,

मनेन्द्रगढ़ में नशे के खिलाफ जनजागरण, मीडिया ने लिया स्वस्थ युवा और विकसित भारत का संकल्प

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नशा केवल व्यक्ति के जीवन को नहीं निगलता, बल्कि परिवार की खुशियों, समाज की शांति और देश की युवा शक्ति को भी भीतर से कमजोर करता है। इसी सामाजिक चुनौती के खिलाफ रविवार को मनेन्द्रगढ़ में जनजागरण की एक सशक्त आवाज सुनाई दी। होटल हसदेव इन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला-सह-वार्तालाप में पत्रकारों ने…

मनेन्द्रगढ़ में नशे के खिलाफ जनजागरण, मीडिया ने लिया स्वस्थ युवा और विकसित भारत का संकल्प

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी
नशा केवल व्यक्ति के जीवन को नहीं निगलता, बल्कि परिवार की खुशियों, समाज की शांति और देश की युवा शक्ति को भी भीतर से कमजोर करता है। इसी सामाजिक चुनौती के खिलाफ रविवार को मनेन्द्रगढ़ में जनजागरण की एक सशक्त आवाज सुनाई दी। होटल हसदेव इन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला-सह-वार्तालाप में पत्रकारों ने नशा मुक्त युवा और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया।
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), रायपुर एवं जिला प्रशासन मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का केंद्र बिंदु “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान” रहा। जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को संवाद का व्यापक मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों और पत्रकारों ने नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों, युवाओं को इससे बचाने की आवश्यकता और समाज में जागरूकता फैलाने के प्रभावी माध्यमों पर विचार साझा किए।

मीडिया बने बदलाव की आवाज
वार्तालाप में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी अभियानों तक सीमित नहीं रह सकती। इसे परिवार, विद्यालय, समाज और मीडिया की सामूहिक भागीदारी से जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया नशे के दुष्परिणामों को सामने लाने के साथ-साथ सकारात्मक और प्रेरणादायी कहानियों को समाज तक पहुंचाकर युवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पत्रकारों ने माना कि खबरों के माध्यम से जागरूकता, नशामुक्ति प्रयासों की जानकारी और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों को प्रभावी ढंग से सामने लाना समय की आवश्यकता है। जब कलम समाज की चिंता को अपनी आवाज बनाती है, तो उसका प्रभाव दूर तक दिखाई देता है।

सीबीसी की प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) द्वारा लगाई गई दृश्य-चित्र प्रदर्शनी रही। प्रदर्शनी में नशे के दुष्प्रभावों, युवाओं के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए किए जा रहे सरकारी प्रयासों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी ने उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। चित्रों और संदेशों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया गया कि नशे से दूरी केवल व्यक्तिगत संकल्प नहीं, बल्कि स्वस्थ परिवार और मजबूत समाज के निर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस पांच घंटे के आयोजन में जिलेभर से पहुंचे पत्रकारों ने नशामुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपने सुझाव और विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन सह-भोज के आत्मीय वातावरण में हुआ।
यह आयोजन महज एक कार्यशाला नहीं, बल्कि उस सामाजिक जिम्मेदारी की याद दिलाने वाला अवसर बना, जिसमें हर जागरूक नागरिक, हर परिवार और हर मीडिया कर्मी की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, हुनर, खेल और रचनात्मकता की राह चुनें, तो यही ऊर्जा विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports