी व्यवस्था में शिक्षक को न तो शिक्षा विभाग के संबंधित दफ्तर जाना है और न ही किसी व्यक्ति से भेंट करने की जरूरत पड़ेगी।

शिक्षकों की छुट्टी का पूरा ब्योरा उपलब्ध रहेगा पोर्टल पर
शिक्षकों की छुट्टी के लिए बन रहे पोर्टल पर शिक्षकों की छुट्टी का पूरा ब्योरा उपलब्ध रहेगा। संबंधित शिक्षक के पास मेडिकल लीव, सीएल व अन्य तरह के कितने अवकाश शेष हैं उसी के आधार पर छुट्टी के आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा।

इसके बारे में शिक्षकों को उनके मोबाइल पर स्वत: जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। शिक्षकों को अपने आवेदन में यह बताना होगा कि वह किस तरह की छुटी लेना चाहते हैं।

शिक्षा मंत्री ने दिया है निर्देश
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं इस बारे में निर्देश दिए हैं। पोर्टल शुरू करने पर जो भी राशि खर्च होगी वह शिक्षा विभाग करेगा।

यह व्यवस्था सभी जिलों में लागू होने से पारदर्शिता भी रहेगी। शिक्षकाें की छुट्टी मंजूरी में कई तरह के भ्रष्टाचार की भी शिकायतें मिलती थीं। यह व्यवस्था लागू होने से वह भी खत्म हो जाएगी।

 

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