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Ola-Uber और Rapido के खिलाफ टैक्सी चालकों में रोष, मनमानी पर घेराव की चेतावनी

भोपाल. एग्रीगेटर कंपनियों की किराया नीति और कथित मनमानी से परेशान टैक्सी चालकों का आंदोलन अब प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है। शनिवार को चिनार पार्क में भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में तय किया गया कि 15 अगस्त को बोट…

Ola-Uber और Rapido के खिलाफ टैक्सी चालकों में रोष, मनमानी पर घेराव की चेतावनी

भोपाल.

एग्रीगेटर कंपनियों की किराया नीति और कथित मनमानी से परेशान टैक्सी चालकों का आंदोलन अब प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है। शनिवार को चिनार पार्क में भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया।

बैठक में तय किया गया कि 15 अगस्त को बोट क्लब से लालघाटी तक बड़ी रैली निकाली जाएगी। इसके बाद 18 से 20 अगस्त के बीच प्रदेशभर के ड्राइवर भोपाल में जुटकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। आंदोलन की अंतिम तारीख जल्द घोषित की जाएगी। टैक्सी यूनियन के नफीसउद्दीन ने कहा कि मध्य प्रदेश में टैक्सी किराया तय करने के लिए कोई स्पष्ट सरकारी नीति नहीं है। इसी का फायदा ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियां उठा रही हैं और अपनी मर्जी से रेट घटा-बढ़ा रही हैं। इसका सीधा नुकसान वाहन चालक और मालिक को हो रहा है।

संघ ने तैयार किया किराया मॉडल
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त की रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी। इसका मकसद टैक्सी चालकों की ताकत दिखाना और सरकार तक मांगें पहुंचाना है। भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने कहा कि सरकार तुरंत किराया की गाइडलाइन बनाए। संघ ने किराया तय करने का एक मॉडल भी दिया है। जिसके अनुसार बेस फेयर 50 से 60 रुपये प्रति राइडटाइम चार्ज करने की मांग है। वहीं टाइम चार्ज एक से 1.50 रुपये प्रति मिनट प्रति किलोमीटर हो, जो गाड़ी की श्रेणी के अनुसार 22 से 30 रुपये हो जाएगा। संगठन की मांग है कि पहले सरकार किराया तय करे और फिर कंपनियों को उसी दर पर संचालन के निर्देश दिए जाएं। साथ ही निजी नंबर वाले वाहनों और अवैध बाइक टैक्सी पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।

आय घटने से परेशान हैं चालक
राजेश नागले ने कहा कि कंपनियां पहले बेस फेयर, टाइम चार्ज और किलोमीटर तीनों का पैसा देती थीं, लेकिन अब सिर्फ दूरी के हिसाब से भुगतान हो रहा है। ईंधन, बीमा, किस्त और रखरखाव के खर्च बढ़ गए हैं, लेकिन आय घट रही है। कई ड्राइवरों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। केवल 20-30 प्रतिशत किराया बढ़ा देने से चालकों की लागत, ईंधन और वाहन की किस्त का खर्च नहीं निकल पाता। यदि संघ का प्रस्तावित मॉडल लागू होता है तो कई रूटों का किराया बदल सकता है।

प्रस्तावित किराया –
– अरेरा हिल्स से एयरपोर्ट: वर्तमान 246-282 रुपये की जगह 416 से 552 रुपये तक।
– न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन: वर्तमान 95-108 रुपये की जगह 205 से 270 रुपये तक।
– लालघाटी से एमपी नगर: वर्तमान 152-167 रुपये की जगह 302 से 401 रुपये तक।

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